Old Testament
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मीका 1:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इस कारण मैं सामरिया को मैदान के खेत का ढेर कर दूँगा, और दाख का बगीचा बनाऊँगा; और मैं उसके पत्थरों को खड्ड में लुढ़का दूँगा, और उसकी* नींव उखाड़ दूँगा।
मीका 1:6 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मीका 1:6 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहेजकेल 13:14 (HINIRV) »
इस रीति जिस दीवार पर तुमने कच्ची पुताई की है, उसे मैं ढा दूँगा, वरन् मिट्टी में मिलाऊँगा, और उसकी नींव खुल जाएगी; और जब वह गिरेगी, तब तुम भी उसके नीचे दबकर नाश होंगे; और तुम जान लोगे कि मैं यहोवा हूँ।

मीका 3:12 (HINIRV) »
इसलिए तुम्हारे कारण सिय्योन जोतकर खेत बनाया जाएगा, और यरूशलेम खण्डहरों का ढेर हो जाएगा, और जिस पर्वत पर परमेश्वर का भवन बना है, वह वन के ऊँचे स्थान सा हो जाएगा।

2 राजाओं 19:25 (HINIRV) »
क्या तूने नहीं सुना, कि प्राचीनकाल से मैंने यही ठहराया? और पिछले दिनों से इसकी तैयारी की थी, उन्हें अब मैंने पूरा भी किया है, कि तू गढ़वाले नगरों को खण्डहर ही खण्डहर कर दे,
मीका 1:6 का स्पष्ट अर्थ
इस पद के अनुसार परमेश्वर द्रुत और निर्णायक दंड की घोषणा करते हैं: सामरिया को उसकी जगह-स्थान से ढहाकर मैदान के खेत बना दिया जाएगा; दाख-बगिया जैसे सिंघार बगीचे भी उजाड़ होंगे; पत्थर खड्ड में गिर जाएँगे और उसकी नींव उखाड़ ली जाएगी। यह सब एक पवित्र क्रोध और उद्धार-योजना के भाग के रूप में है, ताकि सामरिया के अतिक्रमण का अंत हो और उसके नगर-राज्यों की अस्थिरता स्पष्ट हो जाए।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
मीका और अन्य नबी-ग्रंथों में सामरिया परमेश्वर के चुने हुए लोगों के विरोधी के रूप में बार-बार सामने आता है। मीका 1 अध्याय के अंत भाग में, इज़राइल के दो बड़े पड़ोसी—संयुक्त उत्तर और दक्षिण—के विरुद्ध परमेश्वर के दंड की चेतावनी है। यहाँ कहा जाता है कि सामरिया के क्षेत्र-परिसीम में विनाश होगा क्योंकि उसकी लोभ-लालच और अन्याय ने लोगों के भीतर अवरोध डाल दिया है। यह उद्धार के प्रति चेतावनी नहीं, बल्कि सभ्यता-व्यवस्था के क्षय की प्रत्यक्ष क्रिया है ताकि परमेश्वर के नाम की महिमा लौटकर आई।
व्याख्यात्मक अवलोकन
3 प्रमुख thematic बिंदु
क्रॉस-रेफरेंसेस और उनके संकेत
1) यह प्रलयात्मक दायरे में नाश के संदेश को स्पष्ट करता है—येसु के समय की प्रारम्भिक चेतावनियाँ भी इसी धारा से जुड़ी हैं।
2) पुराने नियम में दंड-फलक का विषय: ग़लत राजनीतिक-आचारण के कारण भूमि-सम्पदा और नगर-जीवन में अस्थिरता।
3) दयालु उद्धार का पूर्व संकेत: इस प्रकार की चेतावनियाँ अंततः परमेश्वर की महिमा और उसकी न्याय की स्थापना के लिए होती हैं।
व्यावहारिक निष्कर्ष
केवल दंड की आशंका न समझें; यह स्मरण कराता है कि परमेश्वर न्याय और करुणा दोनों दिखाते हैं। सामाजिक अन्याय के विरुद्ध सचेत रहना, संस्थागत भ्रष्टाचार के खिलाफ ईमानदार आचरण, और प्रभु के नाम के अनुसार जीवन जीना ही इस पाठ की वास्तविक शिक्षा है।
संदर्भित अंशों के छोटे संकेत
- एकाधिक जगह साम्राज्यों के विनाश की सूचना में समान विचारधारा, ताकि प्रभु की महिमा स्पष्ट हो।
- न्यायस्वरूप क्रोध और उद्धार की योजना एक साथ चलते हैं, ताकि जीवित लोग परिवर्तन में भागीदार बनें।
संक्षिप्त निष्कर्ष
मीका 1:6 हमें यह सिखाते हैं कि प्रभु की पवित्र क्रोध असफलताओं के परिणामस्वरूप नहीं, बल्कि सत्य के पुनरुत्थान और न्याय की स्थापना के लिए है। सामरिया का विनाश एक तस्वीर है—जब गलत मार्ग पर चलना परिणामस्वरूप सामाजिक ढाँचे को ढाह देता है, तब परमेश्वर सत्य, न्याय और कल्याण—इन तीनों को वापस स्थापित करते हैं।
उद्धृत सिद्धांत-युक्त पंक्तियाँ
यहां के अभिभाषक विचारों में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के निचोड़ से आवश्यक प्रकाशन मिलते हैं:
“सामरिया को मैदान के खेत का ढेर कर दूँगा”—यह एक डींगाती चेतावनी है कि सत्ता का आधार नहीं टिकेगा जब तक कि वह ईश्वर के आदेश के अनुरूप नहीं हो जाता।
“नींव उखाड़ दूँगा”—नींव का उखाड़ना संकेत है कि संस्थागत भ्रष्टाचार के विरुद्ध पूर्ण तोड़फोड़ आवश्यक है ताकि नया निर्माण हो सके।