Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीहोशे 8:2 बाइबल पद की व्याख्या
होशे 8:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
वे मुझसे पुकारकर कहेंगे, “हे हमारे परमेश्वर, हम इस्राएली लोग तुझे जानते हैं।”
होशे 8:2 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
होशे 8:2 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

तीतुस 1:16 (HINIRV) »
वे कहते हैं, कि हम परमेश्वर को जानते हैं पर अपने कामों से उसका इन्कार करते हैं*, क्योंकि वे घृणित और आज्ञा न माननेवाले हैं और किसी अच्छे काम के योग्य नहीं।

मत्ती 7:21 (HINIRV) »
“जो मुझसे, ‘हे प्रभु, हे प्रभु’ कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है।

1 यूहन्ना 2:4 (HINIRV) »
जो कोई यह कहता है, “मैं उसे जान गया हूँ,” और उसकी आज्ञाओं को नहीं मानता, वह झूठा है; और उसमें सत्य नहीं।
होशे 8:2 का अर्थ और संदर्भ
सीधा अर्थ: “वे मुझसे पुकारकर कहेंगे, ‘हे हमारे परमेश्वर, हम इस्राएली लोग तुझे जानते हैं।’” यह वाक्य इस बात को दर्शाता है कि इस्राएली लोग परमेश्वर को पहचानते हैं, पर उनकी पहचान के साथ उनके विश्वास और व्यवहार में दूरी है। वे केवल नाम से परमेश्वर को याद करते हैं, पर उनका आचरण उसकी इच्छाओं के अनुरूप नहीं है।
पृष्ठभूमि और पाठ-संदर्भ
होजे के ग्रंथ में ईश्वर अपने चयनित पुत्रों के साथ उनका रिश्ता और उनकी गुमनामी-गिरावट दोनों को बयान करते हैं। यहाँ होशे के गीत में बार-बार इस्राएली दोहरेपन और आध्यात्मिक गैर-निष्ठा के संकेत मिलते हैं: वे परिशुद्धता के बजाय अपने लाभ-लाभ के लिए परमेश्वर को पहचानते हैं। यह पंक्ति बताती है कि मानवीय स्मरणशक्ति सतह पर है—कभी-कभी वे परमेश्वर को केवल नाम से स्मरण करते हैं, जब उन्हें असली संकट होता है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
परिचित मार्गदर्शक विचार (संक्षेप, एकीकृत)
यह वाक्य हमें सिखाता है कि ईश्वर को पहचानना और उसे अपने जीवन के केंद्र में रखना आवश्यक है; किंतु पहचान के साथ प्रार्थना, नैतिक निष्ठा और पवित्र जीवन भी अनिवार्य हैं। पुराने अभिलेखों के परिप्रेक्ष्य में यह एक चेतावनी है कि धार्मिक अभिविन्यास बिना आंतरिक परिवर्तन के केवल नाम रह जाने से परमेश्वर की कृपा नहीं पाती।
प्रमुख क्रॉस-रेफरेंसेज (संक्षेप में और व्याख्या के साथ)
इन संदर्भों से एक स्पष्ट संदेश निकलता है: परमेश्वर सिर्फ नाम से नहीं बल्कि दिल, सोच और व्यवहार से पहचाना जाता है।
व्यावहारिक निष्कर्ष
हम किन्हीं आस्थागत पाठों के मुताबिक जीवन के प्रमुख क्षेत्रों में—नीति, ईमानदारी, और दया—सत्य-जीवन बनाए रखें। जानना पर्याप्त नहीं, उसे आत्म-समर्पण और परिवर्तन में बदलों।
संक्षिप्त सार
होशे 8:2 इस बात को रेखांकित करता है कि परमेश्वर को पहचानना मात्र पर्याप्त नहीं; ईमानदार आस्था, दृढ़ नैतिक जीवन और सचेत हरकतें भी जरुरी हैं। अपने नाम के साथ-साथ परमेश्वर के अनुसार जीवन बिताने की पुकार आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।