यशायाह 5:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

सेनाओं के यहोवा ने मेरे सुनते कहा है: “निश्चय बहुत से घर सुनसान हो जाएँगे, और बड़े-बड़े और सुन्दर घर निर्जन हो जाएँगे। (आमो. 6:11, मत्ती 26:38)

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यशायाह 5:9 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 5:9 पर टिप्पणी (HINIRV)

इस पद में यहोवा के संदेश के संदर्भ में, यशायाह ने यहूदियों के लिए एक गंभीरWarning सुना दिया है: राजा-रेबारों के खिलाफ आशीर्वाद की जगह, उनके घर ऊँचे और सुंदर होते जाने पर भी शासन-व्यवस्था में असंतोष और करुणा की कमी है। यहखबर एक व्यंग्य है कि बाहर की समृद्धि और भव्यता अंदर के नैतिक पतन को नहीं रोक सकती। इस्राएल और यरूशलेम के कई विशाल मकानों की कल्पना, एक दिन सुनसान रहने वाली स्थिति की भविष्यवाणी में बदल जाएगी।

केंद्रीय अर्थ

सैनों के यहोवा ने कहा: बहुत-से घर सुनसान हो जाएँगे, बड़े-बड़े और सुंदर घर निर्जन हो जाएँगे। यह संकेत देता है कि ऐश्वर्य और भौतिक सम्पन्नता से समाज में न्याय, मानवीयता और धार्मिकता की कमी हो सकती है। न्याय के विरुद्ध अवसरवाद, भ्रष्टाचार और असमानता बढ़ेगी, जिसकी परिणति सामाजिक-व्यूह में खालीपन और विपत्ति है।

मुख्य विषय

  • भव्यता बनाम नैतिक पतन: बड़ी इमारतें और धन-सम्पदा दिखती तो महत्त्वपूर्ण हैं, पर वे आंतरिक पापों को ढक नहीं पातीं।
  • न्याय का अभाव और सामाजिक परिणाम: संपन्नता के बावजूद असमानता और अन्याय बढ़ना, अंततः समुदाय की स्थिरता पर चोट करता है।
  • नियति और चेतावनी: यहोवा की चेतावनी भीतर से परिवर्तन का आह्वान है, ताकि लोग अस्थिर सुख-लाभ से ऊपर उठकर धार्मिक कर्तव्य निभाएँ।

संक्षिप्त क्रॉस-रेफरेंसे

ऊपर के विचार को सहारा देने वाले तीन संदर्भ हैं:

  • आमो 6:11: धन-संपत्ति के कारण नगरों का सुनसान होना बताता है कि भोग-विलास अंततः किताबी न्याय से दूर नहीं कर सकता।
  • मत्ती 26:38: यीशु के मन में घाव और विषाद के क्षणों में भी शारीरिक कमी और आत्मिक तड़क-भड़क से ऊपर उठने की आवश्यकता पर बल देता है।
  • यशायाह 1:23-24: धार्मिक नेतृत्व में भ्रष्टाचार के परिणामस्वरूप न्याय की कमी और सामाजिक असुरक्षा बढ़ती है।

इन क्रॉस-रेफरेंसेस से यह स्पष्ट होता है कि बाहरी समृद्धि और आंतरिक पवित्रता में दूरी आने पर सामाजिक-संरचना खतरे में पड़ती है, चाहे वह समय ή दशा कैसी भी हो।

व्यावहारिक सोच

हम आम तौर पर सफलता के शोर को सुनते हैं, पर यह पद हमें स्मरण कराता है कि ईश्वर के सामने नैतिकता, ईमानदारी और समाज-की एकजुटता अधिक मूल्यवान है। यदि हमारा घर-आवास भव्य हो, पर हमारा चरित्र और समाजिक न्याय कमजोर हो, तो वह ध्वस्त हो सकता है। आत्म-निरीक्षण करें: क्या हमारे समुदाय में समानता, मदद, और सचेत जवाबदेही है? स्वयं को पवित्रता, करुणा और साधारणता की ओर मोड़ें।

कहने योग्य निष्कर्ष

यशायाह 5:9 हमें यह स्पष्ट संदेश देता है कि बाहरी सुन्दरता और विशाल स्थान एक दिन निष्प्रय हो सकते हैं, यदि आंतरिक जीवन और सामाजिक-न्याय का ढाँचा सुदृढ़ नहीं हो। परमेश्वर की दृष्टि में असली समृद्धि चरित्र और नीतिगत सत्य में है, न कि महलों के आकार में।

संक्षिप्त टिप्पणी (महत्वपूर्ण उद्धरण)

Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के पारंपरिक विवेचनाओं में से संक्षिप्त सार: महान घर-निर्माण दिखावा है, पर नैतिक पतन सत्य है; नीतिगत आचार-व्यवहार में कमी से समाजिक संरचना ढह सकती है; चेतावनियाँ इसलिए दी जाती हैं ताकि लोग अस्थायी सुख के पीछे न भटके और真实 धर्मपरायणता लौटें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

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