यहेजकेल 36:18 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

इसलिए जो हत्या उन्होंने देश में की, और देश को अपनी मूरतों के द्वारा अशुद्ध किया, इसके कारण मैंने उन पर अपनी जलजलाहट भड़काई।

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यहेजकेल 36:18 पद-दर-पद बाइबल टीका

यहेजकेल 36:18 का उद्देश्य और संदर्भ

यह उद्धृत वचन उन सांसारिक दुष्टताओं के साथ जुड़ा है जिन्हें इज़राइल ने अपनाया था—देश को अपनी मूर्तिपूजा और हत्या के पापों से अशुद्ध किया गया। परमेश्वर के न्याय के समय, उन्होंने अपने पापों का भार उठाने के लिए प्रेरित जलजलाहट (गुस्सा) को अनुभव किया। इस संदर्भ में यहेजकेल को दाऊदी-नक्शा-परिवर्तन के संदेश के भाग के रूप में अपने लोगों के विश्वासघात और पापों के परिणाम दिखाने के लिए बुलाया गया था। यहाँ परमेश्वर की पवित्र नीति स्पष्ट होती है: पवित्रता बनाए रखना और पाप के प्रति कठोर दंड देना, ताकि न्याय के साथ-साथ नई स्थिति और उद्धार की संभावना खुले।

मुख्य अर्थ

कथन बताता है कि यदि एक समाज अपने उच्चतम मानवीय विनाश के पापों—हत्या और मूर्तिपूजा—में डूबे, तो परमेश्वर का क्रोध उठता है। यह क्रोध सतह पर नहीं, बल्कि समाज के समूहगत अभिमान, भ्रष्टाचार और पापों के निरंतर प्रचार के रूप में प्रकट होता है। परन्तु यह उद्घोषणा एक विशद लक्ष्य के साथ है: पवित्र भगवान पापियों के लिए न्याय निर्धारित करते हैं ताकि वे पश्चात्ताप करके नई दिशा पकड़ें।

यही तीन प्रमुख विषय

  • परमेश्वर की पवित्रता के अनुरूप नहीं चलने पर न्याय अनिवार्य है, ताकि पाप के दुष्परिणाम स्पष्ट हों।
  • एक समुदाय की गलतियाँ पूरे देश को प्रभावित करती हैं; हर व्यक्ति को अपने कदमों के फल भुगतने होते हैं।
  • गिरावट के बाद भी ईश्वर फिर से व्यवस्था बनाते हैं—उद्धार और नई शुरूआत के अवसर बनते हैं जब लोग पश्चात्ताप करें।

सम्बन्धी अंश

– इशाया 1:11–17, जहां परमेश्वर पाप के विरुद्ध कठोरता के साथ अपनी प्राथनापूर्ण व्यवस्था दिखाते हैं और सत्यापित करते हैं कि आहुति से अधिक हृदय परिवर्तन आवश्यक है।

– यिर्मयाह 44:3–7, जहाँ मूर्तिपूजा और अन्याय के कारण विनाश की चेतावनी दी गई है, परन्तु संकल्प बदलने पर उद्धार की आशा भी दी जाती है।

– हबकल 2:3–4, जो यह दर्शाता है कि न्याय के समय में विश्वास और धैर्य कैसे एक साथ चलते हैं।

व्यावहारिक चिंतन

यह वाक्य हमें स्मरण कराता है कि व्यक्तिगत और सामाजिक पाप के प्रभाव कितने गहरे होते हैं। यदि हम अपने जीवन के क़दमों में मूर्तिपूजा के समान जड़ें नहीं छोड़ते और अन्याय के साथ सहमति बनाते हैं, तो परिणाम भयावह हो सकते हैं। परन्तु परमेश्वर की दया की पथ पर लौटकर हम नई शुरुआत पा सकते हैं। विशुद्ध उद्देश्य से जीवन बिताने की कोशिश करें: ईमानदारी, दयालुता, और एकता के साथ सत्य की राह चुनना।

संक्षिप्त निष्कर्ष

36:18 में दर्ज क्रोध-व्याकुलता समाज के पापों की कड़ी आलोचना करती है और बताती है कि परमेश्वर पाप के परिणाम दिखाते हैं ताकि लोग पश्चात्ताप करें और नई नीति के अनुसार जीवन जीएं। यह संदेश आज भी यह स्मरण दिलाता है कि ईश्वर की पवित्रता के अनुरूप चलना विश्वासियों का मूल कर्तव्य है।

उद्धरण संकेत: यदि आप चाहते हैं कि इस विश्लेषण में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के मौलिक उद्धरण सीधे शामिल हों, वे सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकार हैं। नीचे संकेतित शब्दों में उनके विशेष短 उद्धरण उपलब्ध हो तो मैंने उन्हें बिना मूल टेक्स्ट काटे नहीं जोड़ें; फिलहाल संस्तुत्य संकलन में प्रमुख विचार प्रयुक्त हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यहेजकेल 36:18 समानांतर पद और संबंधित वचन

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2 इतिहास 34:21 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 इतिहास 34:21 (HINIRV) »
“तुम जाकर मेरी ओर से और इस्राएल और यहूदा में रहनेवालों की ओर से इस पाई हुई पुस्तक के वचनों के विषय यहोवा से पूछो; क्योंकि यहोवा की बड़ी ही जलजलाहट हम पर इसलिए भड़की है कि हमारे पुरखाओं ने यहोवा का वचन नहीं माना, और इस पुस्तक में लिखी हुई सब आज्ञाओं का पालन नहीं किया।”

यहेजकेल 7:8 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यहेजकेल 7:8 (HINIRV) »
अब थोड़े दिनों में मैं अपनी जलजलाहट तुझ पर भड़काऊँगा, और तुझ पर पूरा कोप उण्डेलूँगा और तेरे चालचलन के अनुसार तुझे दण्ड दूँगा। और तेरे सारे घिनौने कामों का फल तुझे भुगताऊँगा।

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विलापगीत 2:4 (HINIRV) »
उसने शत्रु बनकर धनुष चढ़ाया, और बैरी बनकर दाहिना हाथ बढ़ाए हुए खड़ा है; और जितने देखने में मनभावने थे, उन सब को उसने घात किया; सिय्योन की पुत्री के तम्बू पर उसने आग के समान अपनी जलजलाहट भड़का दी है।

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