1 राजाओं 8:29 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

कि तेरी आँख इस भवन की ओर अर्थात् इसी स्थान की ओर जिसके विषय तूने कहा है, 'मेरा नाम वहाँ रहेगा,' रात दिन खुली रहें और जो प्रार्थना तेरा दास इस स्थान की ओर करे, उसे तू सुन ले।

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1 राजाओं 8:29 पद-दर-पद बाइबल टीका

मुख्य अर्थ की संक्षिप्त व्याख्या

यह verses कहते हैं कि परमेश्वर की आँखें इस मंदिर पर स्थिर रहेंगी—यानी जहां उसका नाम ठहराया गया है, वहीं उसकी उपस्थिति और सुनवाई सक्रिय रहे। दास के प्रार्थना करने पर वह कृपा से सुन लेगा।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

1 राजाओं 8:29 नबी सुलैमान के प्रार्थना‑समय का हिस्सा है जब उसने मंदिर के चौखट के भीतर परमेश्वर के प्रति आशीषपूर्ण समर्पण प्रकट किया। मंदिर की स्थिति और "नाम वहाँ रहेगा" का कथन यह दर्शाता है कि परमेश्वर अपना निवास स्थान एक विशिष्ट स्थान पर चाहता है—यही कारण है कि नमाज उस जगह से जुड़ी रहती है। यह पाठ परमेश्वर के विश्वासयोग्य निवास और दास की प्रार्थना की प्रभावशीलता को एक साथ रेखांकित करता है।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • आँखें खुली रहें: परमेश्वर प्रत्येक क्षण मंदिर के अगले कदम, प्रार्थना‑आह्वान को देख और सुन सकता है।
  • नाम की उपस्थिति: "मेरा नाम वहाँ रहेगा" से संकेत मिलता है कि आगामी पीढ़ियाँ भी उस स्थान के प्रति धार्मिक अनुभव और वाचा का संचार पाएंगी।
  • दास की प्रार्थना: जो भी दास इस स्थान की ओर प्रार्थना करे, उसे सुनना और उत्तर देना परमेश्वर की कृपा का प्रतीक है।

थीमेटिक बिंदु

  1. स्थानीय प्रार्थना की शक्ति: एक विशिष्ट स्थल पर की गई प्रार्थना भी प्रायः व्यापक आशीषों का मार्ग बनती है।
  2. परमेश्वर की उपस्थिति और करुणा: नाम की उपस्थिति के साथ-साथ दीन‑हृदय प्रार्थनाओं का स्मरण और प्रत्युत्तर होता है।
  3. आवाज और सुनवाई की व्यवस्था: परमेश्वर की सुनवाई का नियम दास के humble प्रयोग पर निर्भर है।

अन्य बाइबिल संदर्भ और उनका संक्षिप्त संबंध

- पवित्र मंदिर का स्थायित्व और प्रार्थना का प्रभाव स्पर्श करता है: पुराने नियम के अन्य स्थान मंदिर‑निर्देश और प्रार्थना के विश्वास को जोड़ते हैं। - एकीकृत आशीष: दया और कृपा की गर्माहट, विशेषकर आत्मीय प्रार्थना में, अन्य ग्रंथों में भी समान रूप से प्रचारित है।

संक्षिप्त व्यावहारिक takeaway

अगर आप किसी विशेष उपासना स्थूल स्थान पर जाते हों, तो याद रखें कि परमेश्वर की दृष्टि और सुनवाई वहाँ सत्ता में रहती है—परमेश्वर के नाम के पीछे उसकी आस्था और प्रार्थना‑आचरण से जीवन में ठहराव और उत्तर मिल सकता है। प्रार्थना सिर्फ शब्द नहीं, दिल से की गई श्रद्धा है जो स्थान-निर्भर नहीं, बल्कि प्रेम के साथ हर समय उपलब्ध रहती है।

महत्त्वपूर्ण उद्धरण (संदर्भित पाठ से) और क्रॉस‑रेफरेंसे

यहाँ सीधे उद्धरण नहीं दिए जा रहे; केवल ऐसे सेतु वाक्य हैं जो ध्यान दें कि पुराने टिप्पणीकारों के अनुसार परमेश्वर की स्थिर उपस्थिति और दास की प्रार्थना का उत्तरदेयbeneफर जो है, उसे आधुनिक पाठ में भी समझना चाहिए।

टिप्पणीकारों के समान विचार (संक्षेप)

Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के PD‑टिप्पणियों से सामान्य धारा यही है कि परमेश्वर भक्त के साथ रिश्ते में रहता है, स्थान‑विशिष्ट आशीष के पीछे उसका नाम और उसकी प्रतिज्ञा का स्थायित्व है। उनके शब्दों से, “प्रार्थना आवश्यक है; परमेश्वर सुनते हैं; उनका नाम वही शक्ति देता है जो स्थान की पवित्रता के भीतर स्थिर रहती है।”

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 राजाओं 8:29 समानांतर पद और संबंधित वचन

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2 इतिहास 6:20 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 इतिहास 6:20 (HINIRV) »
वह यह है कि तेरी आँखें इस भवन की ओर, अर्थात् इसी स्थान की ओर जिसके विषय में तूने कहा है कि मैं उसमें अपना नाम रखूँगा, रात-दिन खुली रहें, और जो प्रार्थना तेरा दास इस स्थान की ओर करे, उसे तू सुन ले।

व्यवस्थाविवरण 12:11 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 12:11 (HINIRV) »
और तुम निडर रहने पाओ, तब जो स्थान तुम्हारा परमेश्‍वर यहोवा अपने नाम का निवास ठहराने के लिये चुन ले उसी में तुम अपने होमबलि, और मेलबलि, और दशमांश, और उठाई हुई भेटें, और मन्नतों की सब उत्तम-उत्तम वस्तुएँ जो तुम यहोवा के लिये संकल्प करोगे, अर्थात् जितनी वस्तुओं की आज्ञा मैं तुमको सुनाता हूँ उन सभी को वहीं ले जाया करना।

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1 राजाओं 8:16 (HINIRV) »
'जिस दिन से मैं अपनी प्रजा इस्राएल को मिस्र से निकाल लाया, तब से मैंने किसी इस्राएली गोत्र का कोई नगर नहीं चुना, जिसमें मेरे नाम के निवास के लिये भवन बनाया जाए; परन्तु मैंने दाऊद को चुन लिया, कि वह मेरी प्रजा इस्राएल का अधिकारी हो।'

1 राजाओं 8 (HINIRV) Verse Selection

1 राजाओं 8:1 1 राजाओं 8:2 1 राजाओं 8:3 1 राजाओं 8:4 1 राजाओं 8:5 1 राजाओं 8:6 1 राजाओं 8:7 1 राजाओं 8:8 1 राजाओं 8:9 1 राजाओं 8:10 1 राजाओं 8:11 1 राजाओं 8:12 1 राजाओं 8:13 1 राजाओं 8:14 1 राजाओं 8:15 1 राजाओं 8:16 1 राजाओं 8:17 1 राजाओं 8:18 1 राजाओं 8:19 1 राजाओं 8:20 1 राजाओं 8:21 1 राजाओं 8:22 1 राजाओं 8:23 1 राजाओं 8:24 1 राजाओं 8:25 1 राजाओं 8:26 1 राजाओं 8:27 1 राजाओं 8:28 1 राजाओं 8:29 1 राजाओं 8:30 1 राजाओं 8:31 1 राजाओं 8:32 1 राजाओं 8:33 1 राजाओं 8:34 1 राजाओं 8:35 1 राजाओं 8:36 1 राजाओं 8:37 1 राजाओं 8:38 1 राजाओं 8:39 1 राजाओं 8:40 1 राजाओं 8:41 1 राजाओं 8:42 1 राजाओं 8:43 1 राजाओं 8:44 1 राजाओं 8:45 1 राजाओं 8:46 1 राजाओं 8:47 1 राजाओं 8:48 1 राजाओं 8:49 1 राजाओं 8:50 1 राजाओं 8:51 1 राजाओं 8:52 1 राजाओं 8:53 1 राजाओं 8:54 1 राजाओं 8:55 1 राजाओं 8:56 1 राजाओं 8:57 1 राजाओं 8:58 1 राजाओं 8:59 1 राजाओं 8:60 1 राजाओं 8:61 1 राजाओं 8:62 1 राजाओं 8:63 1 राजाओं 8:64 1 राजाओं 8:65 1 राजाओं 8:66

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