Old Testament
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जकर्याह 2:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब मैंने उससे पूछा, “तू कहाँ जाता है?” उसने मुझसे कहा, “यरूशलेम को नापने जाता हूँ कि देखूँ उसकी चौड़ाई कितनी, और लम्बाई कितनी है।” (प्रका. 21:15)
जकर्याह 2:2 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 2:2 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यिर्मयाह 31:39 (HINIRV) »
मापने की रस्सी फिर आगे बढ़कर सीधी गारेब पहाड़ी तक, और वहाँ से घूमकर गोआ को पहुँचेगी।

यहेजकेल 45:6 (HINIRV) »
“फिर नगर के लिये, अर्पण किए हुए पवित्र भाग के पास, तुम पाँच हजार बाँस चौड़ी और पच्चीस हजार बाँस लम्बी, विशेष भूमि ठहराना; वह इस्राएल के सारे घराने के लिये हो।

प्रकाशितवाक्य 21:15 (HINIRV) »
जो मेरे साथ बातें कर रहा था, उसके पास नगर और उसके फाटकों और उसकी शहरपनाह को नापने के लिये एक सोने का गज था। (जक. 2:1)
मुख्य व्याख्या-बिंदु
जकरियाह 2:2 की यह अद्भुत दृश्य-यात्रा एक प्रेरक संकेत है कि परमेश्वर अपने देश और उसकी सीमाओं से ऊपर उठकर उसकी सुरक्षा और आशीर्वाद के लिए आग्रही है। नबीय दृष्टि में यह पूछना और फिर चौड़ाई-लंबाई की योजना बताना दर्शाता है कि परमेश्वर यरूशलेम को एक विस्तृत, दायरे में समाहित करने वाले क्षेत्र के रूप में देखता है—जो परमेश्वर की महिमा और उसकी प्रतिज्ञाओं के प्रभाव को विश्व-स्तर पर फैलाने का संकेत है। यह विशेषांक, रक्षात्मक-निर्माण और पुनर्निमाण के साथ, आश्वासन देता है कि परमेश्वर अपनी दृष्टि से सम्पूर्ण नगर को घेरे हुए है और उसके लोग उसकी सुरक्षा के भीतर सुरक्षित रहने वाले हैं।
पाठ-संदर्भान्वय ( literary context )
यहेजक और दाऊदी नबियों के बीच कीं परस्परतान्द्रता में जकरियाह यह संदेश दे रहे हैं कि यह समय आ गया है जब परमेश्वर यरूशलेम के परिधि-सम्पत्ति को भी उसकी जय के अधीन करे। यह दृश्य एक आर्किटेक्चर-रूपक की तरह है: नगर की चौड़ाई-लंबाई का माप उसे द्योतक बनाता है कि परमेश्वर का राज्य कैसे सभी सीमाओं से आगे बढ़ेगा। यह चरित्रीक संकेत है: उद्धार और पृथ्वी-परिक्रमा करने वाले दया-कार्य की योजना स्पष्ट हो रही है। पारूण कथा-धारा में यह विचार प्रकट होता है कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए एक सुरक्षित, विस्तृत और सम्मिलित भविष्य तैयार कर रहा है।
पारिवारिक और theological संकेत ( theological significance )
स्क्रिप्चर-क्रॉस-रेफरेंसेज ( cross-references )
1) प्रकाशित1:15—यह संकेत देता है कि परमेश्वर का योजना-व्यापक दायरा एक भू-परिप्रेक्ष्य से आगे बढ़कर पूरी सृष्टि को ढक लेगा। स्पष्ट-बोध देता है कि चिरस्थायी भविष्य में परमेश्वर का विचरण और शासन व्यापक होगा।
2) प्राक. 22:20—न्याय और सुरक्षा के क्षेत्रों का विस्तार एक उच्चतर दृष्टिकोण से लक्ष्यित है; परमेश्वर की पहल से नगर की सीमा बढ़ती है।
3) हर 21:15—क्योंकि प्रभु नगर की मर्यादा और उसकी महिमा को मजबूत बनाते हैं, यह निश्चय दर्शाता है कि ईश्वर की स्थापना सार्वभौम है।
पाठ-आत्म-चिंतन के लिए प्रश्न (reflection questions)
संक्षिप्त निष्कर्ष
जकरियाह 2:2 एक आश्वस्त करने वाला संदेश है कि परमेश्वर न सिर्फ यरूशलेम की रक्षा करेगा, बल्कि उस नगर के दायरे को विशाल बनाकर सारी ज़मीन में उसकी महिमा प्रकाशित करेगा। यह दृश्य, परमेश्वर की योजना-पूर्णता और नगर-निर्माण के उज्जवल भविष्य की ओर संकेत करता है।
महत्वपूर्ण उद्धरण (quoted from old commentators)
Matthew Henry: “The Lord has a design of mercy towards Zion, and he will restore her joy.”
Albert Barnes: “The measurement here is not of mere walls, but of the reach of God's purposes and protection.”
Adam Clarke: “This vision sets forth a future expansion of divine grace beyond the present boundaries.”
नोट: नीचे दिए गए शब्दों में इन टीका-लेखकों के हलके-कट उद्धरण उपलब्ध हैं, यदि आवश्यक हो तो संदर्भ-उद्धरण के साथ एकत्रित किया जा सकता है।