Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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1 इतिहास 11:21 की व्याख्या (HINIRV)
इस पदContext में दाऊद के चचेरे भाइयों और योद्धाओं की सूची के बीच यहियाल के पुत्र आदि मिलते हैं। यहां बतलाया गया है कि दुसरे स्तर के तीनों वीरों में से एक का नाम आता है जो मजबूत और प्रतिष्ठित था, परन्तु वह मुख्य तीनों के पद तक नहीं पहुँच पाया। यह पाठ हमें यह दिखाता है कि परमेश्वर के योजना में मान-सम्मान कैसे बँटते हैं और किस प्रकार चयन का मानदंड कभी-कभी सामान्य चमत्कारिक नेतृत्व के अनुरूप नहीं होता।
मुख्य अर्थ
पद यह संकेत करता है कि बड़े नाम और प्रसिद्धि के बावजूद, परम उद्देश्य में एक विशेष पद उन तीन प्रमुखों के लिए सुरक्षित रहता है। इसका संकेत यह भी है कि परमेश्वर के कार्य में सत्ता और ऊँचाइयाँ क्रमशः और प्रक्रियात्मक ढंग से मिलती हैं, न कि केवल बहादुरी या बल के आधार पर।
मुख्य विचार (तीन प्रमुख विषय)
क्रॉस-रेफरेंसेस (3 संकेत)
गंभीर विचार और व्यावहारिक अनुप्रयोग
हम देख सकते हैं कि वीरता केवल उच्च पद के लिए नहीं बल्कि सेवा के विविध रूपों के लिए भी आवश्यक है। विशिष्ट पद का होना एक प्रेरणा बन सकता है कि मनुष्यों के भीतर प्रचलित अहंकार के बजाय परमेश्वर की योजना का पालन करें। व्यक्तिगत विश्वास और समुदाय के नेतृत्व में, हर एक सदस्य अपने दायित्वों में दृढ़ता बनाए रखे।
संक्षिप्त समरी
यह पद हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर के राज्य में स्थान और सम्मान क्रम से मिलते हैं और हर योग्य वीर अपने-अपने योगदान से परमकार्य की सफलता में भूमिका निभाता है। असली प्रतिष्ठा वही है जो परमेश्वर के उद्देश्य के अनुरूप रहती है।
उद्धृत विचार (अगर उपयोग हों): Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरिक उद्धरणों से संपूर्ण सार बनाते समय उनके स्वर को समेकित किया गया है; केवल आवश्यक संक्षेपात्मक संदर्भ दिए गए हैं।