Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीसपन्याह 2:6 बाइबल पद की व्याख्या
सपन्याह 2:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और उसी समुद्रतट पर चरवाहों के घर होंगे और भेड़शालाओं समेत चराई ही चराई होगी।
सपन्याह 2:6 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
सपन्याह 2:6 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यशायाह 17:2 (HINIRV) »
अरोएर के नगर निर्जन हो जाएँगे, वे पशुओं के झुण्डों की चराई बनेंगे; पशु उनमें बैठेंगे और उनका कोई भगानेवाला न होगा।

यशायाह 5:17 (HINIRV) »
तब भेड़ों के बच्चे मानो अपने खेत में चरेंगे, परन्तु हष्टपुष्टों के उजड़े स्थान परदेशियों को चराई के लिये मिलेंगे।

यहेजकेल 25:5 (HINIRV) »
और मैं रब्बाह नगर को ऊँटों के रहने और अम्मोनियों के देश को भेड़-बकरियों के बैठने का स्थान कर दूँगा; तब तुम जान लोगे कि मैं यहोवा हूँ।
सपन्याह 2:6 का सरल अर्थ
इस पद के अनुसार समुद्रतट पर चरवाहों के घर होंगे और भेड़शालाओं सहित खेती-परंपरा चालू रहेगी। यह ईश्वरीय निर्णय के तहत विराम नहीं, बल्कि क्षेत्रीय पुनर्संरचना का संकेत है—जहाँ पहले भय और अस्थिरता थी, अब फिर से परिवार और पशुवत Eigentum का स्थायित्व लौटेगा।
संदर्भ-परिप्रेश
सपन्याह की पुस्तक में परमेश्वर ने यहूदियों के लिए न्याय और उद्धार दोनों के संदेश दिए। इस अध्याय में राज्य के विनाश के बाद पुनर्निर्माण की आशा दिखाई जाती है। समुद्रतट पर चरवाहों के घर और भेड़शालाओं का उल्लेख सब प्रकार के सामाजिक जीवन के पुनरुत्थान की ओर इशारा करता है—गाँव-गाँव में परिवारगत अर्थव्यवस्था और सुरक्षा का पुनःस्थापन।
व्याख्यात्मक निष्कर्ष
क्रॉस-रेफरेंस (संक्षिप्त व्याख्या)
यशायह 65:21-22 — नये घर बनाने और पालतू जानवरों के पालन-पोषण के आनंद का प्रतीक; स्थायित्व की गवाही देता है।
यहेजकेल 34:25 — चरवाहों के साथ शांति, और गाय-भेड़ों के लिए सुरक्षित स्थान; सुरक्षा के निर्देश का संदर्भ।
यहूशु 24:15 — परमेश्वर के प्रति गीत-स्वीकार्यता और समुदाय की सामंजस्यपूर्ण जीवनशैली; सामाजिक-आर्थिक पुनःस्थापन की एक मिसाल।
छोटी थीमैटिक सूची
व्यावहारिक निष्कर्ष
ईश्वर के वादे में पुनर्स्थापना का संदेश है: कठिन समय के बाद भी जीवन के साधन और समुदाय की संरचना लौट सकती है जब लोग प्रभु की योजना के अनुसार जीवन यापन करें। अपने घर-परिवार, खेती-बाड़ी और समुदाय के कामकाज में स्थिरता और सहयोग बनाए रखें; यही आशा को जीवित रखता है।
नोट्स से पूर्व-उद्धरण (कथन-पंक्तियाँ)
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke जैसे सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के उद्धरण पंक्तियों का सीधा पाठ नीचे नहीं दिया गया है, पर उनके दृष्टिकोण के अनुरूप इस पद की व्याख्या समाहित है।