Old Testament
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इब्रानियों 2:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तूने सब कुछ उसके पाँवों के नीचे कर दिया।” इसलिए जब कि उसने सब कुछ उसके अधीन कर दिया, तो उसने कुछ भी रख न छोड़ा, जो उसके अधीन न हो। पर हम अब तक सब कुछ उसके अधीन नहीं देखते। (भज. 8:6, 1 कुरि. 15:27)
इब्रानियों 2:8 पद-दर-पद बाइबल टीका
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इब्रानियों 2:8 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यूहन्ना 13:3 (HINIRV) »
यीशु ने, यह जानकर कि पिता ने सब कुछ उसके हाथ में कर दिया है और मैं परमेश्वर के पास से आया हूँ, और परमेश्वर के पास जाता हूँ।

1 कुरिन्थियों 15:27 (HINIRV) »
क्योंकि “परमेश्वर ने सब कुछ उसके पाँवों तले कर दिया है,” परन्तु जब वह कहता है कि सब कुछ उसके अधीन कर दिया गया है तो स्पष्ट है, कि जिस ने सब कुछ मसीह के अधीन कर दिया, वह आप अलग रहा। (भज. 8:6)

भजन संहिता 8:6 (HINIRV) »
तूने उसे अपने हाथों के कार्यों पर प्रभुता दी है; तूने उसके पाँव तले सब कुछ कर दिया है*। (1 कुरि. 15:27, इफि. 1:22, इब्रा. 2:6-8, प्रेरि. 17:31)
यहोवा के सामने सब कुछ उसके अधीन होने का वास्तविक अर्थ
यह वचन कहता है कि परमेश्वर ने हर चीज को उसके पाँवों के नीचे कर दिया है, ताकि मसीह सब कुछ का अधिकार बन जाए। पर हमारे देखने में अब तक सब कुछ ऐसा नहीं दिखता; यह विश्वास और प्रतीक्षा दोनों के मेल की बात है।
पृष्ठभूमि और अर्थ
इब्रानियों 2 में हम देखते हैं कि उद्धारकर्ता यीशु मनुष्यों के लिए भागीदारी और सह-अनुभव ग्रहण करते हैं, ताकि मृत्यु के ऊपर विजय पाकर मानवजाति को उद्धार दें। यहाँ कहा गया है कि सब कुछ उसके अधीन कर दिया गया है, ताकि वह सर्व-स्वामी बन जाए; फिर भी अभी हमारी दृष्टि में सृष्टि का पूर्ण समरूप राज्य दिखाई नहीं देता। यह दूरी विश्वास के द्वारा पाटी जाती है—कि परमेश्वर ने भविष्यवक्ताओं और पवित्रशास्त्रों के अनुसार जो संदेश दिया, उसका समय अब आया है।
मुख्य निरीक्षण
विश्लेषणात्मक बिंदु
1) परमेश्वर की संदेहरहित योजना में मसीह का स्थान मानवता के उद्देश्य के लिए केंद्रीय है। 2) “सब कुछ” से आशय ब्रह्मांड की सत्ता-व्यवस्था से लेकर हर एक जीवन-पथ तक है, ताकि मसीह में एक नया समाधान मिल सके। 3) हमारी अनुभूति अभी असामान्य प्रतीत हो सकती है, पर विश्वास यह मानता है कि परमेश्वर की व्यवस्था सत्य और उचित है।
संस्करण-आधारित विचार (Cross-references)
— भज 8:6: उच्च स्थान और मान्यता का संकेत कि परमेश्वर ने व्यवस्था को श्रेष्ठ बनाया है। यह पंक्ति बताती है कि व्यवस्था में मानवीयता के लिए उच्चता है।
— 1 कुरीन्थ 15:27: मसीह के विरुद्ध सभी प्रतिकूलताओं का नाश और पुनः क्रमिक सत्ता का स्थायित्व। यह बताता है कि किस प्रकार अंततः सभी चीजें मसीह के अधीन होंगी।
— उन्नत क्रियाओं के साथ, यह वचन संकेत देता है कि अभी हमारी दृष्टि में पूर्णता नहीं दिखती, परन्तु नियति और सत्ता का क्रम स्पष्ट है।
संरक्षित अभ्यास और व्यवहार
सारतः, यह पाठ हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर ने सब कुछ मसीह के नियंत्रण में कर दिया है ताकि वह संसार का उद्धार और नया शासन स्थापित करें। हमारी अनुभूतियाँ अभी पूर्णता में नहीं हैं, पर विश्वास में हमें प्रायः दृढ़ रहना चाहिए कि कर्तव्य और अधिकार उसी के पास हैं।
सूत्री संकेत: फौद्धिक रूप से यह संदर्भ उस समय के समुदाय के लिए एक आश्वस्त चेतावनी है कि परमेश्वर की योजना पूरी होनी ही है, और मसीह के माध्यम से नवीन सत्तात्मक व्यवस्था का आगमन निश्चित है।