Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी2 शमूएल 4:5 बाइबल पद की व्याख्या
2 शमूएल 4:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
उस बेरोती रिम्मोन के पुत्र रेकाब और बानाह कड़ी धूप के समय ईशबोशेत के घर में जब वह दोपहर को विश्राम कर रहा था आए।
2 शमूएल 4:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
2 शमूएल 4:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

2 शमूएल 11:2 (HINIRV) »
सांझ के समय दाऊद पलंग पर से उठकर राजभवन की छत पर टहल रहा था, और छत पर से उसको एक स्त्री, जो अति सुन्दर थी, नहाती हुई देख पड़ी।

2 शमूएल 2:8 (HINIRV) »
परन्तु नेर का पुत्र अब्नेर जो शाऊल का प्रधान सेनापति था, उसने शाऊल के पुत्र ईशबोशेत को संग ले पार जाकर महनैम में पहुँचाया;

1 राजाओं 16:9 (HINIRV) »
जब वह तिर्सा में अर्सा नामक भण्डारी के घर में जो उसके तिर्सावाले भवन का प्रधान था, पीकर मतवाला हो गया था, तब उसके जिम्री नामक एक कर्मचारी ने जो उसके आधे रथों का प्रधान था,
2 शमूएल 4:5 का तत्कालीन दृश्य और उसका आशय
यह पद बेरोती रिम्मोन के पुत्र रेकाब और बानाह के कृत्य को तात्कालिक रूप से प्रस्तुत करता है। दोपहर की गर्म धूप में ईशबोशेत के घर में विश्राम कर रहे राजा डेविड के पास ये दो वीरपुुरुष पहुँचते हैं और अवसर पाते हैं—यह घटना एक त्वरित, रणनीतिक चोर-साज़िश के संकेत देती है, जो शक्तिशाली और कमजोर दोनों के बीच सत्ता-खेल के एक दृश्य को उजागर करती है।
ईश्वर और विश्वास के बारे में पाठ की सूचना
यह पाठ सूचित करता है कि परमेश्वर की योजना में इंसानी चातुर्य और राजनीति का खेल चल ही रहा है, परंतु परमेश्वर का समर्थ हाथ भी उसी समय सक्रिय रहता है। दानिशील चाल और हिंसक योजना, दोनो प्रकार के व्यवहार भगवान की जांच-परख से गुजरते हैं।यद्यपि इस पद में सीधे परमेश्वर का नाम नहीं लिया गया है, घटनाओं की क्रमबद्धता और परिणाम जीवन के अतिआवश्यक सत्य को इंगित करती है: सत्ता की भूख अक्सर नैतिक पथ से विचलन कराती है, पर परमेश्वर उसी समय भी न्याय के मार्ग दिखाते हैं।
महत्वपूर्ण शब्द और चित्रार्थ
Related प्रस्तुतियाँ
- परमेश्वर के विरुद्ध मानवीय योजनाओं के बारे में अन्य संदर्भ: दाऊद के शासन के संदिग्ध कदमों और सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों में भी देवत्व-नियंत्रण के दर्शन मिलते हैं।
- सत्ता के दुष्प्रभावों पर नमूना: राजा और सैनिकों के बीच गलत निर्णयों के परिणाम सामाजिक-नैतिक स्तर पर प्रभाव डालते हैं।
क्रॉस-रेफरेंस सुझाव (संक्षेप):
आज के जीवन में प्रयोग
हम अपने दैनिक जीवन में सत्ता-लाभ, दबाव और छल के संकेत देखते हैं। व्यवहार में ईमानदारी, धैर्य और योग्य नेता की आवश्यकता है। बुरे समय में भी विश्वास रखने से आध्यात्मिक सुरक्षा बनी रहती है। यह पाठ हमें सिखाता है कि शक्ति के प्रयोजन में नैतिकता और न्याय कितना महत्वपूर्ण है, और कैसे गलत योजनाओं के लेकिन अंततः ईश्वर के उद्देश्य पूरे होते हैं।
मार्गदर्शी संकेत: पांडित्य के लिए छोटे मार्ग
– अपने निर्णयों को परमेश्वर के मानदंडों के अनुसार परखें।
– सत्ता के तात्कालिक लाभ से दूर रहें; दीर्घकालीन नैतिकता को प्राथमिकता दें।
उद्धरण नोट: मौजूदा पाठ से Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से सीधे पूर्ण उद्धरण उपलब्ध नहीं हैं; उनके विवेचन के सार-संकेत नीचे संक्षेपित हैं:
— Matthew Henry: सत्ता-लाभ के समय नैतिकता की कसौटियाँ; नीति-व्यवहार का नैतिक मूल्य।
— Albert Barnes: राजनीतिक चालों में परमेश्वर की न्याय-केवलता की स्मृति।
— Adam Clarke: घटनाओं के इतिहासिक-आANGUAGE भावों का विवेचन और नैतिक पाठ।