2 इतिहास 6:37 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तो यदि वे बँधुआई के देश में सोच विचार करें, और फिरकर अपने बन्दी बनानेवालों के देश में तुझसे गिड़गिड़ाकर कहें, 'हमने पाप किया, और कुटिलता और दुष्टता की है,'

पिछला पद
« 2 इतिहास 6:36
अगला पद
2 इतिहास 6:38 »

2 इतिहास 6:37 पद-दर-पद बाइबल टीका

2 इतिहास 6:37 परिप्रेक्ष्य में: दया और क्षमा की राह

इस पद में राजा दाऊद के वंशज के लिए परमेश्वर की विशाल कृपा और व्यवस्था का संदर्भ मिलता है। यह गीत-परिपाटी में नहीं, बल्कि नीतिगत स्मरण में है कि जब देश दुष्कर्म और दानव प्रवृत्ति से घिर जाता है, तब भी आशा रहती है: पराजय के बाद भी ईश्वर उद्धार के अवसर देता है। काबुल के बंधन के बाद यदि देश पाप-कीचड़ से लौटकर सच के रास्ते पर आए, तो प्रभु क्षमा और पुनःस्थापन का द्वार खोलते हैं।

केंद्रीय विश्लेषण

यह वाक्य बताता है कि जब ईश्वर के चुने हुए लोग गलत मार्ग पर होते हैं, और वे अपने दास बनाकर रखने वालों के देश में फंसे होते हैं, तब भी मनुष्यों की गिड़गिडाहट और पाप-स्वीकारण परमेश्वर के आकाशीय न्याय को बाधित नहीं करते। बल्कि यह दिखाता है कि पिता के दिल में क्षमा और पुनःस्थापन की इच्छा हमेशा बनी रहती है।

मुख्य विचार

  1. कृपा और दया की बहती धारा: दया सिर्फ समय-समय पर नहीं, परंपरे से चिह्नित है कि जब कोई प्रकट रूप से पाप स्वीकार कर सच की राह वापस लौटे।
  2. आत्म-स्वीकार और सुधार: 'हमने पाप किया, और कुटिलता और दुष्टता की है' यह ईमानदार आत्मस्वीकृति है जो सुधार के द्वार खोलती है।
  3. नियति और चयन: बंधन और देश-परिवर्तन के संदर्भ से यह स्पष्ट है कि नेक निर्णय और पवित्रता की दिशा भीतर से बनती है, बाहरी परिस्थितियाँ फिर भी ईश्वर की योजना को नहीं रोक सकतीं।

संबद्ध पदों के संदर्भ

• विदेशों में दासत्व के अनुभव और विनती के संदर्भ पढ़ते समय ध्यान दें कि परमेश्वर की कथा में ग्लानि और पश्चात्ताप से उद्धार संभव है (उद्धार का दायरा मनुष्य के स्वीकृति पर निर्भर है)।

• फिरौन और बाइबल के अन्य भागों में प्रतिशोध के बजाय क्षमा और पुनःस्थापन का मार्ग दिखाया गया है (जहां प्रवास और दुर्दशा के बाद सुधार संभव रहता है)।

• दया के मार्ग पर लौटना, और बाधाओं के बावजूद परमेश्वर के वायदा-चक्र को अक्षुण्ण रखना एक भक्त की स्थिर आशा है।

व्यावहारिक विचार

  • यदि आप या आपका समाज किसी दासत्व-स्थिति में फँस जाए, तो ईश्वर के सामने सत्य और पश्चात्ताप सबसे पहले रखें; इससे वह मार्ग खोलते हैं जो पुनःस्थापन की ओर ले जाता है।
  • पारिवारिक या सामाजिक विघटन के समय भी क्षमा और सुधार के प्रदर्शन से रिश्ते बहाल हो सकते हैं; क्षमा-याचना ईश्वर के साथ-साथ मानवीय संबंधों को पुनः बनाती है।

संक्षेप

यह पद संकेत देता है कि पाप के अंधकार में भी ईश्वर की करुणा के लिए जगह है जब मनुष्य ईमानदारी से पश्चात्ताप करते हैं और सत्य लौटते हैं। दया और पुनःस्थापन का परमेश्वर का मार्ग इस विश्वास को पुष्ट करता है कि उद्धार संभव है, भले ही परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों।

क्रॉस-रेफरेंसेस

1) दूसरे जो भी बाइबल संदर्भ पाप-स्वीकारण पर बल देते हैं, वे बतलाते हैं कि सच में पश्चात्ताप से उद्धार संभव है (उदा. पुराने नियम के अन्य उदाहरण).

2) दया और क्षमा के संदर्भ में दूसरे भागों में भी दिखता है कि बाधाओं के बावजूद परमेश्वर की कृपा बनी रहती है।

3) पुनःस्थापन के विचार को न्यू टेस्टामेंट के उद्धार-तत्व से जोड़कर जीवन-समर्थन मिलता है कि सच के मार्ग पर लौटना परमेश्वर की योजना है।

नोट: यह व्याख्या एक संयुक्त दृष्टिकोण से की गई है, जिसमेंMatthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke की सार्वजनिक-डोरिद्दर्श टिप्पणियाँ से प्रेरणा मिली है, और उनमें से संक्षिप्त उद्धरण/सार नीचे परिलक्षित हैं।

संक्षिप्त उद्धरण (यदि उपलब्ध): Matthew Henry के समान विचारों के ध्वनिमान भाग सामान्य रूप से "एहसास-आत्म-स्वीकृति" और "पुनःस्थापना" पर बल देते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 इतिहास 6:37 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

लैव्यव्यवस्था 26:40 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लैव्यव्यवस्था 26:40 (HINIRV) »
“पर यदि वे अपने और अपने पितरों के अधर्म को मान लेंगे, अर्थात् उस विश्वासघात को जो उन्होंने मेरे विरुद्ध किया, और यह भी मान लेंगे, कि हम यहोवा के विरुद्ध चले थे,

व्यवस्थाविवरण 4:29 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 4:29 (HINIRV) »
परन्तु वहाँ भी यदि तुम अपने परमेश्‍वर यहोवा को ढूँढ़ोगे, तो वह तुमको मिल जाएगा, शर्त यह है कि तुम अपने पूरे मन से और अपने सारे प्राण से उसे ढूँढ़ो।

व्यवस्थाविवरण 30:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 30:1 (HINIRV) »
“फिर जब आशीष और श्राप की ये सब बातें जो मैंने तुझको कह सुनाई हैं तुझ पर घटें, और तू उन सब जातियों के मध्य में रहकर, जहाँ तेरा परमेश्‍वर यहोवा तुझको बरबस पहुँचाएगा, इन बातों को स्मरण करे,

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें