Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 3:1 लूका 3:2 लूका 3:3 लूका 3:4 लूका 3:5 लूका 3:6 लूका 3:7 लूका 3:8 लूका 3:9 लूका 3:10 लूका 3:11 लूका 3:12 लूका 3:13 लूका 3:14 लूका 3:15 लूका 3:16 लूका 3:17 लूका 3:18 लूका 3:19 लूका 3:20 लूका 3:21 लूका 3:22 लूका 3:23 लूका 3:24 लूका 3:25 लूका 3:26 लूका 3:27 लूका 3:28 लूका 3:29 लूका 3:30 लूका 3:31 लूका 3:32 लूका 3:33 लूका 3:34 लूका 3:35 लूका 3:36 लूका 3:37 लूका 3:38



लूका 3:31 के अर्थ का संक्षिप्त स्पष्टिकरण
इस पद में जो व्यक्ति-वृक्ष या परिवार-नाम बताए गए हैं, वे ईसा मसीह के दाऊद परिवार से होने की परंपरा और परमेश्वर के वाद के अनुरूप उद्धार-दर्शी कुल-वृक्ष का संकेत देते हैं। यहां मलेआह, मिन्नाह, मत्तता, नातान, दाऊद जैसे नाम बताए गए हैं—यह कहने का तात्पर्य है कि यीशु का जन्म दाऊद के घराने से है, जो निकट भविष्य की परमेश्वर की आशाओं को स्थापित करता है।
संदर्भीय पृष्ठभूमि
लूका 3 अध्याय में यीशु के बनने वाले पृथक रूप में जन-गणना-उत्सव और प्रेरितों की तैयारी की चर्चा है। गॉस्पेल के इस भाग में जेरूसलम के बाहर पानी से बपतिस्मा लेने वाले यीशु के अग्रदत्त (जॉन बपतिस्मा देने वाले) के साथ-साथ उनके पूर्वज-वंशावली से सम्बन्ध दिखता है। यह दाऊद से शुरू होकर यीशु तक की वंशावली नहीं है, परन्तु यह नाम-श्रृंखला दाऊद के घराने के प्रति एक ऐतिहासिक याद दिलाती है जो अनुग्रह के कार्यक्रम की ठोस शुरुआत मानी जाती है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
मुख्य निष्कर्ष
संबद्ध पदावलियाँ (संक्षेप में व्याख्या)
यहां दो-तीन क्रॉस-रेफरेंसेज हैं जो इस विचार को मजबूत करते हैं—
इन संदर्भों से समझ में आता है कि यीशु का आगमन एक बड़े ऐतिहासिक और धार्मिक क्रम का कुंजी-तत्व है, जो परमेश्वर की वाचा को सत्यापित करता है।
८-१० पंक्ति का संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष
मैथ्यू हेनरी, अलबर्ट बार्न्स, एडम क्लार्क के गहन विचार (संक्षेप)
इन विशेषज्ञों के सामान्य निष्कर्ष से स्पष्ट होता है कि वंशावली का पुनरावलोकन न सिर्फ इतिहास का परिचय है, बल्कि मसीह के आने की घोषणा का निहित पाठ है—यही बपतिस्मा और उद्धार की गहन योजना की पाथवे बनती है।
यदि उपलब्ध हो, सीधे उद्धरण:
“यीशु मसीह, दाऊद का बेटा, वरदान का केन्द्र है; उसकी वंशावली में दृश्य रूप से ईश्वर की करुणा और योजना प्रतिबिम्बित होती है।”
संक्षिप्त निष्कर्षात्मक व्याख्या
लूका 3:31 का अर्थ है—मसीह का आना दाऊद के घराने की गहरी परंपरा और परमेश्वर की वाचा की सत्यता का प्रमाण है। यह हमारे लिए यह संदेश देता है कि उद्धार एक ठहराव और इतिहास-निर्माण है, जिसे भगवान ने क्रमबद्ध किया और यीशु के माध्यम से पूरा किया।