Old Testament
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सपन्याह 2:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
यह उनके गर्व का बदला होगा, क्योंकि उन्होंने सेनाओं के यहोवा की प्रजा की नामधराई की, और उस पर बड़ाई मारी है।
सपन्याह 2:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
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सपन्याह 2:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 16:6 (HINIRV) »
हमने मोआब के गर्व के विषय सुना है कि वह अत्यन्त अभिमानी था; उसके अभिमान और गर्व और रोष के सम्बन्ध में भी सुना है—परन्तु उसका बड़ा बोल व्यर्थ है।

सपन्याह 2:8 (HINIRV) »
“मोआब ने जो मेरी प्रजा की नामधराई और अम्मोनियों ने जो उसकी निन्दा करके उसके देश की सीमा पर चढ़ाई की, वह मेरे कानों तक पहुँची है।”

यिर्मयाह 48:29 (HINIRV) »
हमने मोआब के गर्व के विषय में सुना है कि वह अत्यन्त अभिमानी है; उसका गर्व, अभिमान और अहंकार, और उसका मन फूलना प्रसिद्ध है।
सपन्याह 2:10 का संदर्भ–संक्षेप परिचय
यह पद स्पष्ट करता है कि परमेश्वर के विरुद्ध गर्व दिखाने वालों का समस्त अभिमान अन्ततः उनके ही लिए कलंक बन जाता है। यद्यपि उन्होंने यहोवा की प्रजा की नामधराई कर दी, परन्तु यह पाप उनके ऊपर ही पलटकर उसी की गिनती बन गया। यह संदेश उन लोगों के लिए है जो सत्ता, दबदबा या सुरक्षा के भड़काऊ स्रोतों पर निर्भर रहते हैं और परमेश्वर के चेतावनी-चेतावनी को अनसुना कर देते हैं। इस संदर्भ में सन्तप्त राष्ट्रों के गौरव का अंत और याकूब के जन के लिए उद्धार की योजना एक साथ सामने आती है।
मुख्य अभिप्राय (Central Meaning)
इस Verse में ऊपर से नीचे तक संदेश स्पष्ट है: पृथ्वी के शक्तिशाली बने रहने के हर प्रयास का आधार परमेश्वर के विरुद्ध गर्व और अपमान है। हिमालय की ऊँचाइयों पर खड़े होने की कोशिश कर भी लोग पाए जाते हैं कि परमेश्वर की नज़र से वे तिरोहित हो जाते हैं। गर्व का बदला, यानी वही परिणाम जो अधर्मी के लिए निर्धारित है, उसी ने उनके लिए तय कर दिया है।
2-3 प्रमुख विषय (Two to Three Key Themes)
अन्य पाठों से सम्बन्ध (Cross-References)
1) यशाय 2:11–12 – पृथ्वी पर ऊँचे-ऊँचे लोग और गर्वित राज्यों का तिरोहण एक ही उद्धारक के सामने ठहरता है। यह मानवीय सत्ता की अस्थिरता को उजागर करता है और परमेश्वर के राज्य की स्थिरता पर जोर देता है।
2) इब्रानी 13:5–6 – धड़कते दिलों में आर्थिक-सार पर निर्भरता और भय से मुक्ति, जिससे परमेश्वर की सहायता और सुरक्षा हमारे विश्वास को दृढ़ बनाए।
3) यल्लाद 2:30–31 – गर्व के पलटवार की चेतावनी को स्मरण कराता है कि दया और उद्धार के रास्ते ही चरम सम्मान के स्रोत होते हैं।
व्यावहारिक चिंतन (Practical Reflection)
जो लोग सत्ता, धन या नाम-धर्म पर अपनी सुरक्षा मानते हैं, वे अक्सर परमेश्वर की योजना से बाहर चले जाते हैं। इस पवित्र चेतावनी को याद रखकर हमें:
सार और निष्कर्ष (Brief Closing Summary)
सपन्याह 2:10 यह स्पष्ट करता है कि गर्व के बदले में दिया जाने वाला दंड भी परमेश्वर की पवित्र सत्ता के अंतर्गत है। जो लोग अपने आप को ऊँचा समझते हैं, उन्हें यह याद रखना चाहिए कि उनका उच्चतम इतिहास परमेश्वर के सामने एक क्षणभंगुर पद हो सकता है; वहीं जो HUMBLE-हृदय रहते हैं, उन्हें दया और उद्धार की आशा मिलती है।
विद्वानों से संकलित अभ Architektur (Quotations in brief, if applicable)
यदि आप भरोसेमंद दृष्टिकोण चाहते हैं, तो पश्चिमी पौराणिक टिप्पणीकारों के संकलनों के अनुसार यह संदेश गर्व के परिणाम की चेतावनी देता है और प्रतिफल के स्वरूप को स्पष्ट करता है।