Old Testament
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इब्रानियों 2:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तूने उसे स्वर्गदूतों से कुछ ही कम किया*; तूने उस पर महिमा और आदर का मुकुट रखा और उसे अपने हाथों के कामों पर अधिकार दिया।
इब्रानियों 2:7 पद-दर-पद बाइबल टीका
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इब्रानियों 2:7 समानांतर पद और संबंधित वचन
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भजन संहिता 8:5 (HINIRV) »
क्योंकि तूने उसको परमेश्वर से थोड़ा ही कम बनाया है, और महिमा और प्रताप का मुकुट उसके सिर पर रखा है।
मुख्य विचार: मानव कल्याण के लिए उच्च प्रतिष्ठा
इब्रानियों 2:7 में कहा गया है कि मसीह को “स्वर्गदूतों से कुछ ही कम किया गया,” और उसे महिमा व आदर का मुकुट दिया गया तथा उसने मानव उद्धार के लिए संसार पर अधिकार पाया। यह वचन प्रकट करता है कि ईश्वरीय योजना में मानवता के लिए एक असाधारण महिमामय भूमिका है, जिसे यीशु मसीह ने साकार किया और पूरी सृष्टि के लिए नया मानक स्थापित किया।
साहित्यिक संदर्भ (पाठशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य)
यह वाक्य पत्री लेखन के समकालीन पाठ के भीतर एक ठोस टिप्पणी बनकर आता है: प्रभु यीशु का आदर-प्रतिष्ठा के साथ उल्लेख करके, लेखक यह दिखाते हैं कि परमात्मा ने मनुष्य को सरल प्राणी नहीं समझा, बल्कि उसे दैनंदिन सृष्टि के संचालन में भागीदारी दी और इस उद्देश्य के लिए उसका सम्मान बढ़ाया। यह एक तुलनात्मक दृढ़ता है—दानिशी स्वर्गदूतों के निकटता के बावजूद, मनुष्य की संस्था और स्वरूप में अद्भुत मानवीय भूमिका प्रदर्शित की गई है।
तेहजोलीक महत्त्व: ईश्वर की सुरक्षा और मनुष्य की उत्तरदायित्व
पाद लेखकों की दृष्टि से यह उद्घाटन ईश्वर की योजनाओं में प्रभु यीशु के एंट्री-प्लान को रेखांकित करता है। यीशु ने महिमा-आदर प्राप्त किया है ताकि वह मानव प्राणी के लिए परमकृत उद्धार का संबोधन बनें—मनुष्य को भी दयालु शासन के भागीदार बनना संभव हो सके। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि प्रभु ने संसार पर अधिकार केवल ताकत से नहीं, बल्कि सेवा, उद्धार और विश्वास की राह से प्राप्त किया है।
क्रॉस-स्क्रिप्चर साझा संदर्भ
इन क्रॉस-रेफरेंसेस में यह बात स्पष्ट पड़ती है कि महिमा और अधिकार का स्रोत ईश्वर है, जिसे यीशु ने मानवीय अवस्था में सुरक्षित रखा।
पाठ-वाचन से संकेत: चिंतन के प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
इब्रानियों 2:7 यह स्मरण कराता है कि ईश्वर मनुष्य की स्थिति को महिमा से भरता है और यीशु में वह प्रतिष्ठा पूरी रूप से प्रकट होती है। भगवान ने मानवता को संभाला है ताकि उद्धार का संदेश और शासन दोनों विश्व में फैल सकें। यह संदेश हमें आत्म-त्याग, विश्वास-निर्भरता और सेवा-भाव के साथ उठने के लिए बुलाता है।
पूर्व-प्रसंगिक उद्धरण (जहाँ लागू)*
मैथ्यू हेनरी, अल्बर्ट बर्न्स, और एडम क्लार्क जैसे सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणीकारों के विचारों से प्रेरणा लेते हुए, इस पाठ के संदेश में हमने एकीकृत धारणा पेश की है: प्रभु यीशु की महिमा और मानव उद्धार की दिशा, ईश्वर की योजना की प्रमुख धुरी है। नीचे उल्लेखित छोटे उद्धरण विशिष्ट पंक्तियों के रूप में हैं; पूर्ण पाठ उद्धरण साइट पर उपलब्ध हो सकता है:
“तू ने उसे महिमा और आदर का मुकुट दिया” ( Adams Clarke के समान प्रतिपादन) — यह विचार प्रकट करता है कि महिमा-आदर परमात्मा की योजना का केंद्र है।