Old Testament
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होशे 6:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
“चलो, हम यहोवा की ओर फिरें; क्योंकि उसी ने फाड़ा, और वही चंगा भी करेगा; उसी ने मारा, और वही हमारे घावों पर पट्टी बाँधेगा।
होशे 6:1 पद-दर-पद बाइबल टीका
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होशे 6:1 समानांतर पद और संबंधित वचन
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व्यवस्थाविवरण 32:39 (HINIRV) »
“इसलिए अब तुम देख लो कि मैं ही वह हूँ, और मेरे संग कोई देवता नहीं; मैं ही मार डालता, और मैं जिलाता भी हूँ; मैं ही घायल करता, और मैं ही चंगा भी करता हूँ; और मेरे हाथ से कोई नहीं छुड़ा सकता।

अय्यूब 5:18 (HINIRV) »
क्योंकि वही घायल करता, और वही पट्टी भी बाँधता है; वही मारता है, और वही अपने हाथों से चंगा भी करता है।

होशे 6:1 पर टिप्पणी: फिर वही करें जो यहोवा चाहता है—उचित निष्कर्ष की ओर लौटना
मुख्य बिंदु: होशे 6:1 बताता है कि गरिमा से भरे हुए पाप में डूबे लोग पुनः यहोवा के पास लौटें; वही है जो फाड़ता भी है और चंगा भी करता, जो मारता है और घावों पर पट्टी बाँधता है। यह शांतिकामी-आदर्श एक आमरणीय रिजनिंग से परे है: उद्धार केवल उसी के हाथों में है जो दंड देता है और उपचार भी देता है; यहोवा की दयालुता और उसकी न्याय-शासन के साथ गहरे संबंध को दर्शाता है।
कथात्मक संदर्भ (साहित्यिक संदर्भ)
होशे का प्रमुख संदेश इस्राइल के अनुदान-भंग और पापों के प्रति चेतावनी है, परन्तु एक आशावादी अवसर भी देता है—परतंत्रता के समय में भी पापियों के लिए वापसी का मार्ग खुला है। 6:1 में शब्दार्थ यह दर्शाते हैं कि उद्धार और चिकित्सा का स्रोत परमेश्वर ही है; पाप का परिणामास्तर दुखद है, पर उसकी दया-सीमा अनंत है। यह अध्यायांतरिक चर्चाओं में समकालीन निर्भरता और फिर से जीने की आशा को प्रेरित करता है।
वैश्विक-धार्मिक अर्थ
यह वचन यह सिखाता है कि परमेश्वर के साथ पुनः सम्बद्ध होना एक सक्रिय कदम है—घटित चोटों के लिए आह्वान और भरोसा कि वह पुनर्स्थापना कर सकता है। यह विशिष्ट रूप से इस बात को रेखांकित करता है कि संकट के क्षणों में भी ईमानदार वापसी और विश्वास की वाणी प्रभु के विरुद्ध नहीं जाती, बल्कि उसे स्मरण कर के जीवन को नया आकार देती है।
कथा-आयाम और संकल्प
यही पंक्ति तीन प्रमुख आयाम दिखाती है: (1) यहोवा की क्रूर नहीं, बल्कि चिकित्सक-भक्ति; (2) तबाही के बीच भी आशा का संकेत; (3) पुनर्निर्माण के लिए सक्रिय सहयोग की जरूरत। “फाड़ा” और “चंगा” आदि विलोम क्रियाओं में संतुलन है—कठोरता और दया एक साथ चलते हैं जब लोग सचमुच दिशाहीन होकर लौटते हैं।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संभावित संबंध) और संक्षिप्त व्याख्या
संभावित संदर्भों की संक्षिप्त व्याख्या: यह उद्धार-आह्वान पुराने नियम की गम्भीर चीत्कार को नवजीवन के साथ मिलाता है। यीशु के आर्शीवाद और पुनर्निर्माण की कुंजी इन संदेशों में एक संगति बनाती है।
आत्म-चिंतन के लिए प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
होशे 6:1 उद्धार की दयालु पराकाष्ठा को उद्घाटित करता है: दुख के बीच परमेश्वर ही वह है जो फाड़ देता है ताकि वह फिर से चंगा करे, चोटों पर पट्टी बाँधे ताकि यह फिर से जीवन में लौट सके। यह संदेश हमें यह सिखाता है कि वापसी और उपचार एक साथ चलते हैं—उम्मीद पर टिके रहने और ईश्वर के प्रेम के भरोसे पुनः शुरू करना।
यह पंक्ति, कुछ प्रसिद्ध टिप्पणियों के साथ, एक समस्त-समझ का मार्ग प्रस्तुत करती है: एक साथ दंड और चिकित्सा—उद्धार की एकीकृत दृश्यता।
टिप्पणीकारों के संक्षिप्त उद्धरण: - Matthew Henry: “...” - Albert Barnes: “...” - Adam Clarke: “...”