Old Testament
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याकूब 5:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इसलिए हे भाइयों, प्रभु के आगमन तक धीरज धरो, जैसे, किसान पृथ्वी के बहुमूल्य फल की आशा रखता हुआ प्रथम और अन्तिम वर्षा होने तक धीरज धरता है। (व्य. 11:14)
याकूब 5:7 पद-दर-पद बाइबल टीका
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याकूब 5:7 समानांतर पद और संबंधित वचन
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इब्रानियों 12:1 (HINIRV) »
इस कारण जब कि गवाहों का ऐसा बड़ा बादल हमको घेरे हुए है, तो आओ, हर एक रोकनेवाली वस्तु, और उलझानेवाले पाप को दूर करके, वह दौड़ जिसमें हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें।

योएल 2:23 (HINIRV) »
“हे सिय्योन के लोगों, तुम अपने परमेश्वर यहोवा के कारण मगन हो, और आनन्द करो; क्योंकि तुम्हारे लिये वह वर्षा, अर्थात् बरसात की पहली वर्षा बहुतायत से देगा; और पहले के समान अगली और पिछली वर्षा को भी बरसाएगा। (हब. 3:18)

सीधे अर्थ का कथन
याकूब 5:7 में लेखक संतों से आग्रह करता है कि वे प्रभु के आगमन तक धैर्य रखें। यह धैर्य उस किसान के धैर्य के समान बताया गया है जो भूमि की उपज की अपेक्षा करता है—उसे पहले और बाद की वर्षा का इंतजार करना पड़ता है, फिर ही फसल मिलती है। मूल वाक्य का संकेत यह है कि विश्वासियों को आवश्यक समय तक चिंता और अस्थिरता से दूर रहकर स्थिर रहना चाहिए क्योंकि विकल्प पराधीन परिणाम नहीं बल्कि परमेश्वर की उपस्थिति है।
प्रसंगिक पृष्ठभूमि
याकूब का पत्र नगर-समुदायों में रहने वाले ईसाई-ब्राह्मणों को संबोधित है जो परिक्षाओं, सामाजिक अन्याय और आर्थिक कठिनाईयों का सामना कर रहे थे। पिछले अनुच्छेदों में याकूब ने अमीरों की निन्दा, धैर्यहीनता और प्रभु के आश्वासन पर टिके रहने का आग्रह किया है। 5:7 का आदेश सीधे उन कठिनाइयों से जूझ रहे लोगों को धैर्य और आशा बनाए रखने के लिए है, न कि निष्क्रियता की बढ़ावा देता हुआ, वरन् आत्म-नियंत्रण और विश्वासपूर्ण प्रतीक्षा का पाठ पढ़ाता है।
व्याख्यात्मक दृष्टिकोण
1) किसान की रूपकात्मकता: किसान प्रतीक्षा करता है परिश्रम के बाद भी; बीज बोना, खेत की तैयारी और मौसम पर निर्भरता—यह दिखाता है कि धैर्य सक्रिय रहता है।
2) "प्रथम और अन्तिम वर्षा": यह अभिव्यक्ति उन कालों का संकेत देती है जब फसल के लिए आवश्यक वर्षा आती है—एक प्रकार का शुरुआती और अंतिम पोषण, जो परमेश्वर के समय का संकेत है।
3) समय और न्याय का इंतजार: याकूब की प्रेरणा यह है कि प्रभु के आने पर न्याय और पराजय-परिणाम प्रकट होंगे; इसलिए अविश्वास और घृणा की प्रवृत्तियों को त्याग कर स्थिरता रखो।
थीमेटिक सूची
संबंधित श्लोक और संबंध
अगले तीन संदर्भों में याकूब 5:7 का अर्थ और अधिक स्पष्ट होता है:
पाबन्द और उपयोगी व्यावहारिक संकेत
याकूब 5:7 से निकलने वाला व्यवहारिक पाठ यह है कि कठिन परिस्थितियों में तत्काल समाधान की भूख से बचें। धैर्य का अभ्यास करें—प्रार्थना में सक्रिय रहें, समाज में प्रेम और न्याय के पक्ष में कार्य करें, और प्रभु के समय पर भरोसा रखें। धैर्य निष्क्रिय निष्कर्ष नहीं, बल्कि आशा के साथ किए गए कार्यों का संयोजन है।
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संक्षेपित समापन
याकूब 5:7 हमें सिखाता है कि प्रभु के आगमन तक धैर्य रखें—यह धैर्य ग्रहणशीलता और प्रयास का मेल है, जैसा कि किसान अपनी फसल के लिए करता है। परलौकिक न्याय और जीवन की कटाई के संबंध में हमारी आशा पर आधारित यह धैर्य हमें अस्थिरता के समय भी शान्त और क्रियाशील बनाए रखता है।