Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
यूहन्ना 4:1 यूहन्ना 4:2 यूहन्ना 4:3 यूहन्ना 4:4 यूहन्ना 4:5 यूहन्ना 4:6 यूहन्ना 4:7 यूहन्ना 4:8 यूहन्ना 4:9 यूहन्ना 4:10 यूहन्ना 4:11 यूहन्ना 4:12 यूहन्ना 4:13 यूहन्ना 4:14 यूहन्ना 4:15 यूहन्ना 4:16 यूहन्ना 4:17 यूहन्ना 4:18 यूहन्ना 4:19 यूहन्ना 4:20 यूहन्ना 4:21 यूहन्ना 4:22 यूहन्ना 4:23 यूहन्ना 4:24 यूहन्ना 4:25 यूहन्ना 4:26 यूहन्ना 4:27 यूहन्ना 4:28 यूहन्ना 4:29 यूहन्ना 4:30 यूहन्ना 4:31 यूहन्ना 4:32 यूहन्ना 4:33 यूहन्ना 4:34 यूहन्ना 4:35 यूहन्ना 4:36 यूहन्ना 4:37 यूहन्ना 4:38 यूहन्ना 4:39 यूहन्ना 4:40 यूहन्ना 4:41 यूहन्ना 4:42 यूहन्ना 4:43 यूहन्ना 4:44 यूहन्ना 4:45 यूहन्ना 4:46 यूहन्ना 4:47 यूहन्ना 4:48 यूहन्ना 4:49 यूहन्ना 4:50 यूहन्ना 4:51 यूहन्ना 4:52 यूहन्ना 4:53 यूहन्ना 4:54



मुख्य बिन्दु
यूहन्ना 4:3 में यह दर्शाता है कि यीशु यहूदिया से निकलकर गलील की ओर अग्रसर होते हैं, ताकि साक्षियों के समय में धार्मिक दबाव से दूर होकर उन लोगों तक संदेश ले जा सकें जो प्रधान शहरों के बाहर रहते हैं। यह कदम यह दर्शाता है कि उद्धारकर्ता अपने संदेश को व्यापक बनाने के लिए स्थान-स्थान पर भ्रमण करते हैं और लोगों के बीच सीधे संपर्क स्थापित करते हैं।
कथात्मक संदर्भ ( literary context )
यहां प्रभु यीशु अपनी यहूदिया से भूमध्यरेखा पर प्रस्थान कर गलील जाते हैं। सांकेतिक रूप से यह संकेत देता है कि उसका मिशन केवल यहूदियों के लिए नहीं, बल्कि सभी जातियों के लिए है। गलील को उसकी पुरानी सभ्यता, रोजगार और ग्रामीण परिवेश के कारण एक भीतरी बदलाव के अवसर के रूप में देखा गया है, जहां लोग सीधे संवाद में विश्वास का अनुभव कर सकते हैं।
धर्मशास्त्रीय महत्त्व
याकरुण्य और सत्य का प्रसार किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता; यीशु का यह मार्गदर्शन बताता है कि उद्धार का सन्देश व्यापक समुदायों के लिए है। यह कदम स्पष्ट करता है कि परमेश्वर का राज्य हर समाज के लिए खुला है, और ईश्वर की योजना के अनुसार साक्षात्कार का अवसर हर मोड़ पर मिलता है।
बहुवर्षीय क्रॉस-रेफरेंसेस
अनुसंधान-प्रश्न (reflection questions)
पुनर्निरीक्षण/निष्कर्ष
यूहन्ना 4:3 इस बात को रेखांकित करता है कि उद्धारकर्ता का संदेश प्रसार पर है, न कि केवल एक सीमित सभा तक। यह कदम यह दर्शाता है कि प्रभु की दृष्टि सभी लोगों के लिए खुली है, और उनकी यात्रा हर क्षेत्र में नए अवसर पैदा करती है ताकि लोग सच्चे प्रेम और जीवन के स्रोत को जान सकें।
महत्वपूर्ण उद्धरण (पूर्व-स्वीकृत वक्तव्य)
यदि लेखक चाहें तो नीचे दिए गए प्राचीन टिप्पणीकारों के संक्षिप्त विचारों को शामिल कर सकते हैं:
Matthew Henry से यदि उद्धरण आवश्यक हो तो: “...”; Albert Barnes से उद्धरण यदि देवधी हो, कृपया उचित संदर्भ दें। Adam Clarke से अगर कोई शाब्दिक वाक्यांश हो, उसे संकेत करें।
संक्षिप्त संदर्भ-आउटपुट
यह संकेत देता है कि यीशु की यात्रा पारंपरिक भ्रमण से परे जाकर नवीन क्षेत्रों में सुसमाचार फैलाने की योजना रखती है, ताकि धार्मिक पंरपरा के दबाव के बावजूद भी लोग परमेश्वर के राज्य के दिग्दर्शन से जुड़ सकें।