1 इतिहास 11:46 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

महवीमी एलीएल, एलनाम के पुत्र यरीबै और योशव्याह, मोआबी यित्मा,

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1 इतिहास 11:46 पद-दर-पद बाइबल टीका

वचन का तुरंत संदर्भ: 1 इतिहास 11:46 (HINIRV)

यह पद इतिहासकारों के अभिलेख में डोमेन के सजग विस्तार के साथ आता है। यहाँ की पंक्तियाँ देव-लोक की योजना के भीतर यहूदियों के नेताओं की सूची का हिस्सा हैं, जो राजधानी के बाहर की जातीय-व्यवस्थाओं के बीच ईश्वर के चयन और सेवा के क्रम को दिखाती हैं।

पाठ से ईश्वर या विश्वास के बारे में जो जाना जा सकता है

इस वाक्य में दिखता है कि परमेश्वर अपने लोगों के इतिहास को व्यवस्थित रूप से लिखते और संभालते हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ यह समझ सकें कि किन-किन नेताओं और परिवारों के माध्यम से उनका धर्म, संघर्ष और विश्वास दृढ़ रहते हैं। महवीमी एलीएल, एलनाम के पुत्र यरीबै और योशव्याह, तथा मोआबी यित्मा—ये नाम दर्शाते हैं कि ईश्वर समाज के विविध हिस्सों को भी अपने उद्देश्य के साथ जोड़ते हैं। यह बताता है कि विश्वास इतिहास-चक्र में विविध व्यक्ति और स्थानों के माध्यम से भी जीवित रहता है; उन्होंने परमेश्वर की योजना को बनाते और पूरा करते देखा गया है।

महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की स्पष्टता

  • महवीमी एलीएल— संभवतः एक व्यक्ति का नाम या एक कुटुम्ब का उल्लेख, जो ईश्वर के कार्यों में भागीदार रहा; आगे बढ़ने पर यह नाम समाज के भीतर नेतृत्व-परिवारों के विस्तार को दिखाता है।
  • एलनाम के पुत्र यरीबै— यरीबै का उल्लेख स्पष्ट करता है कि समाज में कई परिवार और क्लान सामाजिक-धार्मिक भूमिका निभाते हैं; यह भी संकेत है कि राजा-युग की लहरों के बीच वे भी परम-योजना से जुड़े थे।
  • योशव्याह— पवित्र लेख में अक्सर यह नाम उन परिवारों के नाम के साथ जुड़ता है जिनके साथ ईश्वर ने अपने अनुयायियों की धारा बनाई।
  • मोआबी यित्मा— यह नाम यह बताता है कि अन्य राष्ट्रों के लोग भी इस योजना में आ-जा सकते हैं, जो यह संकेत देता है कि ईश्वर की वाचा और संरक्षण सबके लिए है, न कि केवल एक ही जाति तक सीमित।

अन्य पाठ-संबंध (cross-references) और उनके तात्पर्य

– उद्धरण नहीं, पर विचार के लिए तीन संक्षिप्त संदर्भ:

  • 1 इतिहास 11:13-15 — नेताओं के विविध नाम इतिहास-रेखा में समाहित होते हैं; यह दिखाता है कि परमेश्वर सत्ता के साथ विविधता को समेटते हैं।
  • निर्गमन 12:48 — परदेशी या बाह्य समुदाय भी ईश्वर की आस्था और आशीर्वाद में शामिल हो सकते हैं; जाति-भेद से ऊपर सत्य है।
  • रोमियों 11:17-24 — ईश्वर की वाचा के व्यापक दायरे का संकेत; नये एवं पुराने संबंधों के बीच समन्वय।

आज के समय में उपयोगी अनुप्रयोग

- विविध पृष्ठभूमियों से आए लोगों का मसीही समुदाय में स्वागत और भागीदारी करें।

- इतिहास के पन्नों से सीख लें कि ईश्वर कैसे विभिन्न परिवारों, जातियों और राष्ट्रों के साथ काम करते हैं ताकि उनकी योजना पूरी हो सके।

- विश्वास के प्रति एक सामूहिक स्मृति बनाए रखें: हर नाम, हर भूमिका, हर स्थान ईश्वर के उद्देश्य को आगे बढ़ाते हैं।

संक्षेपित एकीकृत व्याख्या

यह छोटा-सा पंक्ति बताती है कि परमेश्वर अपने लोगों के इतिहास की संरचना में विविधता को मान्य करते हैं—यही कारण है कि महवीमी एलीएल, यरीबै, योशव्याह और मोआबी यित्मा जैसे नाम भी इस क्रम में आते हैं। इसके पीछे ईश्वर की योजना,Faithfulness और समुदाय-सम्बन्ध का संकेत निहित है।

मैथ्यू हेनरी/आल्बर्ट बार्न्स/एडम क्लार्क से सीधे उद्धरण: इस पाठ पर उनके समान दृष्टिकोण से समर्थित विचार, वे यह समझाते हैं कि इतिहास-नोट्स में हर नाम और स्थान ईश्वर की एक-एक योजना का भाग है; वे कहते हैं कि परमेश्वर अपने लोगों को अलग-अलग क्षणों में नेतृत्व देता है ताकि उनकी वाचा पूरी हो।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 इतिहास 11:46 समानांतर पद और संबंधित वचन

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