Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 शमूएल 5:1 2 शमूएल 5:2 2 शमूएल 5:3 2 शमूएल 5:4 2 शमूएल 5:5 2 शमूएल 5:6 2 शमूएल 5:7 2 शमूएल 5:8 2 शमूएल 5:9 2 शमूएल 5:10 2 शमूएल 5:11 2 शमूएल 5:12 2 शमूएल 5:13 2 शमूएल 5:14 2 शमूएल 5:15 2 शमूएल 5:16 2 शमूएल 5:17 2 शमूएल 5:18 2 शमूएल 5:19 2 शमूएल 5:20 2 शमूएल 5:21 2 शमूएल 5:22 2 शमूएल 5:23 2 शमूएल 5:24 2 शमूएल 5:25



2 शमूएल 5:25 — तत्कालीन संदर्भ और आध्यात्मिक अर्थ
यह पद दाऊद के राजा बनने के बाद का घटनाक्रम बताता है जब वह फिलिस्तीनी आक्रामकता के विरुद्ध क्रमबद्ध कार्रवाई कर रहा था। युगल शब्दों में कहा जाए तो “यहोवा की इस आज्ञा के अनुसार” का तात्पर्य है कि दाऊद ने ईश्वरीय निर्देश के अनुरूप ही युद्ध योजना बनायीं और संचालन किया। गेबा से लेकर गेजेर तक के दायरे में पलिश्तियों को हराने का क्रम उनके विश्वास-आधारित नेतृत्व की पुष्टि करता है कि परमेश्वर ने उन्हें युद्ध में सफलता का मार्ग दिखाया।
ईश्वर या विश्वास के बारे में टेक
यहुना-निर्देशों के अनुसार सफल होना केवल शस्त्र-सज्जा या सैनिक योजना का परिणाम नहीं है, बल्कि परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन ही सफलता की कुंजी है। दाऊद ने यह स्पष्ट कर दिया कि विजय ईश्वर की इच्छा के साथ सहकार्य करने में है, न कि अपनी योग्यता या परिस्थितियों के भरोसे। इस दृष्टिकोण से यहूदियों के लिए यह एक शिक्षण है कि संघर्ष के समय ईश्वर की योजना के अनुरूप कदम उठाने से जीत मिलती है।
महत्वपूर्ण शब्द और imagery
“यहोवा की आज्ञा” से आशय है परमेश्वर के निर्देशों का पालन—युद्ध नीति, समय और स्थान की सूझ-बूझ। “गेबा से गेजेर तक” क्षेत्रीय दायरा दिखाता है कि दाऊद ने बड़ी रणनीति के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और राष्ट्र-जीवन की स्थिरता के लिए क्रियाशीलता दिखाई। यह आभास देता है कि ईश्वर के साथ संगति में चलना कठिन समय में भी सामर्थ्य देता है।
Related passages (संक्रमण के लिए संदर्भ)
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि परमेश्वर के साथ संगति में नीति बनती है, और युद्ध की वास्तविक जीत उसका अनुसरण करने से मिलती है।
प्रश्नात्मक आकलन और आज के लिए अनुप्रयोग
आज के पाठ से प्रेरणा: सफलता के लिए केवल शक्ति नहीं, बल्कि परमेश्वर की दिशा-निर्देशों के अनुरूप चलना आवश्यक है। परिस्थितियाँ भले ही विपरीत दिखें, पर ईश्वर के मार्ग पर निर्भर रहने से हमें दिशा और सुरक्षा मिलती है।
संक्षिप्त उद्धरण (public-domain)
यदि आप चाहें तो Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के समान्य-कहावती तर्कों के सारांश देख सकते हैं—परंतु यहाँ उद्धरणों का पूर्ण टेक्स्ट नहीं दिया गया है। आवश्यक होने पर वे सामान्य रूप से यह कहेंगे कि परमेश्वर के इशारे में ही वास्तविक विजय है और राजा के रूप में दाऊद ने उसी पर विश्वास दिखाया।
Cross-references का संक्षेप: यीशु के समय-सम्बन्धी दृष्टि से यहूदियों के लिए युद्ध-नीति में परमेश्वर की योजना की अभिव्यक्ति; दोनों पुराने नियम के लिए यह दर्शाता है कि धार्मिक-सुरक्षा और देश-हित एक साथ चलते हैं।