Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
उत्पत्ति 1 उत्पत्ति 2 उत्पत्ति 3 उत्पत्ति 4 उत्पत्ति 5 उत्पत्ति 6 उत्पत्ति 7 उत्पत्ति 8 उत्पत्ति 9 उत्पत्ति 10 उत्पत्ति 11 उत्पत्ति 12 उत्पत्ति 13 उत्पत्ति 14 उत्पत्ति 15 उत्पत्ति 16 उत्पत्ति 17 उत्पत्ति 18 उत्पत्ति 19 उत्पत्ति 20 उत्पत्ति 21 उत्पत्ति 22 उत्पत्ति 23 उत्पत्ति 24 उत्पत्ति 25 उत्पत्ति 26 उत्पत्ति 27 उत्पत्ति 28 उत्पत्ति 29 उत्पत्ति 30 उत्पत्ति 31 उत्पत्ति 32 उत्पत्ति 33 उत्पत्ति 34 उत्पत्ति 35 उत्पत्ति 36 उत्पत्ति 37 उत्पत्ति 38 उत्पत्ति 39 उत्पत्ति 40 उत्पत्ति 41 उत्पत्ति 42 उत्पत्ति 43 उत्पत्ति 44 उत्पत्ति 45 उत्पत्ति 46 उत्पत्ति 47 उत्पत्ति 48 उत्पत्ति 49 उत्पत्ति 50Verse
उत्पत्ति 45:1 उत्पत्ति 45:2 उत्पत्ति 45:3 उत्पत्ति 45:4 उत्पत्ति 45:5 उत्पत्ति 45:6 उत्पत्ति 45:7 उत्पत्ति 45:8 उत्पत्ति 45:9 उत्पत्ति 45:10 उत्पत्ति 45:11 उत्पत्ति 45:12 उत्पत्ति 45:13 उत्पत्ति 45:14 उत्पत्ति 45:15 उत्पत्ति 45:16 उत्पत्ति 45:17 उत्पत्ति 45:18 उत्पत्ति 45:19 उत्पत्ति 45:20 उत्पत्ति 45:21 उत्पत्ति 45:22 उत्पत्ति 45:23 उत्पत्ति 45:24 उत्पत्ति 45:25 उत्पत्ति 45:26 उत्पत्ति 45:27 उत्पत्ति 45:28


मतलब का प्रत्यक्ष बयान
उत्पत्ति 45:17 में फिरौन यूसुफ को अपने भाइयों के लिए एक निर्देश देता है: वे कनान देश में जाकर अपने पशु-सामग्री को लादकर वहीं चला जाएं। यह आदेश दिखाता है कि यूसुफ और उसके परिवार के लिए एक स्थिर, सुरक्षित विभाजन की योजना बनती है, ताकि उनका परिचय और निवास सुनिश्चित हो सके।
प्रसंगगत पृष्ठभूमि
यूसुफ के भाइयों के लिए यह आदेश तब आया जब वे मिस्र में अपने पिता जाकब के लिए भोजन एवं सुरक्षा की व्यवस्था कर रहे थे। यूसुफ ने पहले अपने भाइयों के साथ भगवान के चरणों में भागीदारी की, और अब पिता के साथ पुनर्मिलन के संदर्भ में प्रशासनिक मार्गदर्शन मिल रहा है। फिरौन की यह सलाह समय की बुनियादी बात है: परिवार को सुरक्षित रूप से मिस्र में रखना और साथ ही कनान देश से बाहर एक दीर्घकालिक निवास की योजना बनाना।
व्याख्यात्मक टिप्पणियाँ
- प्रशासनिक प्रभुता: फिरौन का आदेश विशेष रूप से राज्य-स्तर पर एक संरचना बनाने का संकेत है ताकि यूसुफ और उसके पूरे परिवार के लिए स्पष्ट मार्ग निश्चित हो जाए। यह दिखाता है कि प्रभु का हाथ देश-देशांतरण के हर चरण में है।
- परिवार और संसाधन: “अपने पशुओं को लादकर” जाना संकेत है कि वे अपनापन और जीविका के साथ चले, ताकि वे अपनी परंपरा और कुटुम्ब-विवेक भी बनाए रखें। भौतिक तैयारी के साथ विश्वास और धैर्य का साथ है।
- निर्णय की दिशा: कनान से मिस्र तक का यह प्रवास पिता के साथ जुड़ता है; परंपरा और पिता-प्रेम योजना के भीतर एक सुरक्षित स्थान की खोज दिखाई देती है, जिससे उनकी जिम्मेदारी और परिवार के स्वास्थ्य दोनों पूरे हों।
2–3 विश्वसनीय cross-references
इन संदर्भों में एक सामान्य धागा है: परमेश्वर की योजना के भीतर परिवार के लिए सुरक्षित स्थान बनना, और जो भी हो पथ-निर्देशन में विश्वास बनाये रखना।
संक्षिप्त thematic सूची
व्यावहारिक निष्कर्ष
हम भी अपने जीवन में कठिन परिस्थितियों में स्थायित्व और सुरक्षा के लिए परमेश्वर के मार्ग-निर्देशन को मानते हैं। परिवार के लिए उचित योजना बनाते समय धैर्य, सुरक्षा और विश्वास—तीनों की संतुलित भूमिका रहती है।
उद्धृत पाठ से क्षुद्र उद्धरण
“अपने भाइयों से कह कि एक काम करो: अपने पशुओं को लादकर कनान देश में चले जाओ।”
पूर्वधारक (सार) संदर्भ
यह पाठ न केवल एक प्रशासनिक आदेश है, बल्कि परमेश्वर की योजना के भीतर परिवार के लिए एक सुरक्षित निवास की दिशा को भी इंगित करता है।