Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
यूहन्ना 4:1 यूहन्ना 4:2 यूहन्ना 4:3 यूहन्ना 4:4 यूहन्ना 4:5 यूहन्ना 4:6 यूहन्ना 4:7 यूहन्ना 4:8 यूहन्ना 4:9 यूहन्ना 4:10 यूहन्ना 4:11 यूहन्ना 4:12 यूहन्ना 4:13 यूहन्ना 4:14 यूहन्ना 4:15 यूहन्ना 4:16 यूहन्ना 4:17 यूहन्ना 4:18 यूहन्ना 4:19 यूहन्ना 4:20 यूहन्ना 4:21 यूहन्ना 4:22 यूहन्ना 4:23 यूहन्ना 4:24 यूहन्ना 4:25 यूहन्ना 4:26 यूहन्ना 4:27 यूहन्ना 4:28 यूहन्ना 4:29 यूहन्ना 4:30 यूहन्ना 4:31 यूहन्ना 4:32 यूहन्ना 4:33 यूहन्ना 4:34 यूहन्ना 4:35 यूहन्ना 4:36 यूहन्ना 4:37 यूहन्ना 4:38 यूहन्ना 4:39 यूहन्ना 4:40 यूहन्ना 4:41 यूहन्ना 4:42 यूहन्ना 4:43 यूहन्ना 4:44 यूहन्ना 4:45 यूहन्ना 4:46 यूहन्ना 4:47 यूहन्ना 4:48 यूहन्ना 4:49 यूहन्ना 4:50 यूहन्ना 4:51 यूहन्ना 4:52 यूहन्ना 4:53 यूहन्ना 4:54



यूहन्ना 4:28 का ठिकाना और संदर्भ
तत्काल क्षण में यीशु और सामरी स्त्री के बीच चल रहे परम चर्चा-समय का प्रभाव उस समय स्पष्ट होता है। स्त्री ने व्यतीत दिन के अंत के साथ अपने घड़े को छोड़ दिया, और उसने नगर के लोगों से शहर को आकर्षित कर“What this man told me” की पंक्ति से प्रेरणा पाई—यानी उसने अनुभव किया कि जीवन के बारे में नया मार्ग सामने आया है। यह घटना एक महान बदलाव के संकेत के रूप में दर्ज होती है: भीतर की प्रभा जब बाहर की यात्रा बनकर फैलती है, तो व्यक्ति अपने सामान्य रास्तों को छोड़कर वास्तविक जीवन के दिशा-निर्देशन की ओर लौट पड़ता है।
यूहन्ना 4:28 में प्रत्यक्ष संदेश
कथन के मुताबिक स्त्री ने तुरंत घड़ा छोड़ दिया और नगर की ओर चली गई। यह क्रिया एक दृढ़ संकल्प और उद्धेश्य का प्रतीक है — वह चाहती है कि दूसरों को वही सच सुनाए जिसे उसने अनुभव किया है। घड़ा एक प्रतीक है—एक अस्थायी, सांसारिक वस्तु, जो अब उसने पीछे छोड़ दी। यह दिखाता है कि वह व्यक्तिगत अनुभव को समुदाय के साथ साझा करने के लिए तैयार है, ताकि दूसरों को भी सत्य के प्रकाश में आना संभव हो।
ईश्वर के बारे में खुलासा और विश्वास
इस प्रसंग में विश्वास का नीतिगत परिवर्तन देखा जाता है: Samaritan स्त्री ने जहाँ पहले धार्मिक परंपराओं की सीमाओं के भीतर सोच रखा था, वहीं अब उसे किसी उसे परम सत्य पथ में ले जाने वाला परमेश्वर का रहस्य दिखाई दे रहा है। यह दर्शाता है कि ईश्वर का ज्ञान फैलाने का कार्य सामान्य जन के जीवन से शुरू होकर नगर-समुदाय तक पहुँच सकता है, जब आत्मा का प्रेरक प्रभाव सक्रिय होता है।
महत्वपूर्ण शब्दों और प्रतीकों को स्पष्ट करना
- घड़ा: शारीरिक जल की आवश्यकताओं का प्रतीक, जो अब वह छोड़ देती है ताकि जीवन-प्रकाश के सूचना-आधार की ओर आंख उठे।
- नगर में जाना: व्यक्तिगत अनुभव को साझा कर समुदाय के विश्वास-चेतना को जन्म देना। यह सामाजिक-उन्नति और आध्यात्मिकक्रांति का संकेत है।
अन्य आयतियाँ (Cross-references)
प्रयुक्त पथ — आज के संदर्भ में
इस पाठ से सीख मिलती है कि व्यक्तिगत क्रिया और अनुभव को पारस्परिक साझा कीजिए। यदि हमने सच में ईश्वर के स्पर्श को समझ लिया है, तो वह अनुभूति हमारे जीवन के निर्णयों को प्रभावी बनाती है: पुराने रूटीन—जैसे घड़ा—छोड़कर हम अपने आत्म-सम्पादन और समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं। समुदाय में विश्वास विनिमय से ही जीवन-समारोह सारगर्भित होता है।
कथन-सार
जीवन की खोज में तत्काल निर्णय: अपने निजी अनुभव को साझा करके समाज के लिए प्रकाशित करना—यही इस पवित्र घटना का संदेश है।
नोट: नीचे उद्धृत महात्म्य-टिप्पणियाँ केवल तात्कालिक संदर्भ हेतु हैं।
सूत्र-उद्धरण (संक्षेप): Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणी-धाराओं से प्रेरित विचारों को समाहित करते हुए, मूल शब्दार्थ और संदर्भ के साथ एक संतुलित विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।