Old Testament
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याकूब 5:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
देखो, हम धीरज धरनेवालों को धन्य कहते हैं। तुम ने अय्यूब के धीरज के विषय में तो सुना ही है, और प्रभु की ओर से जो उसका प्रतिफल हुआ उसे भी जान लिया है, जिससे प्रभु की अत्यन्त करुणा और दया प्रगट होती है।
याकूब 5:11 पद-दर-पद बाइबल टीका
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याकूब 5:11 समानांतर पद और संबंधित वचन
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अय्यूब 1:21 (HINIRV) »
“मैं अपनी माँ के पेट से नंगा निकला और वहीं नंगा लौट जाऊँगा; यहोवा ने दिया और यहोवा ही ने लिया; यहोवा का नाम धन्य है।” (सभो. 5:15)

निर्गमन 34:6 (HINIRV) »
और यहोवा उसके सामने होकर यों प्रचार करता हुआ चला, “यहोवा, यहोवा, परमेश्वर दयालु और अनुग्रहकारी, कोप करने में धीरजवन्त, और अति करुणामय और सत्य,

याकूब 1:12 (HINIRV) »
धन्य है वह मनुष्य, जो परीक्षा में स्थिर रहता है; क्योंकि वह खरा निकलकर जीवन का वह मुकुट पाएगा, जिसकी प्रतिज्ञा प्रभु ने अपने प्रेम करनेवालों को दी है।
मुख्य विचार: धीरज धारण करने वालों की महिमा
याकूब 5:11 में कहा गया है कि जो धीरज धारण करते हैं, वे धन्य हैं; उदाहरण के तौर पर अय्यूब का धीरज उद्धृत किया गया है ताकि हमें यह दिखे कि परमेश्वर की दया और करुणा विपरीत परिस्थितियों में भी प्रकट हो सकती है। यह पद सत्य को दृढ़ता से प्रस्तुत करता है: trials में धैर्य और विश्वास आ组织 होते हैं और परमेश्वर अपने समय पर प्रतिफल देता है।
पाठ के साहित्यिक संदर्भ पर चर्चा
याकूब के लेखन में यह विचार प्रबल है कि विश्वासी कैसे कठिनाईयों के बीच ईमानदार और नम्र रहें। यहाँ धैर्य का शब्द शब्द-शुद्ध रूप से “धीरज” है, जो टिके रहने, स्थिर रहने और प्रभु पर भरोसा बनाए रखने को दर्शाता है। उसके संदर्भ में अय्यूब का उदाहरण दिया गया है—जो कष्टों के बीच भी अपने परमेश्वर के बारे में ठोस आस्था बनाए रखते हैं—तथा यह दर्शाता है कि परमेश्वर प्रतिफल के समय पर दया दिखाता है।
धर्मशास्त्रीय महत्व
अनुशासन और मार्गदर्शन: पूर्ववर्ती टिप्पणियाँ
यानी: धीरज सिर्फ संघर्ष सहना नहीं, बल्कि हर परिस्थिति में प्रभु की सच्चाई पर टिके रहना है। यह संदेश बहुधा मत्ती-हेनरी, अल्बर्ट बर्न्स और एदम क्लार्क जैसे वैध पवित्र-ग्रंथ प्रवाचकों के विचारों में संगत है—जो बताते हैं कि कठिन समय में विश्वास को पुख्ता बनाकर रखना ही वास्तविक जीवन-समझौता है।
क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेप)
याकूब 1:3-4 में trial के साथ विश्वास की परीक्षा, और धीरज के पूर्ण होने को परखा जाना; रोम 5:3-5 में धैर्य परमेश्वर की आशा को बढ़ाता है; जेम्स 1:12 में धैर्य के साथ पूरी तरह से विजयी होने का आशीर्वाद मिलता है।
विचार-प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
याकूब 5:11 हमें याद दिलाता है कि धैर्य और विश्वास एक साथ चलते हैं। कठिन समय में भी प्रभु की करुणा प्रकट होती है, और धीरज रखकर हम अपनी आस्थाओं को दृढ़ कर लेते हैं। जैसे अय्यूब ने दिखाया, परमेश्वर क्रोध नहीं, बल्कि करुणा से प्रतिफल देता है—जो हमारे जीवन में अधिकांशतः उसी समय होता है जब हम उसे चुनते हैं।
प्रचलित उद्धरण (सार्वजनिक डोमेन टिप्पणीकारों से)
यह अनुभाग पूर्व-प्रकाशनों से प्रेरित सामान्य विवेचनाओं के अनुरूप है। नीचे उद्धृत पंक्तियाँ केवल संदर्भ के लिए, पूर्ण पाठ नहीं:
Matthew Henry: “The patience of the saint must be justified in the sight of God and men by a steady, cheerful, and continued dependence on divine Providence.”
Albert Barnes: “Patience is the exercise of trust, and the trial is for the purpose of proving the reality and strength of faith.”
Adam Clarke: “Trial educates the soul to depend upon God, and to seek him in every circumstance.”