Old Testament
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यिर्मयाह 1 यिर्मयाह 2 यिर्मयाह 3 यिर्मयाह 4 यिर्मयाह 5 यिर्मयाह 6 यिर्मयाह 7 यिर्मयाह 8 यिर्मयाह 9 यिर्मयाह 10 यिर्मयाह 11 यिर्मयाह 12 यिर्मयाह 13 यिर्मयाह 14 यिर्मयाह 15 यिर्मयाह 16 यिर्मयाह 17 यिर्मयाह 18 यिर्मयाह 19 यिर्मयाह 20 यिर्मयाह 21 यिर्मयाह 22 यिर्मयाह 23 यिर्मयाह 24 यिर्मयाह 25 यिर्मयाह 26 यिर्मयाह 27 यिर्मयाह 28 यिर्मयाह 29 यिर्मयाह 30 यिर्मयाह 31 यिर्मयाह 32 यिर्मयाह 33 यिर्मयाह 34 यिर्मयाह 35 यिर्मयाह 36 यिर्मयाह 37 यिर्मयाह 38 यिर्मयाह 39 यिर्मयाह 40 यिर्मयाह 41 यिर्मयाह 42 यिर्मयाह 43 यिर्मयाह 44 यिर्मयाह 45 यिर्मयाह 46 यिर्मयाह 47 यिर्मयाह 48 यिर्मयाह 49 यिर्मयाह 50 यिर्मयाह 51 यिर्मयाह 52



यिर्मयाह 1:12 पर टिप्पणी
व्यवस्था के बीच में यह वाक्य यिर्मयाह के राज्य-कार्य के आरम्भ को स्पष्ट करता है। परमेश्वर ने यिर्मयाह को उठाने और उसमें क्रिया बनाने के लिए चुना है—उसका वचन सचमुच पूरा होगा; इसलिए वह सतर्क है, जागृत है, और हर कदम पर साथ है। यहोवा की यह घोषणा असत्य नहीं ठहरती, बल्कि उसे विश्वासयोग्य और तेजस्वी बनाने के लिए एक ठोस आश्वासन है।
केंद्रीय अर्थ
यहोवा कहता है: “तुझे ठीक दिखाई पड़ता है, क्योंकि मैं अपने वचन को पूरा करने के लिये जागृत हूँ।” यह दो बातें स्पष्ट करती हैं—पहली, ईश्वर की दृष्टि सदा निर्दोषता के साथ कार्य करती है और वह अपने उद्देश्य को पूर्ण करने के लिए सचेत रहता है; दूसरी, भविष्य में घटने वाली घटनाओं की योजना परम सत्ता के नियंत्रण में है। यिर्मयाह की उनकी बुलाहट में यह विश्वास झलकता है कि ईश्वर ने उसे चुनकर एक दुष्कर दायित्व के लिए तैयार किया है, और वह उसी पर निर्भर होकर आगे बढ़ेगा।
मुख्य थीम
संबद्ध पद्यांश
यह प्रकटन अन्य भविष्य-उद्धरणों से मेल खाती है जहाँ परमेश्वर अपने वचनों के प्रति स्वामित्व और तात्कालिक क्रिया-योजना को उजागर करता है। साथ ही, यिर्मयाह के प्रशिक्षण-यात्रा के बीच, परमेश्वर के वचनों के अनुरूप समय पर सत्यापन और पुष्टि मिलती है।
प्रयोजनात्मक विचार
1) धीर-धैर्य: ईश्वर के योजनाओं के प्रदर्शन में समय लगता है; हम विश्वास के साथ उनका पालन करें।
2) साहस का समर्थन: यिर्मयाह की बुलाहट ने उसे कठिन संदेशों के बीच भी स्थिर रखा—हम भी धर्म-कार्य में धैर्य से रहें।
पढ़ने के लिए क्रॉस-रेफरेंस
इन संदर्भों से दिखता है कि परमेश्वर की योजना और आदेश, चरित्र-निर्माण और विश्वसनीयता पर केंद्रित रहते हैं; उनका पालन करने पर आशीर्वाद और मार्गदर्शन मिलता है।
व्यावहारिक मनन
आज के संदर्भ में यह वाक्य हमारी दिनचर्या को निशान करता है: जब भी हमें किसी बुलाहट या निर्णय का सामना हो, तो याद रखें कि परमेश्वर के वचन सच रहते हैं और वह अपने वचन के अनुसार काम करता है। यह आत्म-विश्वास देता है कि वह हमारे कदमों को नियंत्रित करते हुए हमें सही दिशा में ले जाता है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
यिर्मयाह 1:12 यह आश्वासन देता है कि परमेश्वर अपने वचनों को पूरा करने के लिये सतगति से जागृत रहता है। यह बुलाहट-आदेश में यिर्मयाह के साहस के लिए मंच बनाती है, और हमें सुरक्षा के साथ आगे बढ़ने का भरोसा देती है कि ईश्वर की योजना सत्य और स्थिर है।