Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 7:1 न्यायियों 7:2 न्यायियों 7:3 न्यायियों 7:4 न्यायियों 7:5 न्यायियों 7:6 न्यायियों 7:7 न्यायियों 7:8 न्यायियों 7:9 न्यायियों 7:10 न्यायियों 7:11 न्यायियों 7:12 न्यायियों 7:13 न्यायियों 7:14 न्यायियों 7:15 न्यायियों 7:16 न्यायियों 7:17 न्यायियों 7:18 न्यायियों 7:19 न्यायियों 7:20 न्यायियों 7:21 न्यायियों 7:22 न्यायियों 7:23 न्यायियों 7:24 न्यायियों 7:25



reader-friendly overzicht (Judges 7:22)
यही अध्याय इस बात की शिक्षा देता है कि परमेश्वर की सहायता से कितनी बड़ी सफलता एकत्व और भक्ति के साथ मिल सकती है। गदंती के युद्ध के बीच गिरोहों का भय, और तीन सौ नरसिंगों के साथ विजय का असाधारण क्रम, यह बताता है कि परमेश्वर अगर चाह ले तो साधनशीर्ष भी असंभव दिखने लगते हैं। न्यायियों 7:22 में अग्नि-युद्ध की ध्वनि से शत्रु सेना आश्चर्यचकित होती है, और यहोवा की योजना के अनुसार लोगों की तलवारें एक दूसरे के ऊपर मोड़कर प्रत्यक्ष उद्धार होता है।
Verse पर दृष्टि: अध्याय की कसौटी में
इस वाक्य में गड़बड़ी-भरे भय के बीच भी देवता की प्रेरणा स्पष्ट है—यहोवा ने एक-एक पुरुष की तलवार संगी पर चलवाई और सेना सरेरा तक भाग गई। यहूदी सेना की संख्या तीन सौ थी; पर परमेश्वर ने उनका प्रभाव बढ़ाने के लिए असामान्य तरीके अपनाए। परिणामस्वरूप भय ने शत्रु को आक्रमण से रोक दिया और इजरायलों को विजयी बनाया गया।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
संदर्भ-तूलना (Cross-references)
प्रमुख व्याख्या के बिंदु
- यहोवा ने छोटे से समूह के माध्यम से बड़ा परिणाम दिए।
- भयमुक्त आस्था और निर्देशित कदमों से जीते हुओं की कहानी बार-बार प्रेरणा देती है।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
निष्कर्ष के तौर पर, Judges 7:22 हमें सिखाता है कि परमेश्वर अपने लोगों के छोटे-से कदमों से भी शानदार उद्धार कर सकता है। हम जब अपनी कमज़ोरी स्वीकार कर उसकी शक्ति की ओर देखते हैं, तब उसकी योजना सर्वथा स्पष्ट हो उठती है।
संदर्भ उद्धरण (Historical commentaries)
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke जैसी सार्वजनिक-डॉक्यूमेंटेड टिप्पणीकारों के मूल विचारों के अनुरूप, यह पाठ स्पष्ट करता है कि वीरता नहीं, बल्कि परमेश्वर के निर्देश और भरोसा विजय को संचालित करते हैं। नीचे संक्षिप्त सार यह है कि छोटे क्षण भी बड़े दैवीय हस्तक्षेप के लिए उपयुक्त मंच बन जाते हैं। उल्लेखित मौलिक लाइनें संपूर्ण पाठ-गतिभेद के बिना, पाठ के प्रवाह के साथ एकीकृत हैं।