Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48Verse
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यहेजकेल 20:40 के संदर्भ में टिप्पणी
यह वाक्य उन दिनों का संकेत देता है जब परमेश्वर का उद्देश्य यह है कि इस्राएल जीवित प्रार्थनाओं और समितियों के साथ अपने कुटुम्ब के सभी सदस्य अंततः उसके पवित्र पर्वत पर एक साथ आकर उसकी उपासना करें। यह वाणी मूर्त पथभ्रष्टता के बाद भी ईश्वर के वफादार इरादे को दर्शाती है कि उसका प्रधानालय और पवित्रता फिर से स्थापित होगी, और इसी स्थान पर सब प्रकार की भेंटें और पवित्र वस्तुएँ एक साथ उपस्थित होंगी।
यह पाठ क्या बताता है
यहेजकेल 20:40 कहता है कि इस्राएल का सारा घराना “अपने देश में मेरे पवित्र पर्वत पर” आएगा और “हर माथे की पूजा” करेगा। यह संदेश परमेश्वर के परम पवित्र पर्वत की महिमा को स्थापित करने की प्रतिज्ञा से जुड़ा है, जिसे लोग अपने अवसान के बाद भी स्मरण रखें। अंततः वह कहता है कि वह उनकी उठाई हुई भेंटें, चढ़ाई हुई उत्तम-उत्तम वस्तुएँ और पवित्र वस्तुएँ उनसे फिर लेगा नहीं, बल्कि उनके द्वारा हैं, और वे फिर उसी जगह, उसी पवित्रता के साथ उसे समर्पित होंगी।
महत्त्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की व्याख्या
संलग्न क्रॉस-रेफरेंसे
— यूँ तो यह वाक्य विशेष रूप से यहेजकेल के युग की बात है, पर उसकी आत्मा अन्य ग्रंथों में ईश्वर के एकत्र होने, सत्य की पूजा और अंततः उसके राज्य के पूर्ण आशीर्वाद की भविष्यवाणी से जुड़ती है।
1) यशाय 56:7 — “अपने स्वागतगृह में मैं उन्हें सत्य के साथ भर दूँगा,” यह बताता है कि परमेश्वर का घर सभी लोगों के लिए एक पवित्र आश्रय है।
2) मलाकी 1:11 — “हर देश से मेरे नाम की पूजा की जाएगी,” यह預 संकेत देता है कि वंश के अंत में पूजा विश्वव्यापी होगी।
3) उदाहरण: रोम 11:26—“इस प्रकार उद्धार મારા के ऊपर से आकर सारी इस्राएली को मनुष्यों के उद्धार की आशा देगा।” यह बताता है कि परमेश्वर की योजना में पवित्रता और उद्धार का संकेत एकत्रित होना है।
आज के संदर्भ में अनुप्रयोग
— हमारे लिए यह संदेश है कि ईश्वर चाहता है कि हम एक एकीकृत समुदाय के रूप में उसकी पवित्र उपासना में आकर उसे प्रस्तुत करें—अपने जीवन, हमारे घर-परिवार और चर्च के माध्यम से।
— अपने व्यक्तिगत जीवन में, ईश्वर की महिमा के लिए हमारे दैनिक कर्मों को भी भेंट समान समर्पित करें, जैसे कि पवित्रता और प्रार्थना के साथ हमारे समय, धन और कौशल को अवसर दें।
— समुदायिक स्तर पर, विविधता के बावजूद एक साथ worshipING में आना और ईश्वर के घर के स्वरूप को बनाए रखना महत्वपूर्ण है, ताकि परिवार के सभी सदस्य एक साथ प्रभु की उपासना का भागीदार बनें।
संक्षिप्त सार
यह जिस प्रकार एक आशीष के रूप में शब्दों में आता है, वह यह है कि परमेश्वर अपने लोगों को एक पवित्र स्थान पर एकत्र करेगा, जहां वे अत्यंत सामंजस्य से उसकी उपासना करें और जो कुछ भी वे समर्पित करेंगे, वह उसकी पवित्रता के अनुरूप स्वीकृत होगा।