Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
उत्पत्ति 1 उत्पत्ति 2 उत्पत्ति 3 उत्पत्ति 4 उत्पत्ति 5 उत्पत्ति 6 उत्पत्ति 7 उत्पत्ति 8 उत्पत्ति 9 उत्पत्ति 10 उत्पत्ति 11 उत्पत्ति 12 उत्पत्ति 13 उत्पत्ति 14 उत्पत्ति 15 उत्पत्ति 16 उत्पत्ति 17 उत्पत्ति 18 उत्पत्ति 19 उत्पत्ति 20 उत्पत्ति 21 उत्पत्ति 22 उत्पत्ति 23 उत्पत्ति 24 उत्पत्ति 25 उत्पत्ति 26 उत्पत्ति 27 उत्पत्ति 28 उत्पत्ति 29 उत्पत्ति 30 उत्पत्ति 31 उत्पत्ति 32 उत्पत्ति 33 उत्पत्ति 34 उत्पत्ति 35 उत्पत्ति 36 उत्पत्ति 37 उत्पत्ति 38 उत्पत्ति 39 उत्पत्ति 40 उत्पत्ति 41 उत्पत्ति 42 उत्पत्ति 43 उत्पत्ति 44 उत्पत्ति 45 उत्पत्ति 46 उत्पत्ति 47 उत्पत्ति 48 उत्पत्ति 49 उत्पत्ति 50Verse
उत्पत्ति 38:1 उत्पत्ति 38:2 उत्पत्ति 38:3 उत्पत्ति 38:4 उत्पत्ति 38:5 उत्पत्ति 38:6 उत्पत्ति 38:7 उत्पत्ति 38:8 उत्पत्ति 38:9 उत्पत्ति 38:10 उत्पत्ति 38:11 उत्पत्ति 38:12 उत्पत्ति 38:13 उत्पत्ति 38:14 उत्पत्ति 38:15 उत्पत्ति 38:16 उत्पत्ति 38:17 उत्पत्ति 38:18 उत्पत्ति 38:19 उत्पत्ति 38:20 उत्पत्ति 38:21 उत्पत्ति 38:22 उत्पत्ति 38:23 उत्पत्ति 38:24 उत्पत्ति 38:25 उत्पत्ति 38:26 उत्पत्ति 38:27 उत्पत्ति 38:28 उत्पत्ति 38:29 उत्पत्ति 38:30


उत्पत्ति 38:4 पर टिप्पणी — एक दृष्टि, एक पाठ और एक प्रार्थना
यह दृश्य Genesis में जुड़ा है जब याकूब के परिवार में Judah की भूमिका और यहूदी धरा के पूर्वज बनने की दिशा में घटनाक्रम बढ़ता है। इस अध्याय का यह वाक्यांश एक छोटी-सी नागरिग कहानी लगती है, परन्तु यह परमेश्वर की योजना के भीतर एक गहरे नैतिक और प्रेरक संदेश को उजागर करता है। यहाँ ओनान और उसकी माँ-जो तामार हैं, ट्रस्ट, उत्तरदायित्व, और परमेश्वर के विधान के प्रति सही आचरण से जुड़ा एक संकेत देता है।
पद का छोटा विश्लेषण और अध्याय Context
उत्पत्ति 38 अध्याय याकूब के परिवार के भीतर जटिल रिश्तों, दायित्वों और मर्यादा के मीटर को दर्शाता है। verse 4 में तामार के गर्भधारण और पुत्र के जन्म का उल्लेख है; यह रिकॉर्ड इस कहानी का एक निर्णायक मोड़ है जो बाद में Judah के वंश के इतिहास की धुरी बनता है। इस पंक्ति में मातृत्व, संतान के नामकरण और परिवार की प्रतिष्ठा जैसे तत्व एक साथ उभरते हैं, और पाठक को यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि किस प्रकार मानवीय निर्णय परमेश्वर के उद्देश्य को प्रभावित करते हैं।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
अन्य पवित्रशास्त्रीय संदर्भों से तुलना
इस भाग में कुछ समान धारणाएँ अन्य पुस्तकों में भी मिलती हैं:
व्यवहारिक आवेदन
हमारी जीवनचर्या में इस वाक्य का सटीक संदेश यह है कि:
क्रॉस-रेफरेंसेस और उनके तात्पर्य
इन संदर्भों से समन्वय समझना उपयोगी है:
संक्षिप्त सार
उत्पत्ति 38:4 यह दिखाता है कि मानव-निर्मित निर्णय और परमेश्वर की स्थिर योजना एक साथ चलती है। इस एक वाक्य की पंक्ति में गर्भधारण का उल्लेख केवल घटनात्मक नहीं, बल्कि भविष्य को आकार देने वाली एक धारा का संकेत है। हमें चाहिए कि हम अपने परिवार और समाज में ईमानदारी, दायित्व और विश्वास के साथ आगे बढ़ें, और जानते रहें कि परमेश्वर की योजना हर परिस्थिति में अग्रसर है।
नोट: इस टिप्पणी में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के वास्तविक उद्धरण सीमित रूप से इस्तेमाल किए गए हैं ताकि संदेश एकत्रित और सहज बना रहे। यदि आप इन टिप्पणीकारों के संपूर्ण शब्द उद्धरण देखना चाहें तो वे सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध हैं।