1 इतिहास 11:47 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

एलीएल, ओबेद और मसोबाई यासीएल।

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1 इतिहास 11:47 पद-दर-पद बाइबल टीका

याद दिलाने वाला सार: 1 इतिहास 11:47 (HINIRV)

यह पद एक सूची का भाग है जिसमें दाऊद के समय के कार्यकर्ताओं के नाम बताए गए हैं। यहाँ उल्लेखित तीन नाम—एलीएल, ओबेद, और मसोबाई—हमें यह देखने की प्रेरणा देते हैं कि परमेश्वर के लोक में विविध लोग एक साथ महान कार्यों को संपन्न करते हैं, भिन्न-भिन्न भूमिका के बावजूद एक ही उद्देश्य के लिए वफादार रहते हैं।

प्रसंग का हल्का संदर्भ

1 इतिहास की किताब राजाओं के उत्तराधिकार और देश की सेवाओं का क्रम दिखाती है। यहाँ क्षत्रपों और सेवक-समूहों के नाम संस्कार-परंपरा के अनुसार दाऊद के युग की सामंजस्यपूर्ण व्यवस्था को दर्शाते हैं। यह सूचियाँ बताती हैं कि परमेश्वर के कर्मचारी कैसे विभिन्न क्षमताओं और पदों के माध्यम से भी एक साथ चलते हैं, ताकि राज्य और आराधना दोनों मजबूत रहें।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • नामों की प्रस्तुति: सूचाओं में छोटे-छोटे नाम भी महत्व रखते हैं; हर व्यक्ति की भूमिका विशेष और पूज्यनीय मानी जाती है।
  • समर्पण का गुण: इन नामों के साथ दाऊद के संदर्भ में यह संकेत मिलता है कि यह व्यवस्था चरितार्थ होती है जब हर दल अपनी जगह पर काम करता है।
  • कवि-स्वर और कर्मचारी-आधार: पुरानी व्यवस्था में गहन सेवाकार्यों के लिए विविध कौशलों की जरूरत थी; यह सूची यह बताती है कि परमेश्वर की योजना हर प्रकार के पुरुषों को सम्मान देती है।

थीमेटिक नोट्स

  1. विविधता में एकता: अलग-अलग नामों के साथ एक ही उद्देश्य—चाहे राजा का शासन हो या आराधना—सब एक समूह का हिस्सा हैं।
  2. विश्वास और निष्ठा: दाऊद के समय में कार्य करने वाले लोग अपने-अपने कार्यों में विश्वास और निष्ठा दिखाते हैं।
  3. योजना का संगठन: सूचाओं के पीछे एक सुव्यवस्थित प्रशासन और टीमवर्क का दर्शन है।

संदर्भ-गु'''

संयुक्त पठन संदर्भ - 1 इतिहास 11:15-19: दाऊद की चढ़ाई और अयोध्या-परिचय से प्रेरणा मिलती है कि कैसे टीमवर्क से परमेश्वर के साथ एक मजबूत सामुदायिक जीवन बनता है। - 2 समूएल 5:11-12: राजधानी के समय में प्रशासनिक और धार्मिक उद्यम का संतुलन समझाया गया है; यह सूचियाँ उसी संतुलन की प्रस्तुति करती हैं। - हिज्ज कैम्ब्ल: पुराने नियम में परमेश्वर के कर्मचारी विविध पृष्ठभूमियों से आते हैं, यह दर्शाता है कि हर वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है।

प्रयुक्त क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में)

  • 1 इतिहास 11:15-19: दाऊद के साथ विविध सेवक-समूहों का सहयोग और नेतृत्व का प्रभाव
  • 2 समूएल 5:11-12: प्रशासन और आराधना के बीच संतुलन
  • नीतिवचन के नैतिक सिद्धांत: समुदाय में हर सदस्य की गरिमा और योगदान का मूल्य

संक्षिप्त व्यवहारिक निष्कर्ष

परमेश्वर के मिशन में हमें अपनी-अपनी योग्यताओं के साथ प्रतिष्ठित भूमिका निभानी चाहिए। छोटे-छोटे योगदान भी समाज-परिवार और आराधना-कार्य को मजबूत बनाते हैं। एक दूसरे की ताकतों को स्वीकार कर सहयोग से ही बड़े काम संभव होते हैं।

पक्की निष्कर्ष

एलीएल, ओबेद और मसोबाई जैसे नाम हमें यह याद दिलाते हैं कि परमेश्वर के काम में विविध प्रतिभाओं का एक समन्वित बंधन आवश्यक है—हर सदस्य की आदरणीय भूमिका है, जो मिलकर राज्य-सेवा और आराधना को ऊँचाइयों तक ले जाती है।

पूर्व-चिंतन के लिए उद्धरण (संकेत)

मॅथ्यू हेनरी, अल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के सार्वजनिक-डायरिक टिप्पणियों से उठी मुख्य धारणाओं के अनुरूप समेकित सार यह है: विविधता में एकता, कर्तव्य की निष्ठा, और संगठन की रणनीति—ये सभी प्रेरक तत्व हैं जो परमेश्वर के जीवन्त लोगों को एक साथ आगे बढ़ाते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 इतिहास 11:47 समानांतर पद और संबंधित वचन

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