Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी2 शमूएल 4:4 बाइबल पद की व्याख्या
2 शमूएल 4:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
शाऊल के पुत्र योनातान के एक लँगड़ा बेटा था। जब यिज्रेल से शाऊल और योनातान का समाचार आया तब वह पाँच वर्ष का था; उस समय उसकी दाई उसे उठाकर भागी; और उसके उतावली से भागने के कारण वह गिरके लँगड़ा हो गया। उसका नाम मपीबोशेत था।
2 शमूएल 4:4 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 शमूएल 4:4 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 शमूएल 9:3 (HINIRV) »
राजा ने पूछा, “क्या शाऊल के घराने में से कोई अब तक बचा है, जिसको मैं परमेश्वर की सी प्रीति दिखाऊँ?” सीबा ने राजा से कहा, “हाँ, योनातान का एक बेटा तो है, जो लँगड़ा है।”


2 शमूएल 4:4 स्पष्टार्थ
यह पदतेय द्वंद्वरत कथा का भाग है जो दर्शाता है कि शाऊल और योनातान के समाचारों के बाद यिज्रेल में घटनाक्रम कैसे पलट रहा था। योनातान के पुत्र मपीबोशेत के बारे में यह विवरण बताता है कि शाऊल के परिवार के अन्तरिक संकल्पों और प्रतिष्ठा के बावजूद युद्ध के बीच कैसे एक लंगड़ा पुत्र भी समाज के साथ जुड़ा हुआ रहा। दाई के भागने और बच्चे के गिरकर लंगड़ा होने का वर्णन एक कठिन समय की स्मृति है, जब सत्ता के केंद्र से दूरी बनती है।
केंद्रीय अर्थ
इस verse में एक व्यक्तिगत दुर्घटना का उल्लेख नहीं, बल्कि यह एक बड़ी राजनीतिक और परिवारिक त्रासदी के हिस्से का चित्रण है। शाऊल के पुत्र योनातान की मृत्यु के बाद उनके बेटों के भविष्य की चिंता उठती है, और म/mpbibosheth (मपीबोशेत) का उल्लेख यह दर्शाता है कि युद्ध के समय जेनरेशन गैप और शाही विरासत कैसे दायित्वों और अधिकारों के बीच झूलती है। लंगड़ेपन की व्याख्या शारीरिक दृश्यता के अतिरिक्त पितृ-वंश के लिए सामाजिक अक्षमता का प्रतीक बनती है—परन्तु यह भी संकेत है कि परमेश्वर के वंशज के रूप में वह भी योजना का भाग है।
मुख्य विषय
अनुकरणीय पाथ
Cross-reference: द्वितीय समूएल 9:1-13 (मपीबोशेत के लिए दयालु राजा दाऊद की नीति) को देखें। यह पंक्तियाँ दर्शाती हैं कि कैसे युग के उतार-चढ़ाव में भी परमेश्वर के लोग कृपासे व्यवहार करते हैं और वंश के प्रति निष्ठा निभाते हैं। साथ ही, स्मरण करें कि दाऊद के उदाहरण से यह स्पष्ट होता है कि मर्यादा और करुणा—यह दोनों ही परमेश्वर के मार्ग की पहचान बनती हैं। (उद्धृत नहीं पंक्तियाँ)
सूक्ष्म बोध और व्यावहारिक अनुप्रयोग
हम समझते हैं कि परिणाम चाहे कितना भी भयावह क्यों न हो, परमेश्वर के वंश के व्यक्ति के लिए भी सुरक्षा और संरक्षा का मार्ग रहता है। मपीबोशेत की स्थिति दर्शाती है कि कठिन समय में भी मित्रता और कुटुम्ब के प्रति सहानुभूति महत्वपूर्ण है। हमारा साहस तब प्रकट होता है जब हम दुर्बलताओं को अवसर में बदलते हैं और प्रेम से सेवा करते हैं।
संक्षिप्त निष्कर्ष
2 शमूएल 4:4 एक ऐसी दुखद घटनाओं की श्रृंखला को उद्घाटित करता है जिसमें सत्ता गिर जाती है और परिवारों की क्रमबद्धता पर प्रश्न उठते हैं। परन्तु यह भी बताता है कि परमेश्वर के शासन में कमजोर से कमजोर को भी महत्व मिलता है। म/mpbibosheth की कहानी, जो अंततः दाऊद की करुणा और न्याय की मिसाल बनती है, इस पाठ के मूल संदेश को पुष्ट करती है कि खानापूर्ति नहीं, बल्कि प्रेम और विरासत की जवाबदारी चालित करती है।
चलचित्रित संदर्भ
1) द्वितीय शमूएल 9: दाऊद बनाम म/mpbibosheth के लिए दयालुता की यात्रा। 2) राजाओं 8–9: शासन-प्रतिष्ठा और सत्ता परिवर्तन के समय संघर्ष। 3) प्रेरित पथ—रोमियों 12:15 जैसी रॉयल-करुणा की मार्गदर्शक धारणा।