Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31



नीतिवचन 9:17 — संदर्भ और व्याख्या
पद: “चोरी का पानी मीठा होता है, और लुके-छिपे की रोटी अच्छी लगती है।” (नीतिवचन 9:17, HINIRV)
पद का पूर्वोत्तर विशेषक: तत्कालीन पाठ का परिदृश्य
नीतिवचन का यह भाग नीतिवचन-उद्धरण के एक पाठक-उन्मुख बुलावे को दर्शाता है: एक आम घराने की सभा में युवा मन एक आकर्षक, पर विश्वासघाती रास्ते के बारे में विचार करते हैं। यहाँ एक नीतिगत पहेली है—जो दिखती है वही नहीं होती। “चोरी” और “लुके-छिपे” शब्द चित्रात्मक हैं, जो शुद्ध-विरुद्धता को दर्शाते हैं: फर्जी खुशी और तुरन्त लाभ की वाणी, जो अंततः विनाश के मार्ग की ओर ले जाती है। यह वाक्य पाठक को चेतावनी देता है कि वास्तविक संतुष्टि सतह के स्वाद से नहीं, बल्कि जीवन के नैतिकता-स्तर से मापी जाती है।
ईश्वर और विश्वास पर जो संकेत दे जाता है
यह सूक्ति यह स्पष्ट करती है कि परमेश्वर की दृष्टि में चतुराई और छल के साथ मिलने वाला लाभ अस्थायी और कृत्रिम है। वास्तविक जीवन की सुरक्षा और आशीषें ईमानदारी, नैतिक स्पष्टता और शुद्धता में बंधी होती हैं। जो लोग चोरी या छल का मार्ग अपनाते हैं, वे क्षणभंगुर सुख के पीछे चले जाते हैं, परन्तु परमेश्वर की बुद्धि में स्थायित्व और राहत होती है।
महत्वपूर्ण शब्दों के अर्थ
अन्य सन्दर्भ और उनके सम्बन्ध
इन बिंदुओं से जुड़ी दो अन्य धारावाहिक स्मरणीय वस्तुएँ मिलती हैं:
हिन्दी हिनिर्व अनुवाद में उद्धृत विचारधारा
इस पाठ की प्रवृत्ति में तीन पहलू स्पष्ट हैं: 1) अस्थाई मिठास, 2) चोरी से मिला लाभ, 3) नैतिक जागरूकता का आह्वान। यह एक नैतिक चेतावनी है कि वास्तविक सुख सत्यनिष्ठ मार्ग में है, न कि छिपे रास्तों में।
आज के लिए अनुप्रयोग
- अपने व्यवहार में स्पष्टता बनाए रखें: छोटे-छोटे झूठ या गैरकानूनी लाभ भी लंबे समय में भरोसा तोड़ते हैं।
- जीवन के स्रोतों के बारे में ईमानदारी से सोचें: क्या आप भी किसी “चोरी” या “देर से दिलाई जाने वाली माफी” जैसे रास्तों को स्वीकार कर रहे हैं? परमेश्वर की दृष्टि में सत्य और ईमानदारी ही स्थायित्व देते हैं।
- सामाजिक नैतिकता: अपने आसपास के लोगों के लिए सुरक्षित, सही और पारदर्शी मार्ग चुनें; ताकि जरूरी सुख-समृद्धि भी परमेश्वर के आशीर्वाद के साथ हो।
छोटे क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में)
- नीति कर्म के मूल्य पर विचार: नीतिवचन 11:1; नीतिवचन 10:9
नोट: यहाँ उद्धृत विशिष्ट शाब्दिक पद-टेक्स्ट नहीं दिए गए हैं, परंतु ये संदर्भ पाठ के नैतिक ढांचे को मजबूत करते हैं।
सार-सार: यह प्रका्षित पाठ हमें स्मरण देता है कि चालाकी और चोर रास्तों से मिलने वाला क्षणिक लाभ सच नहीं है। परमेश्वर की बुद्धि में सत्य और ईमानदारी ही स्थायी सुख का स्रोत है।