Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 3:1 लूका 3:2 लूका 3:3 लूका 3:4 लूका 3:5 लूका 3:6 लूका 3:7 लूका 3:8 लूका 3:9 लूका 3:10 लूका 3:11 लूका 3:12 लूका 3:13 लूका 3:14 लूका 3:15 लूका 3:16 लूका 3:17 लूका 3:18 लूका 3:19 लूका 3:20 लूका 3:21 लूका 3:22 लूका 3:23 लूका 3:24 लूका 3:25 लूका 3:26 लूका 3:27 लूका 3:28 लूका 3:29 लूका 3:30 लूका 3:31 लूका 3:32 लूका 3:33 लूका 3:34 लूका 3:35 लूका 3:36 लूका 3:37 लूका 3:38



लूका 3:3 का संदर्भ और संदर्भ-प्रसंग
येशु के जन्म के पूर्व के दौर में यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले की भूमिका स्पष्ट हो उठती है। लूका 3:3 में यूहन्ना यरदन के पास प्रचार कर रहे थे, जहाँ वे पापों की क्षमा के लिये मन फिराव के बपतिस्मा का प्रचार कर रहे थे। यह कार्य सामान्यतः कबूल करने योग्य आस्था और प्रतीक्षा के साथ जुड़ा था: ईश्वर के राज्य की निकटता और आशीर्वादी के समय की दृष्टि।
केंद्रीय अर्थ (Central Meaning)
यह verse बतलाती है कि ”पापों की क्षमा के लिये मन फिराव के बपतिस्मा” एक परिवर्तन-उन्मुख आध्यात्मिक क्रिया है, जिसमें व्यक्ति अपने पुराने जीवन के ढांचे से ऊपर उठकर परमेश्वर के सामने लौट आता है। यूहन्ना का प्रचार यह संकेत देता है कि आत्मिक पुनर्जन्म और नैतिक परिवर्तन की ज़रूरत है, न कि केवल बाहरी धर्म-क्रिया।
मुख्य थीम्स (Key Themes)
संबंधित आयतें (Related Passages)
1) मरकुस 1:3 और मत्ती 3:2 – यूहन्ना के प्रचार का केंद्रीय संदेश “पापों की क्षमा के लिये” और “पलटने” की मांग एक साथ आता है।
2) मक्का 3:11 – ईसा के आगमन के पूर्व यीशु-परिचय और बपतिस्मा के उद्देश्य का परिप्रेक्ष्य।
3) रोम 6:4 – बपतिस्मा प्रतीकात्मक रूप से पुनर्जन्म और नये जीवन के प्रारम्भ का संकेत देता है।
व्यावहारिक ध्यान (Practical Reflection)
हमारे लिए यह विचार महत्वपूर्ण है कि परमेश्वर के सामने सच्चे परिवर्तन के लिए बाहरी रीति-रिवाज से अधिक आंतरिक परिवर्तन आवश्यक है। अगर हमारा हृदय सचमुच पाप से मुड़कर ईश्वर के आगे झुके, तब भीतर-ही-भीतर परिवर्तन बाहरी जीवन में स्पष्ट दिखाई देगा: नम्रता, प्रेम, और नैतिक विवेक में वृद्धि।
पंक्ति-मैप टिप्पणी (Commentary Synthesis)
जॉन क्लार्क, बर्न्स, और हेन्री से संकलित विचारों में स्पष्ट रूप से यह पाया जाता है कि बपतिस्मा की प्रक्रिया पाप से मुक्ति की औपचारिकता नहीं, बल्कि दिल की क्रांति है। एक सार्थक उद्धरण के रूप में: “मन फिराव” का लक्ष्य हृदय की स्वामिभक्ति को पुनर्स्थापित करना है, न कि केवल धार्मिक कर्मों का प्रदर्शन।
संक्षेप निष्कर्ष (Closing Summary)
लूका 3:3 बताता है कि यूहन्ना के वक्त यरदन के किनारे जो प्रचार हुआ, वह आंतरिक परिवर्तन की मांग को स्पष्ट करता है—पापों की क्षमा के लिये मन फिराव का बपतिस्मा। यह संदेश प्रत्यक्ष करता है कि ईश्वर के राज्य के आगमन की तैयारी के लिए हमारी आत्मा को रीढ़ी और ईमानदार लौटना जरूरी है।