Old Testament
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सपन्याह 2:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
“मोआब ने जो मेरी प्रजा की नामधराई और अम्मोनियों ने जो उसकी निन्दा करके उसके देश की सीमा पर चढ़ाई की, वह मेरे कानों तक पहुँची है।”
सपन्याह 2:8 पद-दर-पद बाइबल टीका
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सपन्याह 2:8 समानांतर पद और संबंधित वचन
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आमोस 1:13 (HINIRV) »
यहोवा यह कहता है, “अम्मोन के तीन क्या, वरन् चार अपराधों के कारण मैं उसका दण्ड न छोड़ूँगा, क्योंकि उन्होंने अपनी सीमा को बढ़ा लेने के लिये गिलाद की गर्भिणी स्त्रियों का पेट चीर डाला।

भजन संहिता 83:4 (HINIRV) »
उन्होंने कहा, “आओ, हम उनका ऐसा नाश करें कि राज्य भी मिट जाए; और इस्राएल का नाम आगे को स्मरण न रहे।”

यिर्मयाह 48:27 (HINIRV) »
क्या तूने भी इस्राएल को उपहास में नहीं उड़ाया? क्या वह चोरों के बीच पकड़ा गया था कि जब तू उसकी चर्चा करता तब तू सिर हिलाता था?
सपन्याह 2:8 — सार-सार厅: Moab और Ammón की निंदा की शिकायत
सीधे अर्थ में पवित्र लेख यह कहता है कि मोआब ने यह किया है कि मेरी प्रजा की नामधराई हुई है और अम्मोनियों ने उसकी निन्दा कर उसको देश की सीमा पर चढ़ाई की है; इसका संदेश यह है कि जो लोग परमेश्वर की चुनी हुई जनता के विरुद्ध क्रोध या बुराई का काम करते हैं, वे फिर अंततः परमेश्वर के कानों तक पहुंचने वाले अपराध का भागी बनते हैं।
पृष्ठभूमि
स्पष्ट संदर्भ में स्पष्ट है कि स्पितंबर के काल में यहदीन के शासन के समय पड़ोसी राष्ट्र मोआब और अम्मोन यहूदियों के विरुद्ध आक्रमण की योजना बनाते रहे। स्पन्न्याह के भविष्यवक्ता मोआब और अम्मोन को उनके संकीर्ण स्वार्थों और खत्म होती शक्ति के संकेत के साथ कठोर रूप से संबोधित करते हैं। यहाँ यह संदेश दिया गया है कि परमेश्वर की रक्षा और न्याय के अधीन रहने वाले लोगों के विरुद्ध ज़रा भी अन्याय किया जाए, तो उसकी शिकायत सीधे परमेश्वर तक जाती है।
व्याख्या के मुख्य बिंदु
अन्वय-विचार (Cross-references)
1) यिर्मयाह 25:17–19 का संकेत देता है कि दूर-दराज के राष्ट्रों के खिलाफ परमेश्वर की चेतावनी और न्याय की घोषणा कैसे पहुँचती है। यह दिखाता है कि निन्दा और आक्रमण दोनों परमेश्वर के समक्ष एकत्रित होते हैं।
2) पुरनुक (नीतियों) 24:17–18, जहाँ अधर्म के समय एक निंदक के विरुद्ध न्याय और सुरक्षा की बातें होती हैं; यह संदर्भ बताता है कि परमेश्वर अपने लोगों के संहार के विरुद्ध भी न्याय करता है।
3) यशायाह 2:11–12, जहाँ ऊँचे-नीचे सभी भय के क्षणों में परमेश्वर के विरुद्ध उठने वाले अभिमानपूर्ण लोगों का पलटना दिखती है; यह पाठ मोआब-अम्मोन की निन्दा के साथ संकेत जोड़ता है कि प्रभु की योजना समस्त विश्व के लिए है।
अनुवाद-नोट्स (HINIRV से विचार)
यह पाठ सीधे कहता है कि निन्दा और दुष्कर्म परमेश्वर के कानों तक पहुँचते हैं; यह यहूदियों के विरुद्ध स्थितियों में न्याय के लिए संकेत देता है।
संक्षिप्त संदेशात्मक निष्कर्ष
जो लोग परमेश्वर की प्रजा के विरुद्ध अत्याचार या बदनियती को जन्म देते हैं, उनका अंत वही किसी न किसी तरीके से सामने आता है; परमेश्वर न्यायकारी है, और उसकी रक्षा और आदर पाने वाले शरे मित्र होते हैं।
कठोर लेकिन संतुलित निष्कर्ष: अपने समीप के लोगों के विरुद्ध अन्याय से बचें; प्रभु की चौकसी और सुरक्षा में रहें, ताकि आप निंद्य मामलों से दूर रहें और उसकी कृपा के अनुभाग में रहें।
नोट्स: यदि आप चाहें तो इस पाठ के साथ Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke की संक्षिप्त टिप्पणियाँ से सुरक्षित, सार्वजनिक-डोमेन उद्धरण उपलब्ध कर सकते हैं—पर यहाँ हमने मूल संदेश पर केंद्रित एक संयुक्त सार प्रस्तुत किया है।