Old Testament
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होशे 9:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
हे यहोवा, उनको दण्ड दे! तू क्या देगा? यह, कि उनकी स्त्रियों के गर्भ गिर जाएँ, और स्तन सूखे रहें।
होशे 9:14 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
होशे 9:14 समानांतर पद और संबंधित वचन
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लूका 23:29 (HINIRV) »
क्योंकि वे दिन आते हैं, जिनमें लोग कहेंगे, ‘धन्य हैं वे जो बाँझ हैं, और वे गर्भ जो न जने और वे स्तन जिन्होंने दूध न पिलाया।’

अय्यूब 21:10 (HINIRV) »
उनका सांड गाभिन करता और चूकता नहीं, उनकी गायें बियाती हैं और बच्चा कभी नहीं गिराती। (निर्ग. 23:26)

होशे 9:13 (HINIRV) »
जैसा मैंने सोर को देखा, वैसा एप्रैम को भी मनभाऊ स्थान में बसा हुआ देखा; तो भी उसे अपने बच्चों को घातक के सामने ले जाना पड़ेगा।
होशे 9:14 का पारायण-आख्यान: दण्ड क्यों और कैसे?
इस पद का संदर्भ उत्तराय के समय के उस भाग का है जब ईश्वर अपने जनता के पापों के कारण कठोर दंड सुनाते हैं। होशे का बपतिस्मा-प्रणाली में यह बात विशेष रूप से दिखती है कि परमेश्वर के विरुद्ध तबाही के क्षण वे रहते हैं जब धार्मिक अनुशासन टूट जाता है और सामाजिक-नैतिक ढांचा कमजोर पड़ता है। यहां ईश्वर स्पष्ट करते हैं कि दंड का उद्देश्य केवल क्रोध दर्शाना नहीं, बल्कि पथ-भ्रष्टता से उद्धार की आवश्यकता को उजागर करना है ताकि लोग फिर से सत्य और भक्ति के रास्ते पर लौट आएँ।
यह पाठ जीसूसकता और विश्वास के बारे में क्या बताता है
यहाँ यह दिखता है कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए गहरी चिंता चाहते हैं—वे उनके कल्याण, पवित्रता और दया के लिए कड़ा लेकिन उद्धारकारी मार्ग अपनाते हैं। जब लोग आत्म-स्वार्थ, उपेक्षा और पाप की आदतों में डूब जाते हैं, तब ईश्वर दण्ड और चेतावनी के माध्यम से उन्हें चेताते हैं ताकि वे अपने कर्मों के परिणाम समझ सकें और परिवर्तन के लिए प्रेरित हों। यह दण्ड कठोर है, परन्तु उसका लक्ष्य चिकित्सा है, न केवल दंड देना।
शब्दों और चित्रों की स्पष्टता
- गर्भ गिरना: यहाँ जन्म-गृह के बंद होने का चित्र है—यानी भविष्य के संवर्धन और जीवन के धारण क्षमताओं का क्षय। यह एक गहरी सामाजिक और पारिवारिक तबाही का संकेत है, जो पाप के कारण होती है।
- स्तन सूखे: वह स्त्री-जीवन की आंतरिक शक्ति और दूध की प्रस्तुति की कमी का प्रतीक है—यथार्थ में समाज की भोजन-आशा और sustenance पर प्रभाव। यह परिवारों के टूटने और सामाजिक अव्यवस्था की चेतावनी देता है।
संबद्ध पाठ (Cross-references)
প্রासंगिक (Present-day) application
आज भी हम देखते हैं कि अधर्म और आत्म-केन्द्रित जीवन समाज में असंतोष, परिवार-विच्छेदन और आर्थिक-मानसिक तनाव बढ़ाते हैं। परिशुद्ध प्रेम, धर्म-संयम, और दयाभाव से भरा व्यवहार ही समुदाय को पुनर्जीवित कर सकता है। दण्ड-आर्कषण केवल भय का स्रोत नहीं है; यह सचेत करने वाला संकेत है कि हम अपनी जिंदगी के तौर-तरीकों में परिवर्तन करें, ईश्वर को पहले स्थान दें, और निष्ठा के साथ अपने परिवारों और समाज के लिए सच-उद्धार का मार्ग अपनाएं।
महत्त्वपूर्ण टिप्पणी: प्रकाशक विचार
इस पाठ के बारे में ऐतिहासिक-विश्वासी संतों के संकलन में यह विचार मिलता है कि परमेश्वर अपने लोगों के अन्दर के पाप को पहचानते हैं और उन्हें सुधार के लिए दण्डित करते हैं, ताकि वे फिर से जीवित राह पर आ जाएँ। हिंदी-उद्धार के संदर्भ में यह संदेश है कि ईश्वर की निष्ठा और करुणा के साथ साथ पाप के विरुद्ध आक्रामक दंड भी एक शिक्षा है, न कि केवल क्रूरता।
उद्धरण के लिए मशहूर टिप्पणीकारों के संक्षिप्त विचार (यदि आवश्यक हों):
Matthew Henry के अनुसार, दण्ड से उद्देश्य परिवर्तन है, न कि विनाश; भगवान अपने लोगों को लौटाने के लिए कठोर उपाय अपनाते हैं। Albert Barnes कहते हैं कि यह दण्ड सामाजिक पतन के कारण होता है, और उसे रोकना ही उद्धार का साधन है। Adam Clarke का मत है कि गर्भ-विसर्जन और स्तन-आश्रय का चित्र व्यक्तिगत और सामूहिक भुखमरी की चेतावनी है, जिसे ईश्वर गम्भीरता से लेते हैं।
नोट: ऊपर दिए गए उद्धृत विचारक्षेप केवल संदर्भ हेतु हैं; यहाँ सीधे पाठ के शब्द नहीं दोहराए गए हैं।