Old Testament
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मीका 1:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
पहाड़ उसके नीचे गल जाएँगे, और तराई ऐसे फटेंगी, जैसे मोम आग की आँच से, और पानी जो घाट से नीचे बहता है।
मीका 1:4 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मीका 1:4 समानांतर पद और संबंधित वचन
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नहूम 1:5 (HINIRV) »
उसके स्पर्श से पहाड़ काँप उठते हैं और पहाड़ियाँ गल जाती हैं; उसके प्रताप से पृथ्वी वरन् सारा संसार अपने सब रहनेवालों समेत थरथरा उठता है।

भजन संहिता 97:5 (HINIRV) »
पहाड़ यहोवा के सामने, मोम के समान पिघल गए, अर्थात् सारी पृथ्वी के परमेश्वर के सामने।

न्यायियों 5:4 (HINIRV) »
हे यहोवा, जब तू सेईर से निकल चला, जब तूने एदोम के देश से प्रस्थान किया, तब पृथ्वी डोल उठी, और आकाश टूट पड़ा, बादल से भी जल बरसने लगा। (इब्रा. 12:26)
मीका 1:4 का सारांश एवं प्र(contextual) समझ
इस पद में भविष्यवाणी के रूप में दिखाया गया है कि परमेश्वर के गृणा-घुटन और न्याय का दिन बहुत ही विनाशकारी होगा। पहाड़ और तराई — दोनों टुकड़े-टुकड़े होकर विलीन हो जाएँगे, और घाटी का जल जैसे मोम पिघलकर आग की तपिश से पिघल जाएगा। यह imagery इतनी तीव्र है ताकि यह दिख सके कि जब परमेश्वर का न्याय खुलता है, तब प्रकृति ही नहीं, इतिहास के सारे ढाँचे भी नष्ट हो जाते हैं। यह संदेश स्थल-स्थल परhaber है कि पाप के निष्कासन से पहले क्रम-व्यवस्था टूटेगी, और शांति तब तक नहीं लौटेगी जब तक परमेश्वर की राजगद्दी स्थापित नहीं होती।
मुख्य अर्थ
इस verse में परमेश्वर के क्रोध और पितृभक्ति के दायरे को एक दृढ़-आश्चर्यजनक रूप में प्रस्तुत किया गया है। पर्वत-स्कूल और गहरी घाटियाँ एक साथ पिघल कर एक नई स्थिति में आ जाएँगी; यह संकेत देता है कि पवित्र लोकों के लिए एक नया, भयावह परिष्कार आ सकता है। यह केवल दुष्टता के परिणाम नहीं, बल्कि विश्वासियों के लिए भी संरक्षण और धर्म की पूर्णता की प्रतीक्षा का संकेत है—जहाँ न्याय के साथ कृपा भी पूर्ण होगी।
कुंजी विषय
संलग्न क्रॉस-रेफरेंस
1) यशायाह 13:13 – “आकाश के पंछी डरे हुए आएँगे, पृथ्वी काँप उठेगी” जैसे दृश्यों के साथ यह विचार मिलता है कि परमेश्वर के निर्णय प्रकृति पर प्रभाव डालते हैं।
2) परमेश्वर के सिंहासन पराक्रम: (युद्न 10:6) न्याय और प्रतिशोध का दिन वही समय है जब ईश्वर की महिमा पूरी तरह प्रकट होती है।
3) रूढ़ ध्वंस के विपरीत आशा: रोम 8:19-21 में समस्त सृष्टि की अपेक्षा उद्धार की दृष्टि दी है—यह verse इसी न्याय के तात्पर्य को गहरा बनाता है।
व्यावहारिक संकेत
यदि दिन के न्याय के भय से हमारा ध्यान भटक जाए, तो हमें अपनी स्थिति सुदृढ़ करनी चाहिए। पाप के दबाव के समय भी परमेश्वर की कृपा हमें पक्का बनाती है—हम विश्वास में स्थिर रहें, नैतिकता और प्रेम के मार्ग पर चलें, ताकि उस दिन के लिए तैयार रहें।
संक्षिप्त समापन
मीका 1:4 में प्रकृति के दृश्यों के साथ परमेश्वर के न्याय की तीव्रता प्रस्तुत है—पृथ्वी के ढाँचे टूटेंगे, पर जो ईश्वर के साथ है, उसकी सुरक्षा और महिमा अडिग रहेगी। यह संदेश हमें बोध कराता है कि पाप के परिणामों से मुक्त रहने का एक मार्ग मात्र है: विश्वास में रहने और परमेश्वर के सच्चे रिवाजों के अनुरूप जीवन अपनाना।
उनके शब्दों से कुछ उद्धरण (संकेतित स्रोत)
यद्यपि मूल पाठ में उद्धरणों के पूर्ण पाठ दिये नहीं जाते, परन्तु महन्यर, ऐल्बर्ट बर्न्स और एडम क्लार्क के सार्वजनिक-domain विचारों से यह बात स्पष्ट है कि न्याय के दिन परमेश्वर की गहन प्रतिष्ठा और दया दोनों साथ-साथ काम करते हैं, और इस प्रकार पाप से मुक्तीनामक जीवन सुझाते हैं।