Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48Verse
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यहेज़केल 20:34 का संदर्भ और संकेत
यहोवा का यह वचन परमेश्वर के चयनित लोगों के बारे में है जो दशकों से उनकी बन्धन-यातना और तितर-बितराव के बीच जी रहे थे। इस अध्याय में यहोवा अपने लोगों के इतिहास की निम्नतर स्थितियों के बीच एक नई आशा और वसूली की योजना प्रस्तुत करते हैं—देश-देश के लोगों से अलग-थलग रहने के बीतों के बाद एक बार फिर उन्होंने अपनी प्रजा को एकजुट करने का निर्णय लिया है। यह वचन बताता है कि परमेश्वर बलवन्त हाथ, बढ़ाई हुई भुजा, और जलजलाहट जैसी पूरी क्रिया-शक्ति के साथ उनकी रक्षा और पुनः एकत्रण करेगा।
मुख्य अर्थ
यह वचन बताता है कि परमेश्वर, अपने चुनावित लोगों पर दया और न्याय के साथ कार्य करेगा। वह उनकी भटकती दशा को जानता है, और कठोर समय के बाद भी उन्हें पृथ्वी के विविध भागों से इकट्ठा करेगा। बलवन्त हाथ और बढ़ी हुई भुजा से संकेत होता है कि ईश्वर का सामर्थ्य और गरिमा इस कार्रवाई के पीछे है; इसे मानवीय उपायों से अधिक सही और निर्णायक माना गया है।
मुख्य विषय—तीन बिंदु
क्रॉस-रेफरेंस (संक्षिप्त संदर्भ और उनका संक्षिप्त अर्थ)
नोट: उपरोक्त संदर्भ पूर्ण पद-ग्रंथ नहीं प्रस्तुत करते, केवल प्रमुख विचार संकेत दिए गए हैं ताकि पाठक पवित्रशास्त्रीय योजना की समृद्धता समझ सकें।
निष्कर्षित व्याख्या और व्यावहारिक अनुप्रयोग
यह वचन यह कहता है कि परमेश्वर अपने लोगों के साथ अपनी पवित्र शक्ति के साथ क्रिया कर रहा है—चाहे वे कितनी ही भ्रांतियों में क्यों न फँसे हों। उसका उद्देश्य एक बार फिर से उनका एकत्व और आध्यात्मिक सम्मान है, ताकि वे लोक-लाभ के मार्ग पर लौटें और उसकी महिमा प्रकट करें। हमारे लिए इसका मतलब है: कठिनाई के समय में भी परमेश्वर की योजना पर भरोसा रखें, वह आपकी जीवन-पथ को सुरक्षित और केंद्रित रखते हैं। यदि आप भी अलग-थलग महसूस करते हैं, तो श्रद्धा और वचन के साथ पुनः जुड़ें—क्योंकि परमेश्वर फिर से एकत्र कर सकता है और कर रहा है।
छोटा सन्निवेश
यहोवा का पुनः एकत्रण का संदेश आज भी जीवंत है: वह बलवान हाथ से संचालित होते हुए, निर्भयता से लोगों को एक जगह लाकर अपनी वाचा को निभाते हैं। यह हमारी आस्था को ताज़ा करता है कि कठिन समय के पश्चात भी ईश्वर का उद्धार संभव है।