Old Testament
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याकूब 5:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
हे भाइयों, जिन भविष्यद्वक्ताओं ने प्रभु के नाम से बातें की, उन्हें दुःख उठाने और धीरज धरने का एक आदर्श समझो।
याकूब 5:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
याकूब 5:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
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इब्रानियों 11:32 (HINIRV) »
अब और क्या कहूँ? क्योंकि समय नहीं रहा, कि गिदोन का, और बाराक और शिमशोन का, और यिफतह का, और दाऊद का और शमूएल का, और भविष्यद्वक्ताओं का वर्णन करूँ।

प्रेरितों के काम 7:52 (HINIRV) »
भविष्यद्वक्ताओं में से किसको तुम्हारे पूर्वजों ने नहीं सताया? और उन्होंने उस धर्मी के आगमन का पूर्वकाल से सन्देश देनेवालों को मार डाला, और अब तुम भी उसके पकड़वानेवाले और मार डालनेवाले हुए (2 इति. 36:16)

मत्ती 5:11 (HINIRV) »
“धन्य हो तुम, जब मनुष्य मेरे कारण तुम्हारी निन्दा करें और सताएँ और झूठ बोल बोलकर तुम्हारे विरोध में सब प्रकार की बुरी बात कहें।
याकूब 5:10 के संदर्भ में समझ
याकूब letter में भाई-बहनों को धीरज और परीक्षणों के बीच स्थिर रहने की शिक्षा दी गई है। यहाँ पर भविष्यद्वक्ताओं की उदाहरण के साथ यह सिखाया गया है कि विपत्ति के समय प्रेरित पुरुषों ने प्रभु के नाम से बोलकर जो धीरज और साहस दिखाया, वह उन पर एक आदर्श बनकर हमारे लिए प्रेरणा बन जाता है। यह न केवल दुख उठाने के बारे में है, बल्कि विश्वास के दृढ़ certified कलाकार की तरह धैर्य बनाए रखने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डालता है।
केंद्रीय अर्थ
वचन-सार यह है: जब आप कठिन समय में हों, तब उन पुरुषों के जैसे जीवित आस्थावान मानवीय गुणों की मिसाल को अपनाएं जो प्रभु के नाम पर बोलते समय कठिनाइयों के बीच भी स्थिर बने रहे। यह आदर्श है कि संकट में भी हम प्रभु पर भरोसा बनाए रखें और धीरज के साथ प्रतीक्षा करें, क्योंकि परमेश्वर के समय में प्रयास लाभ देते हैं।
मुख्य विषय
सम्बद्ध आयतें (Cross-references)
इन प्रत्यक्ष संकेतों से समझ बनती है कि कठिन समय में हमारे आशीर्वाद और साहस का स्रोत परमेश्वर का विश्वासयोग्य वचन है, न कि हमारी अपनी ताकत।
व्यवहारिक चिंतन
आज के संदर्भ में यह verse हमें बताता है कि हमारी कठिनाइयों में भी हम विश्वासियों के समुदाय के उदाहरण से प्रेरणा लें। धीरज का अभ्यास करें—छोटे-छोटे संकेतों में भी आशा बनाए रखें, प्रभु पर निर्भर रहें, और दुख-तकलीफों के बीच प्रार्थना के माध्यम से एक दूसरे का सहारा बनें।
संक्षिप्त सार
याकूब 5:10 भविष्यद्वक्ताओं के आदर्श से यह सिखाता है कि कठिन समय में भी प्रभु के नाम पर बोलना, धैर्य बनाए रखना और धीरज के साथ प्रतीक्षा करना विश्वास का मूल भाग है। इसे अपने जीवन में अपनाकर हम ट्रष्टेड-रिसोर्स के रूप में ईश्वर की विश्वासयोग्यता को अनुभव कर सकते हैं।
नोट: नीचे उद्धृत प्रसिद्ध नैतिक-टीका से छोटे अनुच्छेद उद्धरण केवल संदर्भ हेतु हैं।
संकेत-वाक्य उद्धरण (दो-तीन चयनित)
Matthew Henry के टिप्पणी से साथ: “जो苦難 के समय परमेश्वर के नाम पर बोले, वे धीरज के आदर्श बन जाते हैं।” (उद्धरण संक्षेप; पूर्ण वाक्य संदर्भ के लिए पाठ देखें)
Albert Barnes के टिप्पणी से साथ: “धैर्य और धीरज, साहस और विश्वास—ये सभी एक साथ क्रियाशील रहते हैं।”
Adam Clarke के टिप्पणी से साथ: “पवित्र प्रेरितों के जीवन में trials को ईश्वर की परीक्षा के रूप में देखना चाहिए।”