Old Testament
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होशे 14:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जो बुद्धिमान हो, वही इन बातों को समझेगा; जो प्रवीण हो, वही इन्हें बूझ सकेगा; क्योंकि यहोवा के मार्ग सीधे हैं, और धर्मी उनमें चलते रहेंगे, परन्तु अपराधी उनमें ठोकर खाकर गिरेंगे।
होशे 14:9 पद-दर-पद बाइबल टीका
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होशे 14:9 समानांतर पद और संबंधित वचन
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भजन संहिता 107:43 (HINIRV) »
जो कोई बुद्धिमान हो, वह इन बातों पर ध्यान करेगा; और यहोवा की करुणा के कामों पर ध्यान करेगा।


मुख्य अर्थ: सहज समझ में आने वाले मार्ग
जो बुद्धिमान है वही इन बातों को समझेगा; जो प्रवीण है, वही इन्हें बूझ सकेगा; क्योंकि यहोवा के मार्ग सीधे हैं, और धर्मी उनमें चलते रहेंगे, परन्तु अपराधी उनमें ठोकर खाकर गिरेंगे।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
योशे के पूर्वकथन का यह भाग यहोवा के मार्गों की सीधी पहचान पर केंद्रित है—यही मार्ग सीधे हैं और धर्मी उनके पथ पर टिके रहते हैं। चेतावनी है कि अपराधी इन पथों के साथ नहीं चल पाते और गिर जाते हैं। यह चौकसी की भाषा है कि जीवन के मार्गों की समझ और अभ्यास आंतरिक बोध (बुद्धिमानी-प्रवीणता) से आती है, न कि केवल बाहरी ज्ञान से।
व्याख्यात्मक बिंब
- बुद्धिमान बनना: नीतिगत समझ और जीवन के निर्णयों में विवेक।
- प्रवीण होना: परिस्थिति के अनुसार सही क्रिया चुनने की क्षमता, कठिनाइयों में स्थिर रहने की योग्यता।
- मार्ग का सीधा होना: परमेश्वर का प्रकट नियम जो व्यवहार में प्रत्यक्ष और निर्भरता का आधार बनता है।
Interpretive observations
1) मार्ग की सीधीता यह दर्शाती है कि परमेश्वर की इच्छा स्पष्ट और उद्धारकारी है; सही निर्णय वही बनते हैं जो ईश्वर के निर्देशों के अनुरूप हों।
2) धर्मी उन पथों पर टिके रहते हैं; यह सत्संगति, पवित्र जीवन और ईमानदारी की कसौटी है।
3) अपराधी इन मार्गों को लेकर बाधित होते हैं—अहंकार, अविश्वास या अनदेखी से गिरावट आती है।
छोटे थीमैटिक बिंदु
क्रॉस-रेफरेंसेस (संकेतित सार)
1) स्रोत: “येस” प्रकार के सुझाव: कठिनाई में भी परमेश्वर के मार्गों के प्रति विश्वास बनाये रखना।
2) समान विचार: दूसरी जगह यह बताती है कि परमेश्वर के मार्गों पर चलना जीवन की बुद्धिमत्ता है (उद्धार और प्रेम के साथ)।
3) समान संदेश: पथ-निर्देशन और चरित्र-निर्माण के संबंध में आचरण कीवीरता दर्शाता है।
संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष
1) यदि आप सचमुच ईश्वर की राहों को समझना चाहते हैं, तो नम्रता से उनकी शिक्षा में रूपांतरित हों।
2) परिस्थितियों में निर्णय लेते समय सत्य और न्याय के मानदंडों को प्राथमिकता दें।
3) जीवन में बार-बार गिरावट से बचने के लिए धार्मिक जीवनचर्चा, प्रार्थना और पवित्रता को बनाए रखें।
कहीं-कहीं के निष्कर्ष (Public-domain योगदान)
यह पाठ yt से प्रेरित सिद्धांतों के अनुसार है कि बुद्धिमान वे ही जो परमेश्वर के मार्गों का सही मान रखते हैं और जो धर्मी पथ पर चलते हैं, जबकि अपराधी उनके विरुद्ध खड़े रहते हैं।
जो संदर्भ बिल्कुल स्पष्ट उद्धरण नहीं दिए जा सकते, वहाँ हमने संक्षेप में विचारों को समेटा है।
नोट: इस टिप्पणी में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के सटीक उद्धरणों के short quotes उपलब्ध होने पर ही सम्मिलित किये गए हैं; अन्यथा उनके विचारों की सार-संरचना ही प्रस्तुत है. किसी भी पूर्ण उद्धरण की आवश्यकता हो, तो प्रामाणिक पाठ के अनुसार देखें।