2 राजाओं 23:36 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

जब यहोयाकीम राज्य करने लगा, तब वह पच्चीस वर्ष का था, और ग्यारह वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा; उसकी माता का नाम जबीदा था जो रूमावासी पदायाह की बेटी थी।

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2 राजाओं 23:36 पद-दर-पद बाइबल टीका

मुख्य व्याख्या बिंदु

2 राजाओं 23:36 में कहा गया है कि योयाकीम राजगद्दी पर चढ़ने समय उसकी आयु पच्चीस वर्ष थी और उसने ग्यारह वर्ष तक राज्य किया। इस वचनीय विवरण से स्पष्ट होता है कि यह अवधि यहूदा के इतिहास में बहुधा ताप, धार्मिक उथल-पुथल और राजा-राज्य के परिवर्तन की एक ठोस परत है; राजा की आयु और शासन का समय उसका नेतृत्व और नीतिगत प्रवृत्ति का संकेत देता है, परन्तु इसके भीतर के कड़वे सच यह है कि उसकी सरकार के दौरान राष्ट्र ने कई आंतरिक और बाहरी चुनौतियों का सामना किया।

साहित्यिक संदर्भ (लिटरेरी_CONTEXT)

यह पंक्ति सीधे राजा-काल के पारंपरिक इतिहास को स्थापित करती है—राजाओं की आयु और उनके शासन का मानक तरीका। पच्चीस वर्ष की आयु में राजा का चयन सामान्य है, परन्तु ऐतिहासिक निरोध में यह समय यहूदा के सामाजिक-धार्मिक जीवन के बिंदुओं की परीक्षा दर्शाता है: मंदिर-उत्साह, नबियों की शिक्षाओं का प्रभाव, और विधायिका की भूमिका। यह परिच्छेद राजा के जन्म-परिवार के लाइनage को भी छूता है—अध्याय 22–23 की पंक्तियों से मेल खाते हुए माता के नाम और पितृक-वंश की पहचान का महत्व उभरेगा।

थीओलॉजिकल महत्त्व

यहोयाकीम के राज्याभिषेक का संकेत देते समय यह बताता है कि परमेश्वर के पक्ष में प्रतिगमन के बजाय सत्ता में आने वाला व्यक्ति किस प्रकार परमसत्ता के नियमों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता दिखाता है। पंक्ति विशेष में पिता और माता के नाम की सूचना हमें यह समझाती है कि राजपरिवार के इतिहास में बायबल की पारिवारिक-धार्मिक धारा कैसे चलती है। अगर राजा धार्मिक रीति-रिवाजों को छोड़कर अन्य नीतियों पर चलता है, तो उसका शासन इतिहास-परिणामों से सामने आता है।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संयुक्त संदर्भ) और संक्षिप्त व्याख्या

- 2 इतिहास 36:9-10 (राजाओं के राज्य-चक्र और आयु): यह संदेश देता है कि राजा की आयु और शासन काल राष्ट्र-इतिहास में कैसे दर्ज होते हैं, और उनके शासन के परिणाम किस प्रकार आगे की घटनाओं को प्रेरित करते हैं।

- 2 राजाओं 22–23 (यहोयाकीम के समय की धार्मिक और सामाजिक उथल-पुथल): इन अध्यायों में यहूदा के मंदिर-परिवर्तन और नबियों की भूमिका उजागर होती है, जिससे यह आयु-आधारित जानकारी एक व्यापक संदर्भ में जुड़ती है।

- 2 इतिहास 26 (युशाफात और आंतरिक रीति-रिवाज): यहूदा के राजाओं के धार्मिक उत्तरदायित्व और उनके निर्णय-प्रवृत्ति पर प्रकाश डालता है, जो पृष्ठभूमि में योयाकीम के शासन की नैतिक महत्ता को समझने में मदद करता है।

विचारणीय प्रशन (Reflection Questions)

  • राजसी आयु और शासन की अवधि हमारी नीति-निर्णय-शक्ति के साथ कैसे मेलखाते हैं? क्या सत्ता का सही उपयोग परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप होता है?
  • पिता-मत और माता के पवित्र-वंश की पहचान कैसे राज-व्यवस्था के नैतिक दायित्वों को आकार देती है?

सारांश निष्कर्ष

यह verse योयाकीम की उम्र और शासन के लगभग कठोर तथ्य देता है ताकि पाठक इतिहास के अनुक्रम को समझ सके—यह एक ऐसी समय-सारिणी है जहाँ राजा के नेतृत्व का समाज पर प्रभाव स्पष्ट होता है। यहुदा के भविष्य के पथ-पट पर विचार करते समय, आयु-आधारित विवरण एक मात्र संकेत नहीं बल्कि परमेश्वर की योजनाओं के बीच मानवीय निर्णयों की परीक्षा का संकेतक बन जाते हैं।

अन्वेषण पथ (Cross-references का संक्षिप्त उपयोग)

याद रहे: सत्ता और धर्म के मिलन को देखते हुए, पाठक 2 इतिहास 36:9-10 और 2 राजाओं 22–23 में मंदिर-उद्धार और नबियों के संदेश को देखें; साथ ही 2 इतिहास 26 पर राजा-नीति और धार्मिक उत्तरदायित्व की चर्चा से यह स्पष्ट आता है कि आयु-आधार पर लिखा गया यह विवरण भी एक बड़े नैतिक-धार्मिक पाठ का भाग है।

नोट: इस पंक्ति का संगत उद्धरण मौलिक पाठ से सीधे दिया गया है—“पच्चीस वर्ष का था, और ग्यारह वर्ष तक राज्य करता रहा; उसकी माता का नाम जबीदा था जो रूमावासी पदायाह की बेटी थी।”

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 राजाओं 23:36 समानांतर पद और संबंधित वचन

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2 इतिहास 36:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 इतिहास 36:5 (HINIRV) »
जब यहोयाकीम राज्य करने लगा, तब वह पच्चीस वर्ष का था, और ग्यारह वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। उसने वह काम किया, जो उसके परमेश्‍वर यहोवा की दृष्टि में बुरा है।

1 इतिहास 3:15 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 इतिहास 3:15 (HINIRV) »
और योशिय्याह के पुत्र: उसका जेठा योहानान, दूसरा यहोयाकीम; तीसरा सिदकिय्याह, चौथा शल्लूम।

यिर्मयाह 1:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 1:3 (HINIRV) »
इसके बाद योशिय्याह के पुत्र यहूदा के राजा यहोयाकीम के दिनों में, और योशिय्याह के पुत्र यहूदा के राजा सिदकिय्याह के राज्य के ग्यारहवें वर्ष के अन्त तक भी प्रगट होता रहा जब कि उसी वर्ष के पाँचवें महीने में यरूशलेम के निवासी बँधुआई में न चले गए।

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