निर्गमन 31:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और सुन, मैं दान के गोत्रवाले अहीसामाक के पुत्र ओहोलीआब को उसके संग कर देता हूँ; वरन् जितने बुद्धिमान हैं उन सभी के हृदय में मैं बुद्धि देता हूँ, जिससे जितनी वस्तुओं की आज्ञा मैंने तुझे दी है उन सभी को वे बनाएँ;

पिछला पद
« निर्गमन 31:5
अगला पद
निर्गमन 31:7 »

निर्गमन 31:6 पद-दर-पद बाइबल टीका

निर्गमन 31:6 पर दृष्टि: बुद्धि और प्रतिभा दान

यह वचन इस बात को दर्शाता है कि ईश्वर अपने निर्देशों के पालन के लिए नयी सामर्थ्य और हुनर सक्रिय करता है—सीधे तौर पर तब जब लोग 하나 के लक्ष्य के लिए एकजुट होते हैं। इसके भीतर निहित संदेश यह है कि कलाकारी, हुनर और योजना की गहराई परमेश्वर के दिऐ हुए दायरे के भीतर आती है; जो लोग हुनरमंद बनते हैं, वे प्रभु की आज्ञाओं को व्यवहार में लाने के लिए आवश्यक साधन पाते हैं।

प्रारम्भिक संदर्भ और उद्देश्य

निर्गमन पुस्तकों में परमेश्वर ने मूसा को/tab 制 भिन्न-भिन्न कला-प्रतिभाओं के लिए नियुक्त किया: सुनार, पत्थर की तराशी, आश्चर्यजनक कलात्मक रचना, और मंदिर के लिए सजावट आदि—ताकि यह गढ़ा हुआ महल उसका मान्यस्थल बन सके। इस पाठ में ओहोलीआब को यह भेजा गया है कि वह अन्य महानतम कलात्मक दायित्वों के साथ-साथ बुद्धि और समझ को भी जोड़कर काम करे। इसका तात्पर्य यह है कि धार्मिक-आचार संहिता में कला, योजना और प्रशासन को भी परमेश्वर की महत्ता के अनुरूप प्रस्तुत किया गया है।

मुख्य संदेश

1) ईश्वर हर कुशल कर्म के लिए मार्गदर्शक योजना बनाते हैं — “जितने बुद्धिमान हैं उन सभी के हृदय में मैं बुद्धि देता हूँ।”

2) यह दैनंदिन-कार्य के लिए नहीं केवल विशिष्ट प्रशासन के लिए है; यह संकेत है कि धार्मिक-संरचना में पारदर्शिता, कौशल और समन्वय आवश्यक है ताकि परमेश्वर की महिमा प्रकट हो।

3) दान और प्रतिभा का स्रोत ईश्वर है, न कि मनुष्य का स्वार्थ या आत्म-निर्भरता।

थीम्स और संस्थागत विचार

  • वाणी और कार्यों के बीच संतुलन: शास्त्र आपके शब्दों को बिना कर्म के नहीं छोड़ता; काम वही सफल होते हैं जो गहरी बुद्धिमत्ता और योजनाबद्धता के साथ होते हैं।
  • सहयोग की महत्ता: ओहोलीआब के साथ दूसरों को भी बुलावा औरत्व से जोड़ना—समूह-कार्य से बड़े उद्देश्य पूरे होते हैं।
  • आत्मिक प्रेरणा: बुद्धि केवल तकनीक नहीं, बल्कि परमेश्वर के निर्देशों के अनुसार सही निर्णय लेने की क्षमता है।

क्रॉस-रेफरेंसेज (संक्षेप में) और उनसे जुड़ी शिक्षा

- प्रेरित प्रकरण में ईश्वर के निर्देशन और प्रेरणा की महत्ता का उल्लेख मिलता है; प्रेरणा परमेश्वर से आती है और उसे सही दिशा में प्रस्तुत करना होता है।

- एक अन्य संदर्भ जो इस विचार को पुष्ट करता है: ईश्वर न केवल हमें ज्ञान देता है, बल्कि उसे सही तरीके से उपयोग करने के लिए समझ भी देता है।

- तीसरा क्रॉस-रेफरेंस यह है कि वचन में कर्म-योजना और विचार-निर्णय एक साथ चलते हैं; यदि मनुष्य प्रभु की आज्ञाओं के अनुसार काम करेंगे, तो उनके प्रयास सम्मानित होंगे।

पवित्र ग्रंथों पर संक्षिप्त टिप्पणी

इस पाठ के भीतर प्रमुख संकेत यह है कि ईश्वर प्रतिभा और कौशल को विशेष उद्देश्य के लिए स्थापित करते हैं। यह यह भी बताता है कि मंदिर निर्माण जैसे महान कार्यों के लिए कितनी सूझ-बूझ और योजना चाहिए होती है—जो सब ईश्वर के निर्देशन से आती है।

आध्यात्मिक विचार: व्यक्तिगत अनुभव के लिए एक सरल प्रतिफलन

जब आप किसी कठिन कार्य में प्रवेश करते हैं, तब ईश्वर से माँग करें कि वह आपको सही दृष्टिकोण, योजनाबद्ध कदम और टीम के साथ सहयोग की क्षमता दे। यह वचन यह स्मरण कराता है कि बुद्धि केवल ज्ञान नहीं, बल्कि ईश्वर की इच्छा के अनुसार उसे क्रियात्मक बनाना है।

संक्षिप्त विकास-विचार

- संदर्भ: भगवान की योजना में कुशलता और कला-प्रयोग आवश्यक है।

- संदेश: प्रत्येक कार्य के लिए ईश्वर एक मार्गदर्शक बुद्धि देता है।

- अनुप्रयोग: अपनी स्थानीय चर्च-विवेक में आप समूह-कार्य के लिए योजना बनाते समय प्रभु की कृपा और समझ माँगें।

यथार्थ cross-references और उपयोगी कड़ी

1) प्रेरित 2:17 — पवित्र आत्मा हमारे भीतर प्रेरणा और योग्यता डालता है; साधनों के साथ समर्पण आवश्यक। (व्याख्या: ईश्वर की कृपा से हम कठिन शिल्प-कार्य कर पाते हैं।)

2) नीतिवचन 3:5-6 — भरोसा परमेश्वर पर और मार्ग-निर्णय में उसकी सहायता।

3) परिशुद्ध वचन 1:7 — भय ईश्वर का ज्ञान है; सही निर्णय के लिए आदर्श है।

देवotional reflection

आज के दिन विचार करें: क्या आपकी प्रतिभा किसी उच्च उद्देश्य के लिए प्रयुक्त है—परमेश्वर की महिमा के लिए? जो भी कौशल आपमें है, उसे ईश्वर के निर्देश के साथ जोड़िए, ताकि आपकी मेहनत भी मंदिर-सेवा जैसी पवित्रता में ढले।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

निर्गमन 31:6 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

निर्गमन 35:34 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
निर्गमन 35:34 (HINIRV) »
फिर यहोवा ने उसके मन में और दान के गोत्रवाले अहीसामाक के पुत्र ओहोलीआब के मन में भी शिक्षा देने की शक्ति दी है।

निर्गमन 28:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
निर्गमन 28:3 (HINIRV) »
और जितनों के हृदय में बुद्धि है, जिनको मैंने बुद्धि देनेवाली आत्मा से परिपूर्ण किया है, उनको तू हारून के वस्त्र बनाने की आज्ञा दे कि वह मेरे निमित्त याजक का काम करने के लिये पवित्र बनें।

निर्गमन 35:10 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
निर्गमन 35:10 (HINIRV) »
“तुम में से जितनों के हृदय में बुद्धि का प्रकाश है वे सब आकर जिस-जिस वस्तु की आज्ञा यहोवा ने दी है वे सब बनाएँ।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें