Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 3:1 लूका 3:2 लूका 3:3 लूका 3:4 लूका 3:5 लूका 3:6 लूका 3:7 लूका 3:8 लूका 3:9 लूका 3:10 लूका 3:11 लूका 3:12 लूका 3:13 लूका 3:14 लूका 3:15 लूका 3:16 लूका 3:17 लूका 3:18 लूका 3:19 लूका 3:20 लूका 3:21 लूका 3:22 लूका 3:23 लूका 3:24 लूका 3:25 लूका 3:26 लूका 3:27 लूका 3:28 लूका 3:29 लूका 3:30 लूका 3:31 लूका 3:32 लूका 3:33 लूका 3:34 लूका 3:35 लूका 3:36 लूका 3:37 लूका 3:38



लूका 3:17 का अर्थ और संदर्भ
इस आयत में मसीह-उद्धारकर्ता के आग से साफ और निर्णायक कार्य की छवि दिखाई देती है: वह हक से खत्ते को चुनेगा, भूसी को आग में जला देनी है और चूड़ा को सुरक्षित रखेगा। यह जातीय तिरोहण और परमिशुद्ध प्रहरी की कार्यशीलता का प्रतीक है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यूहन्ना बूढ़ी सभा के बीच प्रकट होते हैं और वे लोगों को प्रायश्चित्त के लिए तैयार करा रहे हैं। इस वक्त ख्रीस्त के लिए यह दृश्य रूप से यह बताता है कि उद्धारकर्ता संकट और न्याय के साथ आता है: जो निशान भूसी का है, वह पकड़ा जाएगा, और जो सचमुच गेहूँ है, उसको सुरक्षित कर लिया जाएगा। यह युक्ति पुराने नियम के तीर्थ-परिक्षण और शुद्धिकरण के दृश्य से जुड़ी है—तेज आग में भूसी जल जाती है, किन्तु गेहूँ खत्ते में एकत्र होता है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
चर्चित उद्धरणों से संबंधित विचार
यहां तक कि मैथ्यू हेन्जी (Matthew Henry) और एल्बर्ट बार्न्स (Albert Barnes) तथा एडम क्लार्क (Adam Clarke) के सामान्य विचारों के अनुरूप, आग और निष्कपट चयन की छवि यह बताती है कि न्यायोचित निर्णयन के बिना धर्म केवल बाहरी दिखावा रह सकता है।
यदि आप चाहें, तो इन टिप्पणीकारों के प्रभावी बिंदुओं के छोटे संकेत इस प्रकार हैं: यह उद्धारकर्ता के आग४हर्ता रूप का संकेत है; जो सचमुच संघ-पात्र है वह सुरक्षित रहता है, अन्यथा भस्म हो जाता है।
क्रॉस-रेफरენს (संक्षेप में) और स्पष्ट व्याख्या
1) कुलपुण के परीक्षण से जुड़े अन्य स्थान: दया और न्याय के बीच संतुलन का संकेत देता है कि परमेश्वर का राज्य कैसे विकसित होता है।
2) शुद्धिकरण के कार्य से जुड़ा संदर्भ: आत्म-निःसंदेह परिवर्तन का आह्वान दिखाता है कि वे लोग जो ईश्वर के वचन को सचमुच स्वीकार करते हैं, वे जीवन की नई धार में प्रवेश करते हैं।
3) न्याय और चेषा: यह आयत हमें याद दिलाती है कि उद्धार के लिए सही दिशा यही है कि हृदय में परमेश्वर के साथ मिलन हो और बाहरी रीति-रिवाजों से अधिक आंतरिक सत्य की खोज हो।
संक्षिप्त थीम-निर्देश
व्यावहारिक takeaway
अपने अंतःकरण की परीक्षा करें: क्या आप बाहरी आचरण और धार्मिक दिखावे में उलझे रहते हैं या सचमुच ईश्वर के वचन के अनुसार जीवन जीने की कोशिश करते हैं?〉खच्चे-आकर्षण को छोड़कर गेहूं की तरह जीवनमूल्यों को चुनें और परमेश्वर की आग में नहीं जलें; बल्कि उसकी पवित्र खत्ते में संपूर्ण जीवन को जमा दें।
नोट: इस प्रवचनों में उपलब्ध उद्धरण केवल संदर्भ हेतु हैं; यदि आप सीधे पाठ उद्धरण चाहते हैं, तो कृपया संबंधित टिप्पणीकारों के सार्वजनिक-डोमेन लेखों को देखें।