Old Testament
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होशे 14:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
मैं इस्राएल के लिये ओस के समान हूँगा; वह सोसन के समान फूले-फलेगा, और लबानोन के समान जड़ फैलाएगा।
होशे 14:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
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होशे 14:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 27:6 (HINIRV) »
भविष्य में याकूब जड़ पकड़ेगा, और इस्राएल फूले-फलेगा, और उसके फलों से जगत भर जाएगा।

यशायाह 35:2 (HINIRV) »
वह अत्यन्त प्रफुल्लित होगी और आनन्द के साथ जयजयकार करेगी। उसकी शोभा लबानोन की सी होगी* और वह कर्मेल और शारोन के तुल्य तेजोमय हो जाएगी। वे यहोवा की शोभा और हमारे परमेश्वर का तेज देखेंगे। परमेश्वर द्वारा सब कुछ परिवर्तन

इफिसियों 3:17 (HINIRV) »
और विश्वास के द्वारा मसीह तुम्हारे हृदय में बसे कि तुम प्रेम में जड़ पकड़कर और नींव डालकर,
होशे 14:5 —Immediate setting
पाठ का संदर्भ होशे की पुस्तक का अंतिम भाग है, जहां ईश्वर अपने राष्ट्र इब्राहीम के प्रति अपने दयालु सौहार्द और चिप्त प्रेम को स्मरण कराते हैं। होशे 14:5-7 स्पष्ट करते हैं कि जब ישראל पश्चाताप और विश्वास के साथ 돌아ेगा, तब ईश्वर उनकी कमी पूरी करेगा: मैं इजराएल के लिए ओस के समान हूँगा; वह सोसन के समान फूले-फलेगा, और लबानोन के समान जड़ फैलाएगा। यह एक ऐसी तस्वीर है जिसमें परमेश्वर की कृपा, बंधन और बहाली दिखती है।
ईश्वर की आत्मीय कृपा और विश्वास के साथ पुनःस्थापना
यह वाक्य दर्शाता है कि ईश्वर अपने चुने हुए लोगों के प्रति न केवल न्यायनिष्ठ हैं, बल्कि उनके पुनर्जन्म, पुनःस्थापना और ढलान से ऊपर उठाने की योजना भी रखते हैं। “ओस के समान हूँगा” का अर्थ है निर्जलीय परिस्थितियों में भी निर्भरता बनना—यानी ईश्वर स्वतः भक्तों को सुरक्षा और पूर्ति के स्रोत के तौर पर उपस्थित रहते हैं। “सोसन के समान फूले-फलेगा” का संकेत है जीवन की समृद्धि और वृद्धि, जो भ्रमर-गति से नहीं, बल्कि स्थिर ईश्वरीय आशीष से जुड़ी है। “लबानोन के समान जड़ फैलाएगा” से यह दिखता है कि स्थायित्व और संसर्ग वृक्ष के रूप में बढ़ना संभव है—यानी समुदाय और संस्थाओं की दृढ़ता, जो ईश्वर के साथ गहरे जुड़े रहने से संभव है।
शब्दार्थ और चित्रार्थ
- ओस: हल्की-फुल्की प्रेरणा और आशीष का प्रतीक; अनुग्रह का क्षणभंगुर भी हो सकता है, पर यदि ईश्वर साथ हों तो वह स्थिरता देता है।
- सोसन: एक जलद, तेज़ उन्नति की छवि नहीं बल्कि चोर-चक्र की तरह सहज वृद्धि का संकेत देता है — परन्तु इस वाक्य में यह तिथि के बजाय आशीर्वाद की गति है।
- लबानोन: महँगे वन-क्षेत्रों का प्रतीक; यहाँ इसका प्रयोग व्यापक लाभ, विशालता और प्रशस्तता के साथ जुड़ता है।
अन्य सम्बन्धी आयतें
1) यूहन्ना-प्रेरणा के साथ एक समान संदेश: ईश्वर अपने लोगों को मिट्टी से उठा कर नई जिंदगी देता है, जैसे सृष्टि की पुनर्निर्माण।
2) यह्रेमינות के समय के संदर्भ: पछतावे के साथ वापस आने पर ईश्वर आशीष देता है और पथ-परिवर्तन का अवसर देता है; यह होशे की पुस्तक के समान शिक्षाओं को पुष्ट करता है।
आज के लिए प्रेरणा और अनुप्रयोग
- आश्रय और सुरक्षा: चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी कष्टदायक क्यों न हों, ईश्वर के साथ रहने पर जीवन में संतुलन और शांति मिलती है।
- समृद्धि की दिशा: आत्मिक उन्नति में स्थिरता और विश्वास-आधारित वृद्धि संभव है, भले बाहरी वातावरण कैसा भी हो।
- समुदाय का कद: गढ़ना और टिकाऊ रिश्ते ईश्वर के साथ गहराई पैदा करते हैं; चर्च या समूहों में स्थायित्व के लिए प्रार्थना आवश्यक है।
पूर्व-उद्धरण लाइनें (नोट)
महत्वपूर्ण उद्धरण: नीचे Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक डोमेन टिप्पणियों से आवश्यक संक्षिप्त विचार शामिल हैं।
Matthew Henry से: “God is as ready to restore as He is to punish.”
Albert Barnes से: “The return is not merely outward; it is a turn of the heart to God.”
Adam Clarke से: “The Lord’s blessings come gradually when the heart seeks Him earnestly.”
क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेप) और उनके अर्थ
- इजराइल के लिए आशा का संकेत: अन्य नबी-कथनों में भी ऐसा पुनःस्थापन-संदेश मिलता है कि जब लोग वापस लौटते हैं, तब ईश्वर उनकी आशीष से भर देते हैं। संयुक्त विचार: यह पाठ जीवन में बदलाव और उद्धार की प्रक्रिया का स्वागत है।
- दयालुता और चिरस्थाई आशीष: यहाँ के चित्र-गणना से यह स्पष्ट होता है कि ईश्वर का प्रेम स्थिर है और परिश्रम के साथ बढ़ सकता है।