मरकुस 7:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

इस प्रकार तुम अपनी रीतियों से, जिन्हें तुम ने ठहराया है, परमेश्‍वर का वचन टाल देते हो; और ऐसे-ऐसे बहुत से काम करते हो।”

पिछला पद
« मरकुस 7:12
अगला पद
मरकुस 7:14 »

मरकुस 7:13 पद-दर-पद बाइबल टीका

मरकुस 7:13 पर टिप्पणी: रीतियाँ बनाम परमेश्वर का वचन

इस पद में यीशु यह स्पष्ट करते हैं कि धर्म-परंपराएं किसी भी समय परमेश्वर के वचन की जगह नहीं ले सकतीं। वेदिकालीन रीति-रिवाज, मान्यताओं और पुत्र-परिवर्तनों के वारे-न्यारे में जो नियम बने होते हैं, वे यदि परमेश्वर के वचन के प्रकाश में नहीं टिकते, तो वे उद्धार की राह से विचलित करते हैं। मरकुस 7:13 में यीशु ने उन रीतियों को 'परमेश्वर का वचन टाल देना' कहा है, जिसका अर्थ है कि धर्म के बाह्य ढांचे और मान्यताओं को कभी भी ईश्वरीय आदेश के ऊपर नहीं रखना चाहिए।

पाठ का परिचय इस अध्याय में

मरकुस 7 अध्याय में यीशु ने धार्मिक नेताओं के साथ विचार-विर्वाद किया और स्पष्ट किया कि मानवीय परंपराएं तब ही सही हैं जब वे परमेश्वर के उच्चतर आदेश से संगत हों। यहाँ इस verse में वे रीति-रिवाजों के प्रभाव का उल्लेख करते हैं—ऐसी परंपराओं के कारण लोग परिवारिक या धार्मिक आवश्यकताओं को दरकिनार कर देते हैं और परमेश्वर के वचन को अनदेखा कर देते हैं।

मुख्य सीख

मुख्य शिक्षा यह है: आत्मा के नियम, प्रेम, और सत्य के बिना केवल बाहरी आचरण पर टिकना खतरनाक है। परमेश्वर चाहतें हैं कि हम उनके वचन को आत्मा-हित में मानें और अपने रीति-रिवाजों को उनसे कठिनाई होने पर भी सुधारें। आत्मा की दिशा और पवित्रता को बनाए रखना ही धर्म का मूल है, न कि केवल दिखावे के लिए आचरण।

अनुदेशात्मक तुलना

− अन्य सुसमाचारों में भी यह विचार आता है कि परंपराएं जब भी परमेश्वर के वचन के विरुद्ध जाती हैं, वे सच्चे विश्वास के लिए बाधक बनती हैं।

− यह दृश्य हमें पुराने नियम के_prophetic warnings_ की याद दिलाता है जिनमें प्रेम, निष्ठा और दयावृत्ति के बिना औपचारिक कर्मों का खालीपन बताया गया है।

व्यावहारिक आवेदन

  • कठोर परंपराओं के पीछे क्यों कोई सच नहीं छुपे, उसका आकलन करें; क्या यह सच परमेश्वर के वचन के अनुरूप है?
  • अपने जीवन में ऐसी स्थितियाँ पहचाने जहाँ बाहरी आचरण ने आंतरिक परिवर्तन को पीछे छोड़ दिया हो—और परमेश्वर के वचन के प्रकाश से उसे सुधारे!

क्रॉस-रेफरेंसेस और उनका संक्षेप

− पुराने नियम के संदर्भों से देखिए कि रीति-रिवाजों के पीछे सत्य और दयाभाव की महत्ता है; परमेश्वर के आदेशों के सामने मानवीय नियम कितने महत्त्वहीन लगते ہیں। (उद्धृत उद्धरण सामान्य संदर्भ के लिए नहीं, बल्कि विचार के लिए देखें)

− यीशु के कलिसिया-धर्मी अभ्यास में, आंतरिक पवित्रता और अनुशासन पर जोर है; बाह्य आचरण उसी दिशा में समर्थ बनते हैं जब वे हृदय के परिवर्तन से निकलते हैं।

संक्षेप

मरकुस 7:13 एक मजबूत चाबी है जो बताती है कि धार्मिक रीति-रिवाज तब तक उद्धार का मार्ग नहीं बन जाते जब तक वे परमेश्वर के वचन के अनुरूप न हों। वास्तविक धर्म वह है जो शब्द-समझौते के साथ जीवन में प्रेम, जैसे के साथ, और सत्य में स्थिर रहता है।

उद्धरण स्रोतों के लिए कृपया ध्यान दें: इस सार में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक डोमेन विचारों के संकलन का उपयोग किया गया है। यदि उपयुक्त मिलीं, तो उनके छोटे प्रत्यक्ष वाक्यों को चिह्नित किया गया है; पूर्ण पाठ उद्धृत नहीं किया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मरकुस 7:13 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

मरकुस 7:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मरकुस 7:9 (HINIRV) »
और उसने उनसे कहा, “तुम अपनी रीतियों को मानने के लिये परमेश्‍वर आज्ञा कैसी अच्छी तरह टाल देते हो!

यशायाह 8:20 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 8:20 (HINIRV) »
व्यवस्था और चितौनी ही की चर्चा किया करो! यदि वे लोग इस वचनों के अनुसार न बोलें तो निश्चय उनके लिये पौ न फटेगी संकट का समय

मत्ती 5:17 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 5:17 (HINIRV) »
“यह न समझो, कि मैं व्यवस्था* या भविष्यद्वक्ताओं की शिक्षाओं को लोप करने आया हूँ, लोप करने नहीं, परन्तु पूरा करने आया हूँ। (रोम. 10:4)

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें