यशायाह 5:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब भेड़ों के बच्चे मानो अपने खेत में चरेंगे, परन्तु हष्टपुष्टों के उजड़े स्थान परदेशियों को चराई के लिये मिलेंगे।

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यशायाह 5:17 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 5:17 का महत्त्व और संदर्भ

यह पर्वतीय गद्य का एक भाग है जहाँ भविष्यवक्ता यशायाह ने इश्राएल के प्रति अलंकृत कल्पना के साथ न्याय, भाइचारा और विधि-न्याय के इर्द-गिर्द एक चेतावनी प्रस्तुत की है। इस पद में बोला गया है कि भेड़ों के बच्चों को अपने खेत में चरना होगा, जबकि मजबूत, हष्टपुष्ट लोगों के उजड़े स्थानों में परदेशी कृषि के लिए मिलेंगे। यह एक प्रतीकात्मक चित्र है जो समाज के भीतर असंतुलन, आर्थिक असुरक्षा और नीतिगत ढांचे के कारण उत्पन्न होने वाले सामाजिक असमानताओं की ओर इशारा करता है।

पद का मूल संदर्भ

5:17 में यशायाह एक दृष्टान्त के माध्यम से भविष्य के समय की स्थिति दर्शाते हैं। खेत-चराई की यह परिकल्पना एक बार wadanda के समय के किसान-चरवाहों के जीवन से जुड़ी है, परन्तु इसे व्यापक रूप से यह संकेत देती है कि जिस तरह शांति से चरना संभव नहीं है, उसी तरह समाज में बराबरी और सुरक्षा का बुलावा असामाजिक शक्तियों के कारण बाधित होता है।

मुख्य सन्देश

इस verse का मूल संदेश यह है कि सुरक्षा, व्यवस्था और न्याय के लिए उम्मीद तभी संभव है जब लोग जिम्मेदारी, उदारता और समरसता की दिशा में लौटें। जहाँ समाज के कुछ वर्ग उजड़ जाते हैं और अन्य लोग शक्ति के बूते लाभ उठाते हैं, वहाँ ईश्वर की इच्छा है कि सभी मिलकर चरासे बनें—भले ही भेड़ों के बच्चों की तरह नम्र और सरल हों—परंतु उजड़े स्थानों पर भी संतुलन लौटे।

मुख्य थीम और क्रमबद्ध बिन्दु

  • न्याय और सुरक्षा की कमी बनाम समुदाय की जिम्मेदारी।
  • धर्म–राजनीति का असंतुलन और बाहरी प्रभाव।
  • उत्थान के स्थान पर अनुशासन—परदेशी आबादी की व्यवस्था से उद्धार की संभावना।

क्रॉस-रेफरेंसेस (पाठ संगतता के लिए)

1) यशायाह 9:6-7 — आशीर्वादपूर्ण शांति और न्याय का संदेसा; यह पद समाज के सुधार और शांति के संकेत के रूप में दृष्टांत बनकर सामने आता है।

2) मत्ती 25:31-46 — गरीबों और कमज़ोरों के प्रति दया और न्याय की मांग, जो समाज में बराबरी के मूल्य को बढ़ाती है।

3) यिर्मयाह 22:15-16 — न्यायप्रिय शासन और सचेत नेतृत्त्व की महत्ता; समाज के भीतर स्थायित्व की रूपरेखा यही से निकलती है।

संघर्ष और आशा: एक संतुलित दृष्टिकोण

एहसास यह है कि यशायाह की यह भाषा सामाजिक बदलाव की अपील के रूप में प्रयुक्त होती है—न केवल आस्था के आंतरिक सुधार का संदेश बल्कि सामाजिक व्यवस्था के पुनर्निर्माण की पुकार। उद्धार केवल आत्मिक नहीं, सामाजिक भी है; ईश्वर न्यायप्रिय शासन की स्थापना चाहते हैं जिसमें कमजोरों की सुरक्षा हो और मजबूतों के अतिक्रमण पर नियंत्रण रहे।

व्यावहारिक अद्भुत संकेत

यहाँ समाधान सवाल है कि कैसे हम आज के समाज में न्याय, सुरक्षा और करूणाजनक विवेक को व्यवहार में ला सकते हैं—एक समुदाय के रूप में सादगी, सहयोग और सामाजिक दायित्व के साथ।

देवotional reflection

जब हम अपनी जीवन-रेखा में देखते हैं कि कौन किनके ऊपर शासन कर रहा है और कौन सुरक्षित है, तब हमें प्रभु के सच के अनुरूप आचरण का आह्वान मिलता है—भेड़ों के बच्चों जैसी विनम्रता अपनाते हुए, अपनी जगह पर कर्तव्य निभाते रहें और उजड़े लोगों के लिए दुआ और सहायता का हाथ बढ़ाएं। तब ही हमारी सभ्यता का उजाला टिकेगा और ईश्वर के राज्य के संकेत स्पष्ट होंगे।

नोट: इस पद पर Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचारों से विकसित सार को समाहित किया गया है। आवश्यक उद्धरण स्वतंत्र रूप से नीचे दिये जा रहे हैं:

“Relation to judgment and mercy… the humble shall inherit the earth.” — Matthew Henry (संकेत-उद्धरण संस्कार)

“Where the powerful oppress, there must be remedy in righteousness and equity.” — Albert Barnes

“The verse points to the dissolution of comfort of the strong in places of desolation.” — Adam Clarke

कुल मिलाकर

5:17 एक चेतावनी भी है, एक आशा भी— कि सामाजिक विवेक, न्याय और दयालुता से ही उजड़े स्थानों में भी पुनर्निर्माण हो सकता है। यह संदेश आज भी प्रासंगिक है कि समाज के सभी वर्गों के लिए सुरक्षा और सम्मान बनना चाहिए, और यह तभी संभव है जब हम वास्तविक करुणा और न्याय के राज के साथ चलते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 5:17 समानांतर पद और संबंधित वचन

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और उसी समुद्रतट पर चरवाहों के घर होंगे और भेड़शालाओं समेत चराई ही चराई होगी।

यशायाह 7:25 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 7:25 (HINIRV) »
और जितने पहाड़ कुदाल से खोदे जाते हैं, उन सभी पर कटीले पेड़ों के डर के मारे कोई न जाएगा, वे गाय-बैलों के चरने के, और भेड़-बकरियों के रौंदने के लिये होंगे।

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सपन्याह 2:14 (HINIRV) »
उसके बीच में सब जाति के वन पशु झुण्ड के झुण्ड बैठेंगे; उसके खम्भों की कँगनियों पर धनेश और साही दोनों रात को बसेरा करेंगे और उसकी खिड़कियों में बोला करेंगे; उसकी डेवढ़ियाँ सूनी पड़ी रहेंगी, और देवदार की लकड़ी उघाड़ी जाएगी।

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