1 इतिहास 11:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यहोवा ने इस्राएल के विषय जो वचन कहा था, उसके अनुसार दाऊद के जिन शूरवीरों ने सब इस्राएलियों समेत उसके राज्य में उसके पक्ष में होकर, उसे राजा बनाने को जोर दिया*, उनमें से मुख्य पुरुष ये हैं।

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1 इतिहास 11:10 पद-दर-पद बाइबल टीका

शब्दार्थ का स्पष्ट अर्थ

यहूदा के उन वीरों का परिचय है, जिनके साथ दाऊद ने राज्यारोहण हेतु सहयोग किया और उनकी बहादुरी के कारण उन्हें राष्ट्र ने राजा के रूप में मान्यता दी। यहाँ कहा गया है कि यहोवा ने उन श्रेष्ठ पुरुषों को चुना और उनके पक्ष में आकर दाऊद को राजा घोषित किया।

संदर्भ-परिप्रेक्ष्य

1 इतिहास 11 में दाऊद की सेना-परिचय और राज्यगठन का पन्ना है। पिछले अध्यायों में दाऊद के वीरों की सूचियाँ दी गयीं और यह अध्याय उनके प्रभावशाली समर्थकों की पहचान पर केंद्रित है। यह बताता है कि राज्य-सिंहासन के लिए मान्यता कोई मानवीय धक्का नहीं, बल्कि परमेश्वर की योजना और आशीष से जुड़ा है।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • वक्तव्य का मुख्य तात्पर्य यह है कि दाऊद को राजा बनाने में परमेश्वर की योजना और समर्थक वीरों की भूमिका निर्णायक रही।
  • “सब इस्राएलियों समेत उसके राज्य में उसके पक्ष में होकर” से यह स्पष्ट होता है कि यह एक सामान्य स्वीकृति नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय-समर्थन था, जिसे दाऊद की नेतृत्व-योग्यता और वीरता की पुष्टि मिली।
  • यहोवा का नाम स्पष्ट रूप से उद्धृत है, जो बताता है कि सत्ता-परिवर्तन ईश्वर के नियन्त्रण के अधीन है और मानव प्रयास आगे बढ़ने का माध्यम है, न कि अंतिम फैसला अलगावों का परिणाम।

थीमेटिक बिंदु

  1. परमेश्वर की योजना में नेतृत्व का चयन
  2. जन-सहयोग और राष्ट्र की एकता द्वारा राज-Celebration
  3. नायकत्व और कर्तव्य–वीरता की मान्यता

क्रॉस-रिफरेन्स और उनसे जुड़ी संकल्पना

- 2 समुएल 5:2: इतिहास में बताता है कि इस्राएल के फलस्वरूप राजा का चयन परमेश्वर के हाथों में है। यह संदर्भ इस बात को स्पष्ट बनाता है कि दाऊद के राजा बनने की प्रक्रिया परमेश्वर की अभिलाषा के अनुरूप थी।

- 1 शमूएल 16:1-13: यहोवा नये राजा के चुनाव के लिए एक स्पष्ट प्रकटीकरण देता है कि शंकर शासन के निर्णय मनुष्य के विचारों से ऊपर हैं और परिवार के भीतर भी परमेश्वर के मामलों की दिशा तय होती है।

व्यावहारिक निष्कर्ष

1) नेतृत्व के लिए ईश्वर की अनुमति—जब समुदाय एकजुट होकर ईश्वर की योजना के अनुरूप कदम उठाए, तब राजा जैसे प्रमुख कार्य स्वतः समर्थित होते हैं।

2) वीरता और निष्ठा के अनुरूप समर्थक—सार्वभौमिकता में भी संतोषजनक नीतियाँ बनती हैं जहाँ समुदाय के सदस्य मिलकर एक पंक्ति में खड़े रहते हैं।

छोटी-सी शाब्दिक पूरक टिप्पणी

यहोवा के चयन और दाऊद के समर्थकों का उल्लेख हमें यह दिखाता है कि महान उद्देश्यों के लिए मानव-उत्कर्ष और परमेश्वर की योजना साथ-साथ चलते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 इतिहास 11:10 समानांतर पद और संबंधित वचन

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1 इतिहास 11:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
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इसलिए सब इस्राएली पुरनिये हेब्रोन में राजा के पास आए, और दाऊद ने उनके साथ हेब्रोन में यहोवा के सामने वाचा बाँधी; और उन्होंने यहोवा के वचन के अनुसार, जो उसने शमूएल से कहा था, इस्राएल का राजा होने के लिये दाऊद का अभिषेक किया।

1 शमूएल 16:12 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 16:12 (HINIRV) »
तब वह उसे बुलाकर भीतर ले आया। उसके तो लाली झलकती थी, और उसकी आँखें सुन्दर, और उसका रूप सुडौल था। तब यहोवा ने कहा, “उठकर इसका अभिषेक कर: यही है।”

1 शमूएल 16:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 16:1 (HINIRV) »
यहोवा ने शमूएल से कहा, “मैंने शाऊल को इस्राएल पर राज्य करने के लिये तुच्छ जाना है, तू कब तक उसके विषय विलाप करता रहेगा? अपने सींग में तेल भर कर चल; मैं तुझको बैतलहमवासी यिशै के पास भेजता हूँ, क्योंकि मैंने उसके पुत्रों में से एक को राजा होने के लिये चुना है*।” (लूका 3:31-32)

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