Old Testament
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होशे 14:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
हे इस्राएल, अपने परमेश्वर यहोवा के पास लौट आ, क्योंकि तूने अपने अधर्म के कारण ठोकर खाई है।
होशे 14:1 पद-दर-पद बाइबल टीका
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होशे 14:1 समानांतर पद और संबंधित वचन
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होशे 6:1 (HINIRV) »
“चलो, हम यहोवा की ओर फिरें; क्योंकि उसी ने फाड़ा, और वही चंगा भी करेगा; उसी ने मारा, और वही हमारे घावों पर पट्टी बाँधेगा।

योएल 2:12 (HINIRV) »
“तो भी,” यहोवा की यह वाणी है, “अभी भी सुनो, उपवास के साथ रोते-पीटते अपने पूरे मन से फिरकर मेरे पास आओ।

होशे 12:6 (HINIRV) »
इसलिए तू अपने परमेश्वर की ओर फिर; कृपा और न्याय के काम करता रह, और अपने परमेश्वर की बाट निरन्तर जोहता रह।
होशे 14:1 का संदर्भ और अर्थ
होशे की पुस्तक में यह verse इस्राएल के उद्धारक को लौटाने की पुकार है। प्रेमी किनारे पर डगमगाते हुए मिर्गी में पड़ी चपलता से ऊपर उठकर यहोवा के पास लौट आने की छवि है। संदर्भ में होशे परमेश्वर के साथ ब्रह्मांडीय बंधन की महत्ता को बताते हैं, जहाँ इस्राएल ने अपने अधर्म से दूरी बनाकर मोहभंग किया है। अब चेतावनी है कि अपने पाप के कारण हुए ठोकर से उभरकर, एक बार फिर अपने परमेश्वर के पास लौट आना चाहिए।
केंद्रीय अर्थ
यह verse एक सकारात्मक आह्वान है—अपनी ग़लतियाँ स्वीकार कर ईश्वर के पास humility और विश्वास के साथ लौटना। इसका मूल संदेश यह है कि परमेश्वर अपने लोगों के प्रति करुणामय है; टूट-फूट के बीच भी वह वापस बुलाते हैं, ताकि उद्धार और नये जीवन की राह खुल सके।
मुख्य विषय
संदर्भित प्रमुख विचारधाराएं
यहां तीन परंपरागत टिप्पणियाँ संक्षेप में समाहित हैं:
क्रॉस-रेफरेंसे
1) हबक 3:17-19 में दृढ़ विश्वास और परमेश्वर की सहायता का महत्व; 2) जोएल 2:13 में दिल से लौटना और रीत-रिवाजों के बजाय अंतःकरण परिवर्तन पर जोर; 3) यूहन्ना 1:9 में यदि हम अपने आप को स्वीकार करते हैं, ईश्वर सत्य के अनुसार क्षमा दे देते हैं।
इन संदर्भों से समझ में आता है कि ईश्वर का आह्वान सतही परित्याग नहीं, बल्कि अंतरात्मा के परिवर्तन और निरंतर सम्बद्धता चाहता है।
व्यावहारिक चिंतन
अपने पाप का एहसास हो तो प्रकृति के बजाय आत्म-नज़रिए को नये सिरे से प्रस्तुत करें: पूरे दिल से परमेश्वर के पास लौटकर प्रार्थना, सुधार, और विश्वसनीयता के जीवन को अपनाएं। नये उत्साह के साथ सेवकाई की दिशा में कदम बढ़ाएं, ताकि दैनिक व्यवहार में ईमानदारी, दया और आस्था स्पष्ट हो।
संक्षिप्त समापन
होशे 14:1 हमारे लिए स्पष्ट संदेश देता है: गिरे हुओं के लिए वापसी का मार्ग अभी खुला है। जो गिरना भूलकर भी रोना-धोना नहीं, वह लौटकर ईश्वर के पास एक बार फिर से एकत्व पाता है। यह पुकार आज भी है—अपने परमेश्वर के पास लौट आओ, ताकि उद्धार और नये जीवन की राह पुनः स्मरण हो सके।