Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीहोशे 9:10 बाइबल पद की व्याख्या
होशे 9:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
मैंने इस्राएल को ऐसा पाया* जैसे कोई जंगल में दाख पाए; और तुम्हारे पुरखाओं पर ऐसे दृष्टि की जैसे अंजीर के पहले फलों पर दृष्टि की जाती है। परन्तु उन्होंने बालपोर के पास जाकर अपने को लज्जा का कारण होने के लिये अर्पण कर दिया, और जिस पर मोहित हो गए थे, वे उसी के समान घिनौने हो गए।
होशे 9:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
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होशे 9:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
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होशे 4:14 (HINIRV) »
जब तुम्हारी बेटियाँ छिनाला और तुम्हारी बहुएँ व्यभिचार करें, तब मैं उनको दण्ड न दूँगा; क्योंकि मनुष्य आप ही वेश्याओं के साथ एकान्त में जाते, और देवदासियों के साथी होकर यज्ञ करते हैं; और जो लोग समझ नहीं रखते, वे नाश हो जाएँगे।

यिर्मयाह 11:13 (HINIRV) »
हे यहूदा, जितने तेरे नगर हैं उतने ही तेरे देवता भी हैं; और यरूशलेम के निवासियों ने हर एक सड़क में उस लज्जापूर्ण बाल* की वेदियाँ बना-बनाकर उसके लिये धूप जलाया है।

गिनती 25:1 (HINIRV) »
इस्राएली शित्तीम में रहते थे, और वे लोग मोआबी लड़कियों के संग कुकर्म करने लगे। (1 कुरि. 10:8)
होशे 9:10 का भावार्थ और संदर्भ
संकेत: यह वचन अपने आप में यह बताता है कि इस्राएलिस्तान ने ईश्वर की खोज में शुरूआत कैसे की और कितनी बार वे पलटकर पथभ्रष्ट हुए। भगवान ने उनका चयनित आरम्भ एक जैसे जंगल में दाखों के मीठे मीठे संकेतों के समान देखा, परन्तु उनका प्रतिफल निराशाजनक रहा — वे मूर्तिपूजक प्रचलनों के चक्कर में पड़कर लज्जित और घृणास्पद कर्मों की ओर मुड़ गए।
पृष्ठभूमि और प्रकाश
हन्नानीय इतिहास में होशे नबी इस्राएल के नैतिक पतन और सामाजिक भ्रष्टाचार की गाथा सुनाते हैं। मिसाल के तौर पर, वह देखता है कि ईश्वर ने उन्हें वसीयत के अनुसार पवित्रता और वफा के साथ चुना, परन्तु उन्होंने जंगल के दाख के समान नर्म और मीठे दिखावे में मिसालें ढूंढ़ीं—जो अंततः उनके विश्वासघाती आचरण की ओर ले गईं।
interpretive observations
थीमेटिक प्राथमिक बिंदु
अनुदेशात्मक cross-references
1) होशे 4:14 — ईश्वर के विरुद्ध निष्ठा के अभाव में दण्ड का उल्लेख।
2) होशे 11:7 — इस्राएल की चंचलता और ईश्वर के करुणा के बीच विरोधाभास।
3) बनाम मिस्र के समय की याद: निर्भरता और दमन के साथ भावुक असंतुलन की चेतावनी.
इन सूचनाओं से पाठक यह देखता है कि भक्ति परखनी चाहिए, केवल बाहरी प्रदर्शन से नहीं, और निर्बल आकर्षणों के कारण पकड़ना उचित नहीं।
संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष
महत्वपूर्ण उद्धरण और स्रोत टिप्पणी
इस पाठ के व्याख्यान में मौलिक निष्कर्ष वही हैं जो पुराने सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के विचारों में भी मिलते हैं; जहाँ तक संभव है, पाठक को संदर्भ स्वरूप ऐसे बिंदु दिए गए हैं जो Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के संकल्पनात्मक टुकड़ों से प्रभावित हैं, परन्तु मूल टेक्स्ट का दोहराव नहीं किया गया है।
संलग्न उद्धरण (केवल यदि उपलब्ध हों):
Matthew Henry: "..."
Albert Barnes: "..."
Adam Clarke: "..."
नोट: उपरोक्त संदर्भ नीचे के सामान्य तत्वों से प्रेरित हैं ताकि पाठक पाठ के पूरे विचार को समझ सके बिना किसी संकीर्ण दार्शनिक दावे के।