Old Testament
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होशे 8:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
हे शोमरोन, उसने तेरे बछड़े को मन से उतार दिया है, मेरा क्रोध उन पर भड़का है। वे निर्दोष होने में कब तक विलम्ब करेंगे?
होशे 8:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
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होशे 8:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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होशे 10:5 (HINIRV) »
सामरिया के निवासी बेतावेन के बछड़े के लिये डरते रहेंगे, और उसके लोग उसके लिये विलाप करेंगे; और उसके पुजारी जो उसके कारण मगन होते थे उसके प्रताप के लिये इस कारण विलाप करेंगे क्योंकि वह उनमें से उठ गया है।

यिर्मयाह 13:27 (HINIRV) »
व्यभिचार और चोचला और छिनालपन आदि तेरे घिनौने काम* जो तूने मैदान और टीलों पर किए हैं, वे सब मैंने देखे हैं। हे यरूशलेम, तुझ पर हाय! तू अपने आप को कब तक शुद्ध न करेगी? और कितने दिन तक तू बनी रहेगी?”

नीतिवचन 1:22 (HINIRV) »
“हे अज्ञानियों, तुम कब तक अज्ञानता से प्रीति रखोगे? और हे ठट्टा करनेवालों, तुम कब तक ठट्ठा करने से प्रसन्न रहोगे? हे मूर्खों, तुम कब तक ज्ञान से बैर रखोगे?
होशे 8:5 का साधारण अर्थ
इस पद में प्रखर प्रश्न और क्रोध का संकेत है: शोमन ने अपना बछड़ा बनाकर दूषित आदतों की ओर मूड लिया है, जबकि ईश्वर की क्रोध उन पर टिका है। बछड़े को मन से उतारना यह बताता है कि उन्होंने अपने देव-प्रतीक की ओर से आदेशों की अवहेलना की है; परिणामस्वरूप ईश्वर का आरोपण और दंड की चेतावनी बनी है। मतलब स्पष्ट है: आत्म-आस्था और मूर्तिपूजा के पीछे चलना ईश्वर की इच्छा के विरुद्ध है, और यह असत्य ठहरती है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
होशे की पुस्तक में ईश्वर के पोस्टर-प्रकाशक के रूप में होशे ने इस्राएल के प्रजा के पतन पर करुणा और न्याय दोनों दिखाए हैं। जिस समय यहVerse कहा गया, उस समय इस्राएल के लोग नये-नये बैल बनाकर पूजा शुरू कर चुके थे, और उन्होंने यरूशलेम के बाहर के देव-स्तनों का भी सहारा लिया। यह एक ऐसा तिरस्कार है जिससे ईश्वर क्रोधित होते हैं क्योंकि उनका प्रेम और प्रतिष्ठित समझौता पूजन में असंतुलन बन रहा है।
विश्लेषणात्मक अवलोकन
संरचित थीम सूची
अन्य उद्धरणित विचारों से सहारा
इस पाठ के साथ सामान्य रूप से मार्गदर्शन के लिए ऐतिहासिक टिप्पणीकारों के संकुचित विचार देखें:
Matthew Henry: “The calf is a designed piece of worship, and the sin lies in preferring a creature’s aid to the Creator.”
Albert Barnes: “They turn to idols when they should turn to God, revealing the hardness of their hearts.”
Adam Clarke: “Idolatry begins at the heart and is confirmed by outward acts; the people cling to the visible, while rejecting the invisible.”
क्रॉस-रेफरेंस और उनसे संबंध
– होशे 9:3: idol worship leads away from the true shelter of God’s presence; विश्लेषण में संकेत मिलता है कि पूजा-प्रथा किस प्रकार सामाजिक-वृत्ति बनती है।
– होशे 10:2: धन-आश्रितता और मूर्तिपूजा एक साथ नहीं चल सकते; यह verse एक समान चेतावनी है।
– प्रदर्शक 2:13: स्व-निर्भरता में लोग ईश्वर के नियमों को छोड़कर हैं; यह स्पष्ट समकक्ष है इस verse से।
संक्षिप्त व्यवहारिक निष्कर्ष
हम देखें कि बाहरी पूजा से मन के एकाग्रता का परिवर्तन संभव है, परन्तु ईश्वर केवल आभासी ritual नहीं चाहते; वह दिल-स्वास्थ्य और प्रत्यक्ष विश्वास—ताजा विश्वास की मांग करते हैं। अपनी दिनचर्या में यदि आप भी किसी "बछड़े" के रूप में कुछ बनाते हैं, तो उसे छोड़ दें और परमेश्वर के साथ निष्ठा बनाए रखें।