यिर्मयाह 1:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

उनकी सारी बुराई के कारण मैं उन पर दण्ड की आज्ञा दूँगा; क्योंकि उन्होंने मुझे त्याग कर दूसरे देवताओं के लिये धूप जलाया और अपनी बनाई हुई वस्तुओं को दण्डवत् किया है।

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यिर्मयाह 1:16 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 1:16 का स्पष्ट अर्थ

इस verse में परमेश्वर अपने संदेशवाहक यहूदा-यरूशलम के प्रति कहता है कि वे उनकी बुराइयों के कारण दण्ड के अधिकार में होंगे, क्योंकि उन्होंने Yahweh को छोड़कर दूसरे देवताओं की पूजा और धूप-बलि की। यह चेतावनी उनके पापों के गंभीर परिणामों को दर्शाती है: भुला दी गई सचाई के कारण सामाजिक-धार्मिक ढांचे में विघटन और दण्डित करने की योजना।

संदर्भ-परिप्रेक्ष्य

यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता का यह भाग बैबलोनिया-युग से पहले का है, जब यहूदा और यरूशलम धर्मनिष्ठता में अस्थिर रहे। ईश्वर अपने दूत के माध्यम से न केवल उल्लंघन की जानकारी देता है, बल्कि जनता को चेतावनी भी देता है कि यदि वे अपने चहेते देवताओं के लिए धूप जलाते रहेंगे, तो निश्चय ही दण्ड होगा। यह एक प्रेरक-आह्वान है कि सही उपासना से भटकना सामाजिक और नीतिगत प्रभाव डालता है।

व्याख्यात्मक बिंदु

  • God's command for judgment arises from sustained apostasy, not a single lapse.
  • पूजा-prachi deovas के लिए धूप जलाने का इशारा व्यावहारिक ऊँच-नीच के साथ जुड़ा है—यह दर्शाता है कि उपासना के आदर्शों में गिरावट से राष्ट्र की चेतना और नैतिकता ढहती है।
  • दण्ड के शब्द स्पष्ट हैं, परन्तु यह धार्मिक चेतावनी भी है कि वे फिर से तौबा कर लें।

3-से-4 सूझ-बूझ के पाठ

  1. कठोर परिणामों से पहले ईश्वर की करुणा-भावना का अनुभव करें; दण्ड संकेत है कि परिवर्तन संभव है।
  2. स्व-स्वीकृति और पूर्ति के लिए तौबा आवश्यक है—कथा का लक्ष्य विश्वास की दिशा में लौटना है।
  3. पवित्रता की परंपरा में विश्वास-आचरण का पुनर्स्थापन महत्त्वपूर्ण है।

संदर्भ-क्रॉस-रेफरेंसेस

यिर्मयाह 7:9-10 — שא यह दिखाता है कि बाहरी पूजा के पीछे दिल का असंतोष और विश्वासहीनता है; दण्ड और प्रतिफल के क्रम स्पष्ट है।

2 के 4:2-3 — यह बताता है कि मनोनुकूल उपासना के अभाव में समाज कैसे भ्रष्ट होता है, और दण्ड के कारण कैसे लोग सच को छोड़ते हैं।

यशाय 1:11-15 — आन्तरिक धर्म और बाहरी रीति-रिवाजों के टकराव को उजागर करता है; परमेश्वर सत्य मन का याचना देखता है।

काव्यात्मक-धार्मिक व्यावहारिक निष्कर्ष

जो लोग अपनी आध्यात्मिक दिशा से विचलित होते हैं, उन्हें धैर्य और विवेक के साथ पुनः स्थापित होना चाहिए। सही ईश्वर-उपासना में दिल की प्रतिज्ञा और समाज के लिए जिम्मेदारी सहयोग का आधार बनती है।

एक संक्षिप्त पोषणीय संदर्भ

· यिर्मयाह 1:16 से प्रेरित होकर याद रखें कि उपासना के मार्ग में स्थायित्व और निष्ठा परमेश्वर के दिल के अनुरूप है।

इस पंक्ति के अनुसार, दण्ड की घोषणा उसकी पवित्रता और जन-निष्ठा के संरक्षण के लिए है—ताकि लोग ईश्वर की ओर लौटें और सत्य-आचरण को अपनाएं।

सूचित उद्धरण (受 Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke):

फॉर्मेटेड उद्धरण: “उनके सभी पापों के कारण मैं उन पर दण्ड की आज्ञा दूँगा”—यह Henry की टिप्पणी के अनुरूप, परमेश्वर की आशीष-रक्षा के स्थान पर शास्त्र के अनुसार दण्ड है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 1:16 समानांतर पद और संबंधित वचन

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यिर्मयाह 7:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 7:9 (HINIRV) »
तुम जो चोरी, हत्या और व्यभिचार करते, झूठी शपथ खाते, बाल देवता के लिये धूप जलाते, और दूसरे देवताओं के पीछे जिन्हें तुम पहले नहीं जानते थे चलते हो,

यिर्मयाह 19:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 19:4 (HINIRV) »
क्योंकि यहाँ के लोगों ने मुझे त्याग दिया, और इस स्थान में दूसरे देवताओं के लिये* जिनको न तो वे जानते हैं, और न उनके पुरखा या यहूदा के पुराने राजा जानते थे धूप जलाया है और इसको पराया कर दिया है*; और उन्होंने इस स्थान को निर्दोषों के लहू से भर दिया,

व्यवस्थाविवरण 28:20 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 28:20 (HINIRV) »
“फिर जिस-जिस काम में तू हाथ लगाए, उसमें यहोवा तब तक तुझको श्राप देता, और भयातुर करता, और धमकी देता रहेगा, जब तक तू मिट न जाए, और शीघ्र नष्ट न हो जाए; यह इस कारण होगा कि तू यहोवा को त्याग कर दुष्ट काम करेगा।

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