यिर्मयाह 1:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

इसके बाद योशिय्याह के पुत्र यहूदा के राजा यहोयाकीम के दिनों में, और योशिय्याह के पुत्र यहूदा के राजा सिदकिय्याह के राज्य के ग्यारहवें वर्ष के अन्त तक भी प्रगट होता रहा जब कि उसी वर्ष के पाँचवें महीने में यरूशलेम के निवासी बँधुआई में न चले गए।

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यिर्मयाह 1:3 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 1:3 पर Commentary: इस verse का महत्व

यह आयत यिर्मयाह की महान राजनीतिक-आत्मिक भूमिका को स्पष्ट करती है: परमेश्वर के दूत भविष्यवक्ता को प्रेषित करते हैं कि वह इस समय के नेताओं और लोगों से संबोधित करे, ताकि उनके आचरण में परिवर्तन आए और परमेश्वर की योजना के अनुसार कटु निर्णयों से पहले वे चेत जाएँ। यह verse यह दिखाता है कि भविष्यवाणी एक सतर्क चेतावनी और दूरदर्शिता है, जो समय-समय पर नीति-निर्माताओं के लिए मार्गदर्शक बनती है।

प freshly संदर्भ की मूल स्थिति

यह वचन यह दर्शाता है कि यिर्मयाह का विनय-यजन आगे क्या हुआ: वे यहोदा के राजा यहूदा के दिनों में और राजा सिदकिय्याह के राज्य के ग्यारहवें वर्ष तक सक्रिय रहे। यह वर्ष-गणना बंधन के समय के भीतर आता है, जब यरूशलेम के निवासियों के बँधुआई में चले जाने की स्थिति से पहले कुछ समय था। यह समय यहूदिया के पतन से पहले का था, जहाँ ऐतिहासिक-राजनीतिक परिदृश्य परिवर्तनशील था और धार्मिक-नैतिक पतन स्पष्ट था।

मुख्य संदेश

  • ईश्वर भक्तnation के प्रति लगातार संप्रेषित संदेश: नीति-निर्माताओं और लोगों को आगाह करना कि वे धर्म-निष्ठा और सामाजिक न्याय की राह पर लौटें।
  • कठिन समय में भी परमेश्वर की योजना का योगदान: संकेत देता है कि भविष्य की घटनाएँ परमेश्वर के नियंत्रण के अंतर्गत हैं और उनका उद्देश्य संसार को उद्धार के निर्देशन में लाना है।
  • हर स्थिति में विश्वास-योग्यता: नेताओं की विफलताओं के बावजूद यिर्मयाह की जात-बादी के लिए परमेश्वर का संदेश बना रहता है—ताकि जनता जागरूक रहे और सचेत होकर आचरण बदले।

उद्धरण-शास्त्रीय अंतर्दृष्टि (संकेतित स्रोतों से)

यहाँ कुछ प्रसिद्ध सार्वजनिक-डायरे क्रिटिकल टिप्पणीकारों से संक्षेप संदर्भ दिए जाते हैं, जो सामान्य सिद्धान्तों के साथ जुड़ते हैं:

मैथ्यू हेन्री कहते हैं कि परमेश्वर के सेवक का ध्येय लोगों के नैतिक और धार्मिक ढांचे को जागृत करना है, भले ही परिणाम दुखद क्यों न हों।

आल्बर्ट बार्न्स ने तात्पर्य किया कि भविष्यवाणी का कार्य समाज के शासन-व्यवस्था में निष्कर्षण और सुधार के लिए है, न कि केवल भविष्य की घटनाओं की सूचना।

एडम क्लार्क ने संकेत किया कि किसी भी प्रचार का उद्देश्य लोक-सेवा की मांग और धार्मिक भरोसे की पुनर्स्थापना है।

इनमें से किसी भी उद्धरण का संक्षेप नहीं है। यदि मौके पर ठीक शब्द उपलब्ध हों, तो नीचे उल्लेख किया जाएगा: "..."।

क्रॉस-रेफरेंसेस और संक्षिप्त स्पष्टीकरण

  • यिर्मयाह 26:14-15 — निंदा के विपरीत साहसपूर्ण बुलाहट: नबियों के संदेश से यह स्पष्ट होता है कि धार्मिक नेताओं की जिम्मेदारी कितनी बड़ी है।
  • नहुम 2:2 — शहर की सुरक्षा और उसकी व्यवस्था के विघटन की चेतावनी: इस verse के ऐतिहासिक संदर्भ में एक साथ देखने पर एक गहरा पाठ मिलेगा कि राजनैतिक-आर्थिक संकट कैसे नैतिक गिरावट के साथ जुड़ा है।
  • यशायाह 6:9-10 — भविष्य की दृष्टि और हृदय परिवर्तन की आवश्यकता: धार्मिक रीति-रिवाजों के भीतर वास्तविक परिवर्तन से ही उद्धार संभव है।

संक्षिप्त devotional विचार

हम शिक्षित होते हैं कि परमेश्वर की योजनाओं में हमारी एक-एक क्रिया, हमारी नैतिकता और कर्तव्य का स्पष्ट स्थान है। यह verse स्मरण कराता है कि न केवल भाग्य-निर्णय, बल्कि हमारी व्यक्तिगत आस्था और सामाजिक न्याय के जुड़ाव से ही देश-समाज का वास्तविक सुधार संभव है। हमें अपनी गली-गली में सत्य, दया और नम्रता के साथ चलना चाहिए, ताकि परमेश्वर की योजना हमारे जीवन से प्रकट हो सके।

संक्षिप्त निष्कर्ष

यिर्मयाह 1:3 के माध्यम से हमें पता चलता है कि परमेश्वर भविष्यवाणी-कार्य के जरिये प्रचलित सामाजिक-धार्मिक स्थितियों पर निगाह रखते हैं, और निष्कर्षतः एक सतर्क चेतावनी के रूप में वह प्रेषित करते हैं ताकि लोग अपने आचरण को सही करें। यह संदेश आज भी निष्कर्षतः उतना ही प्रासंगिक है: प्रभु के नियंत्रण में विश्वास रखते हुए सच का मार्ग अपनाएं और नैतिक रीति-रिवाजों को मजबूत करें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 1:3 समानांतर पद और संबंधित वचन

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2 राजाओं 23:34 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 राजाओं 23:34 (HINIRV) »
तब फ़िरौन-नको ने योशिय्याह के पुत्र एलयाकीम को उसके पिता योशिय्याह के स्थान पर राजा नियुक्त किया, और उसका नाम बदलकर यहोयाकीम रखा; परन्तु यहोआहाज को वह ले गया। और यहोआहाज मिस्र में जाकर वहीं मर गया।

यिर्मयाह 39:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 39:2 (HINIRV) »
और सिदकिय्याह के राज्य के ग्यारहवें वर्ष के चौथे महीने के नौवें दिन को उस नगर की शहरपनाह तोड़ी गई।

2 इतिहास 36:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 इतिहास 36:5 (HINIRV) »
जब यहोयाकीम राज्य करने लगा, तब वह पच्चीस वर्ष का था, और ग्यारह वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। उसने वह काम किया, जो उसके परमेश्‍वर यहोवा की दृष्टि में बुरा है।

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