Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यशायाह 1 यशायाह 2 यशायाह 3 यशायाह 4 यशायाह 5 यशायाह 6 यशायाह 7 यशायाह 8 यशायाह 9 यशायाह 10 यशायाह 11 यशायाह 12 यशायाह 13 यशायाह 14 यशायाह 15 यशायाह 16 यशायाह 17 यशायाह 18 यशायाह 19 यशायाह 20 यशायाह 21 यशायाह 22 यशायाह 23 यशायाह 24 यशायाह 25 यशायाह 26 यशायाह 27 यशायाह 28 यशायाह 29 यशायाह 30 यशायाह 31 यशायाह 32 यशायाह 33 यशायाह 34 यशायाह 35 यशायाह 36 यशायाह 37 यशायाह 38 यशायाह 39 यशायाह 40 यशायाह 41 यशायाह 42 यशायाह 43 यशायाह 44 यशायाह 45 यशायाह 46 यशायाह 47 यशायाह 48 यशायाह 49 यशायाह 50 यशायाह 51 यशायाह 52 यशायाह 53 यशायाह 54 यशायाह 55 यशायाह 56 यशायाह 57 यशायाह 58 यशायाह 59 यशायाह 60 यशायाह 61 यशायाह 62 यशायाह 63 यशायाह 64 यशायाह 65 यशायाह 66Verse
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यशायाह 5:5 पर प्रवचन का मुख्य बिंदु
यशायाह 5:5 में ईश्वर अपने लोगों के प्रति गहरी चोट को प्रस्तुत करते हैं: दाख की बारी का अपराधीकरण एक चेतावनी और एक निष्कासन की घोषणा बन जाता है। यहाँ भीतरी चेतावनी यह है कि धर्म-संरक्षण की जगह अगर दोष फैलता रहे, तो परिणाम संतप्त-उद्धार नहीं, बल्कि विनाश ही होगा। शेष जीवन-लंबी आशा के साथ नहीं टिकेगा, तो फलों के आग्रह के स्थान पर निराशा और विध्वंस आता है।
साहित्यिक संदर्भ (लंपित पाठ की संरचना)
यह पंक्ति एक दृष्टान्त के रूप में हैं: एक दाख की बार—which represents Israel–Judah’s spiritual vineyard—परिदृश्य को देखते ही स्पष्ट है कि परमेश्वर ने इसे सुरक्षा और फल के लिए बनाए रखा, परन्तु यदि वह अपनी रक्षा-धर्मिता और चरित्र को तोड़ता है, तो नियंत्रण खो देगा। बाड़े और दीवार जैसे प्रतीक बतलाते हैं कि God’s protective boundaries will be overrun, and turning it into wasteland indicates total judgment.
धर्मशास्त्रीय महत्व
यहाँ देवता अपने निवास-घट के भीतर अवांछित प्रवृत्तियों के कारण न्याय करते हैं। नार(hwnd) का उद्देश्य है कि लोगों में धार्मिक-अनुशासन और नैतिक जिम्मेदारी का जागरण हो। अगर दाख की बारी की तरह लोग अपनी प्रज्ञा और चरित्र से दूर रहेंगे, तो प्रभु उसका नियंत्रण हटा देंगे—उखाड़ना, रौंदना—ताकि नष्ट-निर्माण के बजाय नयी शुरुआत संभव हो सके।
पवित्रशास्त्र से सम्बद्ध संकेत (Cross-References)
इन क्रॉस-रेफरेंसेस से संकेत मिलता है कि परमेश्वर न्याय के साथ सुरक्षित-शासन के सिद्धान्त को बनाए रखते हैं और असफलताओं के बावजूद भी पुनर्स्थापन का मार्ग खोलते हैं।
विचार-विमर्श के प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
यशायाह 5:5 में प्रभु एक स्पष्ट चेतावनी देते हैं: अनुदानित धर्म-धरातल और नैतिक चरित्र से चूक अब फसल-नाश में बदल सकता है। परन्तु यह चेतावनी साथ-साथ पुनर्स्थापन और सुधार का अवसर भी है—दिल से परिशुद्धता, विश्वास और भय के साथ प्रभु के साथ फिर से कटिबद्ध होने का मौका।
हॉरिजन्ट उद्धरण (मात्र संदर्भ के लिए)
यदि आवश्यक हो तो नीचे दिए गए पवित्र-लेखक के समान उद्धरणों को संदर्भ के रूप में देखा जा सकता है:
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke—इनमें से कुछ विचारों के छोटे-छोटे संकेत नीचे दिए जाते हैं: “परमेश्वर अपने लोगों के प्रति न्याय के साथ प्रेम भी दिखाते हैं”—यह विचार संकेत करता है कि दंड के साथ चिर-उद्धार की राह भी खुली रहती है।