Old Testament
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सपन्याह 2:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
समुद्रतट के रहनेवालों पर हाय; करेती जाति पर हाय; हे कनान, हे पलिश्तियों के देश, यहोवा का वचन तेरे विरुद्ध है; और मैं तुझको ऐसा नाश करूँगा कि तुझ में कोई न बचेगा।
सपन्याह 2:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
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सपन्याह 2:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहेजकेल 25:16 (HINIRV) »
इस कारण परमेश्वर यहोवा यह कहता है, देख, मैं पलिश्तियों के विरुद्ध अपना हाथ बढ़ाने पर हूँ, और करेतियों को मिटा डालूँगा; और समुद्रतट के बचे हुए रहनेवालों को नाश करूँगा।

यहोशू 13:3 (HINIRV) »
(मिस्र के आगे शीहोर से लेकर उत्तर की ओर एक्रोन की सीमा तक जो कनानियों का भाग गिना जाता है; और पलिश्तियों के पाँचों सरदार, अर्थात् गाज़ा, अश्दोद, अश्कलोन, गत, और एक्रोन के लोग), और दक्षिणी ओर अव्वी भी,

यिर्मयाह 47:7 (HINIRV) »
तू कैसे थम सकती है? क्योंकि यहोवा ने तुझको आज्ञा देकर अश्कलोन और समुद्रतट के विरुद्ध ठहराया है।”
सपन्याह 2:5 का हिन्दी विवेचन (HINIRV)
यह पद स्पर्श करता है उन समुदायों के सामने जो एक समय-Semitic और विशेषकर समुद्री किनारों के समुदायों के नाश की भविष्यवाणी को सुनते हैं। संदर्भ में यहोवा परमेश्वर के न्याय का घोषणापन है—किसी भी तरह की हिंसा या अवIGE पर नहीं, बल्कि उनकी गलत-प्रवृत्ति और असत्य-आचरण पर। यह वाक्य बतलाता है कि किनारों पर रहते एक-समय की श्रेष्ठ-स्थिति भी परमेश्वर के न्याय से अछूती नहीं रहती जब लोग उसकी इच्छा के विरुद्ध चलते हैं।
पद का अध्याय में स्थान
यह आयत स्पष्ट करती है कि यहोवा का वचन किनारों के देशों- हाय समुद्रतट के निवासी, करेती जाति, कनान, पलिश्तियों के देश—सब पर है। सपन्याह के समय ये सभी जातियाँ अविश्वासी व्यवहार, शत्रु-संस्कृति और धार्मिक अनुचितताओं के लिए निष्कासन के अधिकारी थीं। इस अध्याय में यह संदेश है कि परमेश्वर सभी राष्ट्रों के ऊपर क्रमशः शासन करता है और उनका भाग-निर्णय उसी अनुसार होगा।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
इस वचन का मूल पाठ यह है: परमेश्वर अपने न्याय के दिन उन सब क्षेत्रों पर चपत लगाएगा जो अपनी संकीर्णताओं, अहंकार और भ्रष्टाचार में डूबे हैं। किनारों और व्यापार-समुदायों की सुरक्षा-चेतना से ऊपर नहीं है। यह चेतावनी भक्तिभाव से सुनते हुए भी असत्य के रास्ते पर चलने वालों के लिए सावधान रहने की पुकार है—यानी प्रभु के सामने आत्म-निष्कासन और परिवर्तन आवश्यक है।
अनुमानित प्रेरणा—Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के संकेत
इन पंक्तियों में से कुछ बिंदु उनके अनुवादित विचारों के साथ एक समान मार्ग पर जाते हैं: यहूदा के बाहर के राष्ट्रों के प्रभाव के बारे में, और यह कि परमेश्वर के न्याय का दिन सभी के लिए आ सकता है यदि वे अपने बुरे मार्गों को नहीं छोड़ते। चर्चित टिप्पणीकारों के सामान्य दार्शनिक संकेत यह रहे हैं कि यह चेतावनी त्रुटिपूर्ण आचरण और कर्म के चलते है। (ध्यान दें: नीचे दी गई प्रत्यक्ष उद्धरण केवल संदर्भ के लिए हैं यदि उपलब्ध हों तो उल्लेखित हैं।)
महत्वपूर्ण उद्धरण संकेत: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के विशिष्ट छोटे उद्धरण यदि उपलब्ध हों तो मौजूदा पाठ में संलग्न रूप में प्रस्तुत हों।
पठन-सम्बन्धी क्रॉस-रेफरेंसेस
इन संदर्भों में स्पष्ट रूप से यह सिद्ध होता है कि परमेश्वर हर क्षेत्र और राष्ट्र पर अधिकार रखता है और उसका न्याय उनके कर्मों के अनुसार है।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
संक्षेप सार
सपन्याह 2:5 परमेश्वर के न्याय का स्पष्ट संदेश है: चाहे क्षेत्र-राष्ट्र कोई भी हो, उनका भाग्यमोर न्याय के सामने अस्थिर है यदि वे प्रभु के मार्ग से भटकते हैं। यह चेतावनी भक्तों को आत्म-निष्ठा और पथ-परिवर्तन के लिए प्रेरित करती है।